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इस वर्ल्ड चैंपियन भारतीय दिग्गज ने बता दी टी-20 में टीम इंडिया की नाकामी की वजह, क्या गंभीर मानेंगे उनकी सलाह?

IND vs SA: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरे टी-20 इंटरनेशनल मैच के दौरान टीम इंडिया के बैटर्स की नाकामी खुलकर सामने आई है. लाइन अप में इतने सारे चेंजेज को लेकर रॉबिन उथप्पा ने सवाल उठाए हैं.

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Robin Uthappa On Team India Batting: टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और टी-20 वर्ल्ड कप 2007 के चैंपियन रॉबिन उथप्पा ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में खत्म हुए दूसरे T20I मैच में टीम इंडिया के बैटिंग ऑर्डर की बड़ी परेशानी को बताया है. भारत ये मैच न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 51 रनों के बड़े अंतर से हार गया. सूर्य की सेना प्रोटियाज की तरफ से दिए गए 215 रनों के टारगेट का पीछा करने में नाकाम रही. इसके बारे में उथप्पा का मानना ​​है कि ये खास तौर से बैटिंग की नाकामी के कारण हुआ.

अक्षर को पहले भेजने पर सवाल

पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज ने कहा कि किसी भी टीम के लिए शुरुआती विकेट गंवाना हमेशा समझ में आता है, लेकिन इसके लिए बैटिंग ऑर्डर में बड़ा बदलाव करना अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा हो सकता है. जहां अक्षर पटेल अपनी यूजुअल लोअर-मिडिल ऑर्डर पोजीशन से ऊपर आकर तीसरे नंबर पर बैटिंग करने आए, वहीं उथप्पा को लगता है कि ऑलराउंडर उस रोल को निभाने के आदी नहीं थे, जिसके कारण आखिरकार मैच हार गए.

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चेज करने में परेशानी

उथप्पा ने कहा, ‘आप शुरुआती विकेट गंवा सकते हैं, लेकिन मेरे लिए असली परेशानी शुभमन गिल के आउट होने के बाद बैटिंग की रणनीति थी. अगर अक्षर पटेल इतने डीप बैटिंग लाइन-अप के साथ उस स्टेज पर आ रहे हैं, तो उन्हें एक पिंच-हिटर के तौर पर खेलना होगा, कोई ऐसा जिस पर आप जल्दी रन बनाने और अभिषेक शर्मा पर से दबाव हटाने के लिए शुरुआती जोखिम उठाने को तैयार हों. इसके बजाय, उनके 21 गेंदों में 21 रन उस मकसद को पूरा नहीं कर पाए, और जैसे-जैसे उनके आसपास विकेट गिरते गए, उन्हें अपना तरीका बदलना पड़ा और धीमा होना पड़ा, जिससे चेज में नुकसान हुआ.’

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बैटिंग पोजीशन चेंज करने में दिक्कत क्या?

क्रिकेटर से कमेंटेटर बने इस खिलाड़ी ने आगे कहा कि एक फ्लेक्सिबल लाइन-अप तभी काम कर सकता है जब बल्लेबाजों को अपने रोल्स के बारे में पता हो. उन्हें लगता है कि जब खिलाड़ियों को कई पोजीशन पर बैटिंग करने के लिए कहा जाता है, तो इससे स्थिति जटिल हो जाती है, और आखिरकार हार होती है. उन्होंने ये कहते हुए बात खत्म की कि सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम थोड़ी ज्यादा फ्लेक्सिबल हो रही थी.

‘ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी ठीक नहीं’

उथप्पा ने आगे कहा, ‘इंटरनेशनल लेवल पर, बल्लेबाजों को साफ रोल और ये साफ आइडिया होना चाहिए कि वे कैसे एक इनिंग बनाएंगे. पहले 6 से 8 ओवर के बाद मैच-अप के साथ फ्लेक्सिबिलिटी ठीक है, लेकिन बड़ा स्कोर चेज करने से पहले आपको एक मजबूत नींव की जरूरत होती है – आप बिना बेस के गगनचुंबी इमारत नहीं बना सकते. खिलाड़ियों से एक ही गेम में कई रोल के लिए तैयार रहने के लिए कहना रन बनाना और मुश्किल बना देता है, और यहीं पर भारत चूक कर रहा है. मैं ओपनर्स के अलावा इनिंग की शुरुआत में इतनी ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी से सहमत नहीं हूं.’

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धर्मशाला में तीसरा मैच

5 मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज में भारत के दूसरा मैच हारने के बाद, सीरीज अभी 1-1 से बराबर है, और 3 मैच बाकी हैं. अगला तीसरा T20I रविवार, 14 दिसंबर को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा. ये देखना दिलचस्प होगा कि इस मैच में मेजबान टीम के बैटिंग ऑर्डर में कोई बदलाव होता है या नहीं. टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर अपने केकेआर के पुराने साथ रॉबिन उथप्पा की सलाह मानेंगे या नहीं ये देखने वाली बात होगी.

First published on: Dec 13, 2025 12:07 PM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वो स्पोर्ट्स की खबरें लिखते हैं. हालांकि उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है. 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत करने के बाद, वो दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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