Vaibhav Suryavanshi: राजस्थान रॉयल्स के स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के कोच मनीष ओझा ने कहा है कि जब 14 साल के वैभव सूर्यवंशी जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मैच खेलने उतरे तो दर्शकों से भरे मैदान में ओपनिंग करते वक्त उनकी धड़कनें तेज हो रही थीं। 14 साल के आत्मविश्वास से भरे और मासूम चेहरे वाले खिलाड़ी सूर्यवंशी शनिवार 19 अप्रैल को जयपुर में लखनऊ के खिलाफ राजस्थान की टीम से खेलते हुए आईपीएल में खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।
मनीष ओझा ने कही ये बात
वैभव सूर्यवंशी के कोच मनीष ओझा ने क्रिकेटनेक्स्ट से बात करते हुए कहा, “जब वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया तो हम पहले से ही बहुत खुश थे। जब वह इतनी बड़ी भीड़ के सामने जायसवाल के साथ बल्लेबाजी करने आया तो मेरी धड़कनें तेज हो रही थीं, लेकिन मुझे इस बात पर गर्व है कि वैभव सिर्फ 14 साल की उम्र में इतने बड़े स्तर तक पहुंच गया।” ओझा ने कहा, “जब उसने पहली गेंद पर छक्का मारा, तो यह बिलकुल अविश्वसनीय था। एक कोच के तौर पर मुझे इस बात की चिंता थी कि वह अपने डेब्यू मैच में कैसा प्रदर्शन करेगा। यह मेरे लिए एक रोमांचक और गर्व का पल था।”
9 साल की उम्र से दे रहे हैं कोचिंग
वैभव सूर्यवंशी ने चेहरे पर दृढ़ निश्चय के साथ लखनऊ के तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर के पहले ओवर की चौथी गेंद पर पहली ही गेंद पर जोरदार छक्का मारा, जिससे दर्शकों में जोश भर गया। कोच मनीष ओझा ने बताया, “जब वैभव नौ साल का था, तब वह मेरे पास कोचिंग के लिए आया था। उसके गांव समस्तीपुर से पटना लगभग 100 किलोमीटर दूर है और वह हर दूसरे दिन मेरी कोचिंग क्लास में आता था।”
ओझा ने आगे कहा, “वैभव सुबह 7:30 बजे से ट्रेनिंग शुरू कर देता था और शाम तक ट्रेनिंग करता रहता था, फिर घर वापस चला जाता था। वह चार साल से इसी शेड्यूल पर काम कर रहा है।” वैभव ने जिस गेंद पर छक्का मारा, वह एक्स्ट्रा कवर बाउंड्री के ऊपर से निकल गई और कैमरा राजस्थान के डगआउट की ओर गया, जहां चोटिल कप्तान संजू सैमसन के चेहरे पर मुस्कान थी।