Bihar student movement: NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों को लेकर बिहार में छात्रों का आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है. बुधवार को पटना में हुए उग्र प्रदर्शन और पुलिस से टकराव के बाद गुरुवार को भी राज्य के कई जिलों में छात्र सड़कों पर उतरे. प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे. कई जगह प्रदर्शन हिंसक हुए. पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा.
गुरुवार को दरभंगा, बेगूसराय, जहानाबाद, कटिहार, शेखपुरा और मुंगेर समेत कई जिलों में छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. कहीं कलेक्ट्रेट और डीएम कार्यालय का घेराव किया तो कहीं सड़क और रेलवे ट्रैक पर उतरकर यातायात बाधित करने की कोशिश हुई. कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की, पथराव और लाठीचार्ज की स्थिति बनी.
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जहानाबाद में रेलवे ट्रैक तक पहुंचा आंदोलन
जहानाबाद में प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. इसके बावजूद प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक तक पहुंच गए और वहां से भी पथराव शुरू कर दिया.
स्थिति को नियंत्रित करने और रेलवे ट्रैक खाली कराने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस दौरान करीब 30 राउंड हवाई फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है. पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी गई.
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बेगूसराय में कलेक्ट्रेट का घेराव, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
बेगूसराय में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर दिया. कुछ छात्र गेट पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से पीछे हटने की अपील की, लेकिन स्थिति नियंत्रित नहीं होने पर लाठीचार्ज किया गया.
आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन के एक वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया. प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर रखी थी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन की भी व्यवस्था की गई थी.
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कटिहार में पथराव, नैनात मजिस्ट्रेट की आंख में चोट
कटिहार में छात्रों ने डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव बढ़ गया और पथराव की स्थिति बन गई. पथराव में मौके पर तैनात एक मजिस्ट्रेट की आंख में चोट लगने की बात सामने आई है.
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दरभंगा में विरोध मार्च, शेखपुरा-मुंगेर में भी प्रदर्शन
दरभंगा में छात्रों ने विरोध मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे. शेखपुरा में भी छात्र बैनर-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे. वहां भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई. मुंगेर में छात्रों ने जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. जिला पुलिस बल प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ चलता रहा ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके.
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पटना में दूसरे दिन भी तनाव
एक दिन पहले पटना में हुए बड़े प्रदर्शन और हिंसक झड़पों के बाद गुरुवार को भी माहौल तनावपूर्ण रहा. पटना कॉलेज और अशोक राजपथ के आसपास छात्र दोबारा सड़क पर उतरे और जाम लगाने की कोशिश की. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और बाद में कई छात्रों को हिरासत में लेकर मौके से हटाया.
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा.
पटना से शुरू हुआ टकराव अब जिलों तक फैला
बिहार में छात्र आंदोलन का दायरा अब केवल राजधानी पटना तक सीमित नहीं रहा. बुधवार की हिंसक घटनाओं के बाद गुरुवार को अलग-अलग जिलों में जिस तरह छात्र सड़कों पर उतरे, उससे साफ है कि मामला अब राज्यव्यापी राजनीतिक और कानून-व्यवस्था की चुनौती बनता जा रहा है.
एक तरफ छात्र संगठन NEET विवाद को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री को घेर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लगातार हो रहे पथराव, सरकारी संपत्ति को नुकसान और पुलिस से टकराव ने आंदोलन के स्वरूप पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. अब प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है—छात्रों के लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को सुनिश्चित करना और हिंसा व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण रखना.