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ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पैरामाउंट इमोशंस सोसाइटी में शर्मनाक लापरवाही, 91 वर्षीय बुजुर्ग को स्ट्रेचर पर ले जाने को मजबूर परिवार

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सोसाइटी में मौजूद व्हील चेयर को “साफ कराने” के नाम पर करीब तीन घंटे तक उपलब्ध नहीं कराया गया. सवाल यह उठता है कि जिस सोसाइटी में हजारों लोग रहते हैं और जहां हर महीने लाखों रुपये मेंटेनेंस के नाम पर वसूले जाते हैं. पढ़िये मोहम्मद युसूफ की रिपोर्ट.

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Paramount Emotions में AOA मैनेजमेंट की बड़ी लापरवाही सामने आई है. इंसानियत और इमरजेंसी व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली इस घटना में 91 वर्षीय बुजुर्ग मरीज को समय पर व्हील चेयर तक उपलब्ध नहीं कराई गई. हालत यह रही कि परिवार को बुजुर्ग को एम्बुलेंस की स्ट्रेचर पर ही 11वीं मंजिल तक ले जाना पड़ा, जबकि मरीज के गिरने का खतरा लगातार बना रहा. पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने करीब दो घंटे पहले ही सोसाइटी मैनेजमेंट को फोन कर सूचना दे दी थी कि उनके 91 वर्षीय पिता को अस्पताल से घर लाया जा रहा है और ग्राउंड फ्लोर से फ्लैट तक पहुंचाने के लिए तत्काल व्हील चेयर की व्यवस्था की जाए. लेकिन AOA मैनेजमेंट ने समय रहते कोई इंतजाम नहीं किया.

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सोसाइटी में मौजूद व्हील चेयर को “साफ कराने” के नाम पर करीब तीन घंटे तक उपलब्ध नहीं कराया गया. सवाल यह उठता है कि जिस सोसाइटी में हजारों लोग रहते हैं और जहां हर महीने लाखों रुपये मेंटेनेंस के नाम पर वसूले जाते हैं, वहां एक बेसिक इमरजेंसी सुविधा तक समय पर क्यों उपलब्ध नहीं हो सकी?

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परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने स्टेट मैनेजर से इस गंभीर लापरवाही की शिकायत की तो समाधान देने के बजाय मैनेजर ने हेकड़ी दिखानी शुरू कर दी. वहीं, जब इस मामले में AOA प्रेसिडेंट विवेक से बात की गई तो उनका गैर-जिम्मेदाराना बयान सामने आया. उन्होंने कहा कि ‘इंतजाम करने में थोड़ा वक्त लगेगा.’ अब सवाल यह है कि अगर किसी बुजुर्ग मरीज की हालत और गंभीर होती या रास्ते में कोई हादसा हो जाता तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? क्या हाईराइज सोसाइटीज में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और इमरजेंसी सुविधाएं केवल कागजों तक सीमित हैं?

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इस पूरे मामले को लेकर रेजिडेंट्स में भारी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि AOA केवल मेंटेनेंस वसूली तक सीमित होकर रह गई है, जबकि मूलभूत सुविधाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं की हालत बदहाल है. मामले की शिकायत प्राधिकरण और जिला प्रशासन तक पहुंचा दी गई है. प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मामले में संज्ञान लेने और जांच कराने का आश्वासन दिया है.

First published on: May 08, 2026 05:01 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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