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‘सिर्फ 7 घंटे…’: क्या थी टीम इंडिया के रियल ‘कबीर खान’ की वो स्पीच? जिसे सुनकर भारत की बेटियों ने रचा इतिहास

फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. युवा बल्लेबाज शफाली वर्मा ने ताबड़तोड़ 87 रन बनाए, जबकि ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने 58 रनों की उपयोगी पारी खेली.

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Womens World Cup 2025: हरमनप्रीत की सेना रविवार को वो इतिहास रच दिया, जिसे देखने के लिए पूरा भारत टीवी पर अपनी नजरें गड़ाए बैठा था. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बीते रविवार अपना पहला विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया. विरोधी टीम साउथ अफ्रीका के साथ नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइलन मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 299 रनों का लक्ष्य रखा. इस टार्गेट का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका की महिला टीम सिर्फ 246 रनों पर ही सिमट गई. इस एतिहासिक जीत का श्रेय ना सिर्फ भारतीय महिला खिलाड़ियों को जाता है, बल्कि टीम के कोच अमोल मजूमदार की भी खूब तारीफ हो रही है. फाइलन मैच खेलने उतरी इंडियन टीम में जोश भरने के लिए उन्होंने कुछ ऐसा कहा, जिसके लिए उन्हें ‘कबीर खान’ का टाइटल दिया जा रहा है.

चैंपियन टीम के ‘कबीर खान’ बने मजूमदार


शाहरुख खान की फिल्म ‘चक दे इंडिया’ का फेमस डायलॉग ’70 मिनट’ तो आपने सुना ही होगा. अगर नहीं सुना तो यूट्यूब पर सर्च करके देख सकते हैं. फिल्म में महिला हॉकी टीम को कोच कबीर खान (शाहरुख खान) की दी हुई ये स्पीच इतनी धांसू होती है कि खिलाड़ियों में अलग ही जोश आ जाता है. ऐसा ही कुछ अपनी टीम के लिए कोच अमोल मजूमदार ने किया. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल से कुछ घंटे पहले टीम हडल में उन्होंने कहा, ‘सात घंटे के लिए हम सारी शोरगुल से दूर रहेंगे, अपना खुद का बबल बनाएंगे और खुद अपनी कहानी लिखेंगे.’ मजूमदार उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि बाहरी दबाव और शोर से दूर रहकर, केवल खेल पर ध्यान केंद्रित करें और इतिहास रचें. अपने कोच की ऐसी स्पीच सुनकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम में भी अलग जोश आ गया.

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भावुक हो उठे कोच मजूमदार


जब भारतीय महिला टीम ने वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया तो कोच मजूमदार भी भावुक हो उठे. उन्होंने कहा, ‘मुझे अभी तक यकीन नहीं हो रहा, यह एक अविश्वसनीय उपलब्धि है. इन खिलाड़ियों ने हर भारतीय को गर्व महसूस करवाया है. उन्होंने बेहद मेहनत की और यह जीत उसी का फल है. हमने पिछली हारों को हार नहीं माना, बल्कि उन मुकाबलों को देखा जिन्हें हम बस पूरा नहीं कर पाए. पूरी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया और आखिरकार हम विश्व चैंपियन बने. यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक पल है.’

शफाली और दीप्ति की शानदार पारियां


फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. युवा बल्लेबाज शफाली वर्मा ने ताबड़तोड़ 87 रन बनाए, जबकि ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने 58 रनों की उपयोगी पारी खेली. दोनों ने मिलकर भारत की जीत की नींव रखी. जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 45.3 ओवर में 246 रन पर ऑलआउट हो गई. कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट ने 101 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सकीं.

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First published on: Nov 03, 2025 11:05 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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