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IPL 2026: पृथ्वी शॉ दिल्ली कैपिटल्स की प्लेइंग 11 में अब तक क्यों नहीं हो पाए शामिल?
Prithvi Shaw's Chances In IPL 2026: आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी ने पृथ्वी शॉ को कमबैक का चांस देते हुए उन्हें 75 लाख रुपये की बेस प्राइस में खरीदा था, लेकिन 19वें सीजन में उन्हें अब तक डीसी की प्लेइंग 11 में शामिल नहीं किया गया है, आखिर इसकी वजह क्या है?
हाइलाइट्स
News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया
पृथ्वी शॉ के IPL 2026 में न खेलने के कारण
दिल्ली कैपिटल्स ने केएल राहुल और पथुम निसांका को नई ओपनिंग जोड़ी के रूप में चुना है, जो स्थिरता प्रदान करती है।
युवा खिलाड़ी समीर रिजवी ने लगातार 2 अर्धशतक बनाकर टीम में अपनी जगह मजबूत की है, जिससे शॉ के अवसर कम हुए।
टीम एक स्थिर और लचीली बल्लेबाजी इकाई बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें शॉ के आक्रामक अंदाज में निरंतरता की कमी देखी गई है।
आगे की संभावनाएं
टूर्नामेंट बढ़ने पर टीम द्वारा खिलाड़ियों को रोटेट करने या बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करने पर शॉ को खेलने के मौके मिल सकते हैं।
Why Is Prithvi Shaw Not Playing In IPL 2026: आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स की प्लेइंग 11 से पृथ्वी शॉ का बाहर रहना फैंस के बीच कई सवाल खड़े कर रहा है. एक वक्त टीम के मेन ओपनर माने जाने वाले इस बैटर को टीम की रणनीति और टीम के अंदर कड़ी टक्कर की वजह से, इस सीजन के शुरुआती मैच बेंच पर ही बिताने पड़े हैं, जो काफी हैरानी की बात है.
पृथ्वी के बेंच पर बैठने की वजह
1. ओपनिंग बैटर्स
पृथ्वी शॉ को टीम से बाहर रखने की एक अहम वजह टीम मैनेजमेंट की पसंद की नई ओपनिंग जोड़ी है. दिल्ली कैपिटल्स ने बैटिंग ऑर्डर में सबसे ऊपर अनुभवी केएल राहुल के साथ श्रीलंकाई बल्लेबाज पथुम निसांका को चुना है. ये जोड़ी स्टेबिलिटी और तकनीक का एक अच्छा मेल देती है, जिसे टीम मैनेजमेंट पावरप्ले के लिए बहुत जरूरी मानता है. चूंकि ये दोनों खिलाड़ी टीम को ठोस शुरुआत दे रहे हैं, इसलिए प्लेइंग 11 में शॉ के लिए जगह बनाने की गुंजाइश बहुत कम रह गई है.
2. समीर रिजवी फैक्टर
पृथ्वी शॉ के खेलने के मौकों पर असर डालने वाला एक और बड़ा फैक्टर यंग प्लेयर समीर रिजवी का उभरना है. मिडिल-ऑर्डर के इस बल्लेबाज ने जबरदस्त फॉर्म दिखाई है; उन्होंने लगातार 2 हाफ-सेंचुरी बनाकर टीम में अपनी जगह और मजबूत कर ली है. उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की वजह से टीम मैनेजमेंट के लिए बैटिंग लाइनअप में कोई बदलाव करना मुश्किल हो गया है, जिससे शॉ के खेलने के मौके और भी कम हो गए हैं.
3. टीम की जरूरत
इसके अलावा टीम का बैलेंस और कॉम्बिनेशन ने भी इसमें एक अहम भूमिका निभाई है. ऐसा लगता है कि दिल्ली कैपिटल्स एक ज्यादा स्थिर और लचीली बैटिंग यूनिट बनाने पर ध्यान दे रही है, जिसमें खिलाड़ी मैच की अलग-अलग स्थितियों के हिसाब से खुद को ढाल सकें. शॉ का आक्रामक खेलने का अंदाज, भले ही असरदार हो, लेकिन कभी-कभी उसमें निरंतरता की कमी दिखती है; शायद इसी वजह से टीम ने सीजन की शुरुआत में ज्यादा भरोसेमंद विकल्पों को चुनने का फैसला किया हो.
कुल मिलाकर पृथ्वी शॉ का टीम से बाहर रहना उनके टैलेंट की कमी की वजह से नहीं है, बल्कि ये टीम की रणनीति, टीम के अंदर की टक्कर और दूसरे खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म का नतीजा है. जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, अगर टीम खिलाड़ियों को रोटेट करने या अपनी बैटिंग की जोड़ियों में बदलाव करने का फैसला करती है, तो शॉ को अभी भी खेलने के मौके मिल सकते हैं.
Why Is Prithvi Shaw Not Playing In IPL 2026: आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स की प्लेइंग 11 से पृथ्वी शॉ का बाहर रहना फैंस के बीच कई सवाल खड़े कर रहा है. एक वक्त टीम के मेन ओपनर माने जाने वाले इस बैटर को टीम की रणनीति और टीम के अंदर कड़ी टक्कर की वजह से, इस सीजन के शुरुआती मैच बेंच पर ही बिताने पड़े हैं, जो काफी हैरानी की बात है.
पृथ्वी के बेंच पर बैठने की वजह
1. ओपनिंग बैटर्स
पृथ्वी शॉ को टीम से बाहर रखने की एक अहम वजह टीम मैनेजमेंट की पसंद की नई ओपनिंग जोड़ी है. दिल्ली कैपिटल्स ने बैटिंग ऑर्डर में सबसे ऊपर अनुभवी केएल राहुल के साथ श्रीलंकाई बल्लेबाज पथुम निसांका को चुना है. ये जोड़ी स्टेबिलिटी और तकनीक का एक अच्छा मेल देती है, जिसे टीम मैनेजमेंट पावरप्ले के लिए बहुत जरूरी मानता है. चूंकि ये दोनों खिलाड़ी टीम को ठोस शुरुआत दे रहे हैं, इसलिए प्लेइंग 11 में शॉ के लिए जगह बनाने की गुंजाइश बहुत कम रह गई है.
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2. समीर रिजवी फैक्टर
पृथ्वी शॉ के खेलने के मौकों पर असर डालने वाला एक और बड़ा फैक्टर यंग प्लेयर समीर रिजवी का उभरना है. मिडिल-ऑर्डर के इस बल्लेबाज ने जबरदस्त फॉर्म दिखाई है; उन्होंने लगातार 2 हाफ-सेंचुरी बनाकर टीम में अपनी जगह और मजबूत कर ली है. उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की वजह से टीम मैनेजमेंट के लिए बैटिंग लाइनअप में कोई बदलाव करना मुश्किल हो गया है, जिससे शॉ के खेलने के मौके और भी कम हो गए हैं.
3. टीम की जरूरत
इसके अलावा टीम का बैलेंस और कॉम्बिनेशन ने भी इसमें एक अहम भूमिका निभाई है. ऐसा लगता है कि दिल्ली कैपिटल्स एक ज्यादा स्थिर और लचीली बैटिंग यूनिट बनाने पर ध्यान दे रही है, जिसमें खिलाड़ी मैच की अलग-अलग स्थितियों के हिसाब से खुद को ढाल सकें. शॉ का आक्रामक खेलने का अंदाज, भले ही असरदार हो, लेकिन कभी-कभी उसमें निरंतरता की कमी दिखती है; शायद इसी वजह से टीम ने सीजन की शुरुआत में ज्यादा भरोसेमंद विकल्पों को चुनने का फैसला किया हो.
कुल मिलाकर पृथ्वी शॉ का टीम से बाहर रहना उनके टैलेंट की कमी की वजह से नहीं है, बल्कि ये टीम की रणनीति, टीम के अंदर की टक्कर और दूसरे खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म का नतीजा है. जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, अगर टीम खिलाड़ियों को रोटेट करने या अपनी बैटिंग की जोड़ियों में बदलाव करने का फैसला करती है, तो शॉ को अभी भी खेलने के मौके मिल सकते हैं.