Bihar: एक चूक से 7 दिन में 3 लड़कियां खत्म, पटना शेल्टर होम के मामले में बड़ा खुलासा

Shelter Home Girls Death: बिहार के पटना शहर में खुले आसरा गृह शेल्टर होम में 7 दिन में 3 लड़कियों की मौत का विवाद गहरा गया है। मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर 2 लोगों के खिलाफ सरकार ने कड़ी कार्रवाई भी की है। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है?

Bihar Patna Shelter Home

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Patna Shelter Home Girls Death Update: बिहार के पटना शहर में शास्त्रीनगर इलाके में खुले आसरा गृह शेल्टर होम में 7 दिन में 3 लड़कियों की मौत का मामला गहरा गया है। तीनों की मौत फूड पॉइजनिंग से हुई। मामले की जांच कर रही कमेटी ने अपनी रिपोर्ट DM चंद्रशेखर सिंह को दे दी है, जिसके आधार पर शेल्टर होमी फूड सप्लाई करने वाले और शेल्टर होम की सुपरिंटेंडेंट के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सुपरिंटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया गया है। शेल्टर होम का पूरा स्टाफ भी बदल दिया गया है। साथ ही शेल्टर होम में राशन सप्लाई करने वाली एजेंसी दीपू इंटरप्राइजेज के मालिक के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। दोनों को तलब भी किया गया है।

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फूड सैंपलों की जांच रिपोर्ट के खुलासे

वहीं शेल्टर होम के खाने के जो सैंपल जांच टीम ने लिए थे, उनकी लैब टेस्टिंग रिपोर्ट भी आ गई है, जो जांच रिपोर्ट के साथ संलग्न की गई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि लड़कियों को घटिया क्वालिटी वाला खाना परोसा जाता था। हल्दी में धीमा जहर मिला है और धनिया भी सड़ा हुआ था। हल्दी पाउडर में लेड क्रोमेट और तेल जैसा अप्राकृतिक रंग मिक्स था। हेल्दी फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड एक्ट 2006 की धारा 3 एक और 5 के तहत इस तरह का खाना हानिकारक जानलेवा खाने की कैटेगरी में आता है। यह हानिकार खाद्य पदार्थ में आता है। जो लड़कियां मरी हैं, उनका वजन भी सामान्य से काफी कम था। जो खराब और कम खाना देने के कारण हो सकता है।

8 से 13 नवंबर के बीच हुई तीनों मौत

पटना जिले के एक अधिकारी ने बताया कि पटना के शास्त्री नगर स्थित आश्रय गृह में 3 मौतों में से पहली मौत 8 नवंबर को हुई। 23 वर्षीय युवती ने अस्पताल में दम तोड़ा था। इसके बाद 10 नवंबर को 24 वर्षीय युवती और 13 नवंबर को 12 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि तीनों लड़कियां कुपोषित थी और उन्हें अन्य बीमारियां भी थीं। किराये के मकान में चलाए जा रहे इस आश्रय गृह में 50 महिलाओं को रखने की क्षमता है। पहली मौत के बाद कैदियों को दिए जाने वाले खाने में बदलाव किया गया। 8 नवंबर को पहली मौत के बाद ही सामान्य खाना बंद करके उसकी जगह खिचड़ी दी गई थी। RO वाटर प्यूरीफायर भी लगाया गया।

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शेल्टर होम में गंदगी और बदबू का आलम

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बिहार समाज कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव हरजोत कौर बमराह ने बताया कि शेल्टर होम की जांच करने पर कई जानकारियां हाथ लगीं। जांच में देखने को मिला कि शेल्टर होम में गंदगी थी। शौचालय साफ नहीं थे। घुटन और बदबू थी। महिला स्टाफ हर रोज नहाती नहीं थीं, उनके0 हाथ-पैरों पर मैल जमा था। इस शेल्टर होम में मानसिक और शारीरिक रूप से विक्षिप्त लड़कियों को रखा जाता है, जिन्हें इधर उधर से रेस्क्यू किया जाता था। विक्षिप्त लड़कियां बेड पर पेशाब करती थीं, जिसे साफ नहीं किया जाता था। पानी की टंकी में काई जमी थी। मामला सामने आने के बाद सरकार एक्शन मोड में आई और समाज कल्याण विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के शेल्टर होम की जांच के आदेश दे दिए।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

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खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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