Who is Gulveer Singh: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लॉन्ग-डिस्टेंस स्टार गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. गुलवीर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में 10,000 मीटर रेस में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं. उनके लिए यहां तक सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा है. 27 वर्षीय गुलवीर ने भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए दौड़ना शुरू किया था, जिसके दम पर उन्होंने सेना में नौकरी पाई और अब कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है.
गुलवीर सिंह ने सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 10,000 मीटर रेस में भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत गुलवीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. गुलवीर आखिरी लैप की शुरुआत में चौथे स्थान पर थे, लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए अपनी गति बढ़ाई और 27 मिनट 49.78 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर फिनिश किया.
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गुलवीर गोल्ड जीतने वाले ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन से महज 0.85 सेकंड पीछे रहे. इसी के साथ गुलवीर इस स्पर्धा में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं. यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में मेंस 10 हजार मीटर की रेस में भारत का पहला मेडल है.
Gulveer Singh creates history, becoming the first Indian to win a Commonwealth Games medal in the Men's 10,000m with a brilliant silver medal finish. 👏
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 28, 2026
कौन हैं गुलवीर सिंह?
गुलवीर सिंह का जन्म 1 जून 1998 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव में एक किसान परिवार में हुआ था. बचपन से ही गुलवीर का सपना भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का था. इसी लक्ष्य के साथ उन्होंने दौड़ना शुरू किया और आगरा में हुई सेना भर्ती के दौरान फिजिकल टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर साल 2018 में भारतीय सेना का हिस्सा बन गए.
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सेना में भर्ती होने के बाद उनकी पहली तैनाती अरुणाचल प्रदेश में हुई. पहाड़ी इलाकों में प्रशिक्षण और कठिन परिस्थितियों में दौड़ने से उनकी सहनशक्ति और फिटनेस में जबरदस्त सुधार हुआ. यहीं से उन्होंने लंबी दूरी की दौड़ में करियर बनाने की दिशा में गंभीरता से कदम बढ़ाए. वर्तमान में गुलवीर भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं.
फेडरेशन कप में जीता था पहला मेडल
गुलवीर सिंह के एथलेटिक्स करियर का बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्होंने फेडरेशन कप की 10,000 मीटर की रेस में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. यह उनके करियर का पहला नेशनल लेवल का मेडल था, जिसकी बदौलत उन्हें भारतीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर (नेशनल कैंप) में जगह मिली.
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गुलवीर की प्रतिभा को देखते हुए भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने उन्हें अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में प्रसिद्ध कोच स्कॉट सिमंस के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग का मौका दिया. वहीं, सेना में उनके कोच यूनिस खान ने भी उनकी प्रतिभा को निखारने और इंटरनेशनल लेवल का धावक बनाने में अहम भूमिका निभाई.
गुलवीर सिंह भारत के सबसे सफल लंबी दूरी के धावकों में गिने जाते हैं. गुलवीर के नाम 5,000 मीटर, 10,000 मीटर और हाफ मैराथन में नेशनल रिकॉर्ड दर्ज हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 10,000 मीटर की रेस में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने भारत के लिए अपना 5वां बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक हासिल किया है. इससे पहले उन्होंने 2022 एशियन गेम्स में 10,000 मीटर स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था.
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इसके अलावा, 2025 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा. वहीं, 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर की रेस में ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम किया था.