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Bihar Weather Today: मानसून आने के बावजूद बिहार में क्यों कम हो रही बारिश? जानिए कब तक बदलेंगे हालात

Bihar Ka Mausam: पटना समेत बिहार में तापमान कम हुआ है, जिससे लोगों को गर्मी, चिलचिलाती धूप और उमस से जरूर राहत मिली है, लेकिन आखिर पूरे राज्य में उम्मीद से कम बारिश क्यों हो रही है? इसका राज़ बंगाल की खाड़ी में छिपा है.

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मुख्य बिंदु

  • हल्की बारिश और आंधी-तूफान के लिए 24 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है.
  • 5 जुलाई तक पूरे बिहार में भारी बारिश की संभावना कम है.
  • तापमान 38°C के आसपास रहने और उमस बढ़ने की आशंका है.
  • इस मॉनसून सीज़न में बिहार में सामान्य से 50% कम बारिश दर्ज की गई है.
  • बंगाल की खाड़ी से नमी की कम आपूर्ति के कारण मॉनसून की गतिविधि धीमी है.

Bihar Weather Update: भले ही दक्षिण-पश्चिम मॉनसून बिहार में आ चुका है, लेकिन मॉनसून की गतिविधि कमजोर होने के कारण उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हो रही है. राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में आसमान में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो रही है, जबकि उमस भरे मौसम के कारण लोगों का रोज़मर्रा का जीवन मुश्किल हो गया है.

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‘येलो अलर्ट’ जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को 24 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है. इसमें गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा की रफ़्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की चेतावनी दी गई है. ये अलर्ट मुख्य रूप से बिहार के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों के लिए है, जहां दिन के दौरान स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की उम्मीद है.

यहां बारिश की चेतावनी

मौसम अलर्ट वाले जिलों में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुज़फ़्फ़रपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार शामिल हैं. बाकी जिलों में मौसम के हालात ज्यादातर स्थिर रहने की उम्मीद है.

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‘रविवार के बाद बदलेंगे हालात’

मौसम विभाग के मुताबिक, 5 जुलाई तक बड़े पैमाने पर भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है. पटना और कई अन्य शहरों में दिन का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ज्यादा रह सकता है, जबकि अच्छी बारिश न होने के कारण उमस बढ़ने की आशंका है. अधिकतम तापमान में 1 से 2°C की बढ़ोतरी भी हो सकती है, जिससे दोपहर के समय हालात और ज्यादा असहज हो सकते हैं.

कम बारिश की वजह?

पिछले 24 घंटों के दौरान, बिहार में सबसे ज्यादा तापमान कैमूर में 38.5 सेल्सियस दर्ज किया गया, इसके बाद औरंगाबाद (37.7 डिग्री सेल्सियस) और गया व पश्चिमी चंपारण (37.2 डिग्री सेल्सियस) का स्थान रहा. पटना में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह कम होने के कारण मॉनसून की रफ्तार धीमी है. इसके अलावा, किसी सक्रिय कम दबाव वाले सिस्टम या मॉनसून ट्रफके न होने से भी राज्य में भारी बारिश नहीं हो पाई है.

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बारिश में कितनी कमी?

बारिश के आंकड़े भी इस सीजन में भारी कमी की तरफ इशारा करते हैं. बिहार में अब तक तकरीबन 196.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन सिर्फ 98.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो नॉर्मल से तकरीबन 50 फीसदी कम है. इस कमी का असर खेती-बाड़ी के कामों पर पड़ने लगा है, खासकर धान की बुआई और मॉनसून पर डिपेंडेंट दूसरी एक्टिविटीज गतिविधियों पर. मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम सूखा और गर्म बना रहेगा. बारिश में अच्छा सुधार तभी होने की संभावना है जब बंगाल की खाड़ी के ऊपर कोई मजबूत मौसमी सिस्टम बनेगा.

निष्कर्ष

मॉनसून के शुरू होने के बावजूद बिहार में मॉनसून कमजोर बना हुआ है, जिससे राज्य भर में बारिश कम हो रही है और उमस बढ़ रही है. हालांकि ‘येलो अलर्ट’ के तहत कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन निकट भविष्य में बड़े पैमाने पर भारी बारिश की उम्मीद नहीं है. बारिश की भारी कमी का असर पहले से ही खेती-बाड़ी पर पड़ रहा है, और मौसम विशेषज्ञों का मानना ​​है कि हालात में अच्छा सुधार आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक मजबूत लो प्रेशर सिस्टम बनने पर ही निर्भर करेगा.

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Frequently Asked Questions

मॉनसून कमजोर बना हुआ है क्योंकि बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति कम है और फिलहाल कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय नहीं है.
चौबीस जिले, मुख्य रूप से उत्तर और पूर्वी बिहार के, जिनमें मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर और पश्चिमी चंपारण शामिल हैं, अलर्ट के दायरे में हैं.
मौसम विभाग के अनुसार, कम से कम 5 जुलाई तक बड़े पैमाने पर भारी बारिश की उम्मीद नहीं है.
राज्य में सामान्य 196.1 मिमी के मुकाबले 98.4 मिमी बारिश हुई है, जिससे लगभग 50% की कमी बनी हुई है.
ज्यादा तापमान और उमस से लोगों को परेशानी हो सकती है, जबकि सामान्य से कम बारिश के कारण खेती के कामों, खासकर धान की खेती में देरी हो सकती है
First published on: Jul 04, 2026 10:54 AM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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