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बिहार की राजनीति में जोड़-तोड़ की आहट! कांग्रेस के कार्यक्रम में नहीं शामिल हुए पार्टी के 6 विधायक

बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति का त्योहार आते ही सियासी सरगर्मियां तेज हो जाती हैं. दही-चूड़ा भोज के बहाने सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी खिचड़ी पकना कोई नई बात नहीं है. इस बार भी मकर संक्रांति के मौके पर बिहार की राजनीति में जोड़-तोड़ की आहट साफ सुनाई दे रही है. पढ़ें पटना से सौरभ कुमार की रिपोर्ट.

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Edited By : Versha Singh Updated: Jan 13, 2026 17:21
फोटो सोर्स- सोशल मीडिया

बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति का त्योहार आते ही सियासी सरगर्मियां तेज हो जाती हैं. दही-चूड़ा भोज के बहाने सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी खिचड़ी पकना कोई नई बात नहीं है. इस बार भी मकर संक्रांति के मौके पर बिहार की राजनीति में जोड़-तोड़ की आहट साफ सुनाई दे रही है.

एक तरफ जहां जेडीयू ने विपक्ष के विधायकों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं, वहीं कांग्रेस और आरजेडी के विधायकों पर बीजेपी की पैनी नजर बनी हुई है. माना जा रहा है कि आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए सभी दल अपने-अपने स्तर पर ताकत आजमाने में जुट गए हैं.

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इसी कड़ी में सोमवार को बिहार कांग्रेस की ओर से प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया. इस भोज में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम समेत कई वरिष्ठ नेता तो मौजूद रहे, लेकिन पार्टी के सभी 6 विधायक इस आयोजन से नदारद रहे.

विधायकों की गैरमौजूदगी ने सियासी हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पार्टी की ओर से यह सफाई दी गई कि किसी कारणवश विधायक भोज में शामिल नहीं हो सके, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे महज संयोग मानने को तैयार नहीं हैं.

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कांग्रेस विधायकों की अनुपस्थिति को मौजूदा सियासी उठापटक और संभावित टूट-फूट से जोड़कर देखा जा रहा है. ऐसे में दही-चूड़ा भोज, जो परंपरागत रूप से आपसी मेल-जोल का प्रतीक माना जाता है, इस बार राजनीतिक असहजता और भीतरखाने चल रही खींचतान की तस्वीर पेश करता नजर आ रहा है.

वहीं, कांग्रेस के छह विधायक हैं मनिहारी से मनोहर प्रसाद सिंह, वाल्मीकि नगर से सुरेंद्र प्रसाद, चनपटिया से अभिषेक रंजन, अररिया से अबिदुर रहमान, किशनगंज से मोहम्मद कामरुल होदा और फोर्ब्सगंज से मनोज बिस्वान.

बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के साथ शुरू हुई यह सियासी गर्माहट आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है.

First published on: Jan 13, 2026 05:20 PM

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