बिहार के 6 शहरों को बड़ा तोहफा! 400 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें और 31 बस अड्डों के आधुनिकीकरण की तैयारी; महिलाओं को भी बड़ी सौगात
Bihar Electric Buses: बिहार के छह प्रमुख शहरों में पीएम ई-बस सेवा के तहत 400 एसी इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी. जुलाई 2026 तक आने वाली इन बसों में महिलाओं के लिए 50 स्पेशल पिंक बसें भी शामिल हैं.
बिहार के 6 शहरों में दौड़ेंगी 400 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें
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Bihar e-Buses: बिहार में रोजाना बस से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बहुत ही शानदार खबर आई है. केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार को जल्द ही 400 वातानुकूलित यानी एसी इलेक्ट्रिक बसों की एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है. इस बड़े प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए बिहार राज्य रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (बीएसआरटीसी) ने बुधवार को पटना में ग्रीनसेल मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के साथ एक समझौता किया है. इस खास मौके पर बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत, परिवहन सचिव राज कुमार और राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे. इस फैसले से बिहार में बस का सफर काफी आधुनिक हो जाएगा.
इन छह बड़े शहरों को मिलेगा फायदा
ये सभी नई इलेक्ट्रिक बसें बिहार के छह सबसे प्रमुख और बड़े शहरों में चलाई जाएंगी, जिनमें राजधानी पटना के साथ गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया शामिल हैं. यात्रियों की संख्या को देखते हुए इन बसों में 35 और 42 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. योजना के पहले चरण के तहत जुलाई 2026 तक सड़कों पर शुरुआती 200 बसें उतारने की तैयारी पूरी कर ली गई है. इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें से 50 बसों को खास तौर पर ‘पिंक बस’ के रूप में तैयार किया जाएगा, जो केवल महिलाओं के लिए होंगी ताकि वे ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक तरीके से सफर कर सकें.
भीषण गर्मी के दिनों में भीड़भाड़ वाली खटारा बसों में सफर करने का दर्द हर कोई समझता है, लेकिन इन नई एसी बसों के आने से यात्रियों को उस परेशानी से मुक्ति मिल जाएगी. सुरक्षा और सुविधाओं के लिहाज से इन बसों में सीसीटीवी कैमरे, लाइव ट्रैकिंग के लिए जीपीएस, यात्रियों की मदद के लिए पैनिक बटन और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट जैसी आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं. इन बसों को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए ऊर्जा विभाग की मदद से सभी छह बड़े शहरों के बस डिपो में मजबूत चार्जिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है. हर डिपो में आठ फास्ट चार्जर लगाए जाएंगे, जो बसों को मात्र एक से डेढ़ घंटे में पूरा चार्ज कर देंगे.
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प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति और चमकाए जाएंगे 31 बस अड्डे
बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने बताया कि इस इलेक्ट्रिक बस प्रोजेक्ट के आने से शहरों में प्रदूषण का स्तर काफी कम होगा और डीजल-पेट्रोल पर निर्भरता घटेगी, जिससे पर्यावरण को बड़ा फायदा पहुंचेगा. परिवहन सचिव राज कुमार और बीएसआरटीसी के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने कहा कि यह नई सेवा बिहार के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी दुनिया के सामने एक नई और आधुनिक पहचान देगी. इसके साथ ही यात्रियों को बेहतरीन सुविधाएं देने के लिए राज्य के 31 पुराने बस डिपो और बस अड्डों को पीपीपी मॉडल के तहत चमकाकर बिल्कुल नए और आधुनिक बस टर्मिनल्स के रूप में बदला जा रहा है.