Jammu Kashmir Ranji Trophy 2025-2026: 28 फरवरी को जम्मू कश्मीर क्रिकेट टीम ने रणजी ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया. अपने 67 साल के इतिहास में कश्मीर ने पहली ट्रॉफी अपने नाम की. फाइनल में 8 बार की रणजी विजेता कर्नाटक को जम्मू कश्मीर ने हराया. जम्मू कश्मीर के खिलाड़ियों ने तो शानदार प्रदर्शन किया ही, लेकिन जीत के असली नायक अजय शर्मा हैं, जिन्होंने कश्मीर के लिए शानदार काम किया. अजय शर्मा की कहानी अपने आप में एक प्रेरणा है.
जीत के असली नायक अजय शर्मा
अजय शर्मा 80 और 90 के दशक के दमदार बल्लेबाज थे. उन्होंने अपनी दमदार बल्लेबाजी के दम पर भारत के लिए खेला. हालांकि कुछ दिन बाद मैच फिक्सिंग मामले में उनका नाम आता है और कोर्ट उन्हें लाइफटाइम के लिए क्रिकेट से बैन कर देती है. इसके बाद अजय 14 साल सेंट्रल वेयरहाउस कार्पोरेशन में काम करते हैं. लेकिन कोर्ट में अपनी लड़ाई लड़ते रहते हैं. साल 2014 में आखिरकार कोर्ट ने उनपर से बैन हटाया. इसके बाद वह एक ट्रस्ट की क्रिकेट अकादमी में कोचिंग देते हैं.
इसके बाद वह दिल्ली की अंडर 19 टीम के कोच बनते हैं. इसके बाद मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास का उन्हें कॉल जाता है, जो उन दिनों जम्मू कश्मीर के क्रिकेट डेवलेपमेंट हेड हुआ करते थे. उन्होंने जम्मू कश्मीर टीम का कोच बनने के लिए उन्हें ऑफर किया.
ये भी पढ़ें: पाकिस्तान से हार के बाद श्रीलंका क्रिकेट में खलबली, हेड कोच सनथ जयसूर्या ने किया पद छोड़ने का फैसला!
लेकिन थोड़ी हिचक के साथ अजय जम्मू कश्मीर टीम के मुख्य कोच बने. शुरुआत में टीम के खिलाड़ी अजय शर्मा के तौर तरीके को पसंद नहीं करते थे, क्योंकि अजय को टीम में स्टार कल्चर पसंद नहीं था. एक सीजन के बाद टीम के खिलाड़ी अजय शर्मा के खिलाफ शिकायत करते हैं. फिर अजय की बीवी उन्हें खिलाड़ियों से प्यार और अपने बच्चों की तरह ट्रीट करने की सलाह देती हैं. इसके बाद अजय कोचिंग मेथड नहीं बदलते हैं लेकिन हां वह अपनी बातचीच के तरीके में बदलाव लाते हैं.
जम्मू कश्मीर के खिलाड़ियों की खुली आंखें
इसके बाद 2024-25 सीजन में अजय शर्मा की मुलाकात एयपोर्ट पर लक्ष्मीपति बलाजी के साथ अचानक होती है. वह अजय को देखते ही कहते हैं ओह 'फादर ऑफ सेंचुरी'.इसके बाद जम्मू कश्मीर के खिलाड़ियों का उनके प्रति सम्मान बढ़ जाता है और वह अजय शर्मा को गूगल पर सर्च करते हैं. तब उन्हें पता चलता है कि उनका कोच अजय शर्मा फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 38 शतक ठोक चुका है. इसके साथ ही उन्होंने 129 फर्स्ट क्लास मैच में 10120 रन भी बनाए हैं. इसके अलावा भारत के लिए उन्होंने 1 टेस्ट और 31 वनडे खेले हैं. तब जम्मू कश्मीर के खिलाड़ियों में अजय को लेकर इज्जत और बढ़ जाती है और आज इस कोच ने जम्मू कश्मीर को रणजी ट्रॉफी 2025-26 जिताने में अहम किरदार प्ले किया.
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Jammu Kashmir Ranji Trophy 2025-2026: 28 फरवरी को जम्मू कश्मीर क्रिकेट टीम ने रणजी ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया. अपने 67 साल के इतिहास में कश्मीर ने पहली ट्रॉफी अपने नाम की. फाइनल में 8 बार की रणजी विजेता कर्नाटक को जम्मू कश्मीर ने हराया. जम्मू कश्मीर के खिलाड़ियों ने तो शानदार प्रदर्शन किया ही, लेकिन जीत के असली नायक अजय शर्मा हैं, जिन्होंने कश्मीर के लिए शानदार काम किया. अजय शर्मा की कहानी अपने आप में एक प्रेरणा है.
जीत के असली नायक अजय शर्मा
अजय शर्मा 80 और 90 के दशक के दमदार बल्लेबाज थे. उन्होंने अपनी दमदार बल्लेबाजी के दम पर भारत के लिए खेला. हालांकि कुछ दिन बाद मैच फिक्सिंग मामले में उनका नाम आता है और कोर्ट उन्हें लाइफटाइम के लिए क्रिकेट से बैन कर देती है. इसके बाद अजय 14 साल सेंट्रल वेयरहाउस कार्पोरेशन में काम करते हैं. लेकिन कोर्ट में अपनी लड़ाई लड़ते रहते हैं. साल 2014 में आखिरकार कोर्ट ने उनपर से बैन हटाया. इसके बाद वह एक ट्रस्ट की क्रिकेट अकादमी में कोचिंग देते हैं.
इसके बाद वह दिल्ली की अंडर 19 टीम के कोच बनते हैं. इसके बाद मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास का उन्हें कॉल जाता है, जो उन दिनों जम्मू कश्मीर के क्रिकेट डेवलेपमेंट हेड हुआ करते थे. उन्होंने जम्मू कश्मीर टीम का कोच बनने के लिए उन्हें ऑफर किया.
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लेकिन थोड़ी हिचक के साथ अजय जम्मू कश्मीर टीम के मुख्य कोच बने. शुरुआत में टीम के खिलाड़ी अजय शर्मा के तौर तरीके को पसंद नहीं करते थे, क्योंकि अजय को टीम में स्टार कल्चर पसंद नहीं था. एक सीजन के बाद टीम के खिलाड़ी अजय शर्मा के खिलाफ शिकायत करते हैं. फिर अजय की बीवी उन्हें खिलाड़ियों से प्यार और अपने बच्चों की तरह ट्रीट करने की सलाह देती हैं. इसके बाद अजय कोचिंग मेथड नहीं बदलते हैं लेकिन हां वह अपनी बातचीच के तरीके में बदलाव लाते हैं.
जम्मू कश्मीर के खिलाड़ियों की खुली आंखें
इसके बाद 2024-25 सीजन में अजय शर्मा की मुलाकात एयपोर्ट पर लक्ष्मीपति बलाजी के साथ अचानक होती है. वह अजय को देखते ही कहते हैं ओह ‘फादर ऑफ सेंचुरी’.इसके बाद जम्मू कश्मीर के खिलाड़ियों का उनके प्रति सम्मान बढ़ जाता है और वह अजय शर्मा को गूगल पर सर्च करते हैं. तब उन्हें पता चलता है कि उनका कोच अजय शर्मा फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 38 शतक ठोक चुका है. इसके साथ ही उन्होंने 129 फर्स्ट क्लास मैच में 10120 रन भी बनाए हैं. इसके अलावा भारत के लिए उन्होंने 1 टेस्ट और 31 वनडे खेले हैं. तब जम्मू कश्मीर के खिलाड़ियों में अजय को लेकर इज्जत और बढ़ जाती है और आज इस कोच ने जम्मू कश्मीर को रणजी ट्रॉफी 2025-26 जिताने में अहम किरदार प्ले किया.
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