RCB vs DC WPL 2024 Final: रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम महिला प्रीमियर लीग का खिताब उठाने से सिर्फ एक कदम दूर है। बैंगलोर ने मुंबई को लगातार 2 नॉकआउट मैच में धूल चटाकर फाइनल में जगह बना ली है। बीते दिन स्मृति मंधना की सेना ने रोमांचक मुकाबले में मुंबई इंडियंस को हराकर इतिहास रच दिया था। आरसीबी ने इस मैच में मुंबई के खिलाफ जो स्कोर डिफेंड किया है, वह डब्ल्यूपीएल इतिहास का सबसे छोटा स्कोर था। जब आरसीबी ने मुंबई के खिलाफ 20 ओवर में सिर्फ 135 रन बनाया था, तो लगा की मुंबई इस मुकाबले को आसानी से अपने नाम कर फाइनल में जगह बना लेगी, लेकिन आरसीबी इस छोटे स्कोर को बचाने में कामयाब रही। अब करोड़ो फैंस का ध्यान 17 मार्च को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ होने वाले फाइनल मैच पर है।
विराट कोहली का भी सपना होगा पूरा
आरसीबी और दिल्ली के बीच डब्ल्यूपीएल 2024 का फाइनल मैच दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला बेहद ही रोमांचक होने वाला है। इस सीजन डब्ल्यूपीएल की नई विनर टीम होगी। दिल्ली और आरसीबी अभी तक एक भी खिताब नहीं जीत पाई है, अब देखने वाली बात होगी की फाइनल मुकाबले में कौन अपना परचम लहराती है। आईपीएल की टीम आरसीबी के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली का भी सपना है कि आरसीबी ट्रॉफी जीते। आईपीएल साल 2008 से ही खेला जा रहा है, लेकिन आज तक कोहली का ट्रॉफी जीतने का सपना पूरा नहीं हो सका है। अब कोहली का सपना स्मृति मंधना पूरा कर सकतीं है।
16 साल का सूखा होगा खत्म
डब्ल्यूपीएल में अगर आरसीबी की जीत होती है, इससे 16 साल का सूखा खत्म हो जाएगा। 2008 से ही आरसीबी के करोड़ों फैंस इस इंतजार में है कि उनकी टीम एक बार तो ट्रॉफी जीते। लेकिन विराट कोहली की टीम अभी तक यह करने में असफल रही है। अब डब्ल्यूपीएल 2024 में आरसीबी के जीतते ही, उन करोड़ों फैंस के सपने भी पूरे हो जाएंगे।
एलिसे पेरी बन रहीं संकटमोचक
बैंगलोर की ऑलराउंडर खिलाड़ी एलिसे पेरी कमाल की फॉर्म में चल रहीं है। खिलाड़ी ने पहले तो नॉकआउट लीग मैच में मुंबई को हराने में अहम योगदान निभाया, इसके बाद उन्होंने एलिमिनेटर मैच में भी धमाकेदार पारी खेलीं। इस कारण से पेरी को दोनों मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। खिलाड़ी ने पहले तो मुंबई के खिलाफ लीग मैच में 4 ओवर में महज 15 रन देकर 6 विकेट लीं थी। इसके बाद उन्होंने बल्ले से भी 40 प्लस स्कोर किया था। इसके बाद एलिमिनेटर मैच में भी पेरी ने बल्लेबाजी में बिखरती हुई आरसीबी को संभाला और 50 गेंदों में 66 रन बनाईं इसके कारण बंगलोर की टीम फाइनल में जगह बना पाई है।