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आशा भोसले ने इस विदेशी क्रिकेटर के साथ गाया था गाना, 20 साल पुराना सॉन्ग इंटरनेट पर वायरल
Asha Bhosle Death: आशा भोसले के निधन की खबर सुनकर न सिर्फ बॉलीवुड और भारत के आम निवासी बल्कि इंडियन क्रिकेट भी शोक में डूबा है. यंग जेशनरेशन के लोग शायद इस बात से वाकिफ नहीं हैं कि इस लेजेंडरी सिंगर ने ऑस्ट्रेलियन बॉलर ब्रेट ली के साथ भी गाना गाया है.
हाइलाइट्स
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आशा भोसले और ब्रेट ली का सॉन्ग
आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में 12 अप्रैल को निधन हो गया, जिसके बाद ब्रेट ली के साथ उनका गाना वायरल हो रहा है।
ब्रेट ली और आशा भोसले ने 2006 में 'यू आर द वन फॉर मी' गाना रिकॉर्ड किया था, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाएँ थीं।
ब्रेट ली ने अपनी आत्मकथा में आशा भोसले को 'भारतीय संगीत की अरेथा फ्रैंकलिन' कहा था।
गाने का
यह गाना चैंपियंस ट्रॉफी 2006 के दौरान रिकॉर्ड किया गया था, जब ब्रेट ली 49 और आशा भोसले 70 के दशक में थीं।
When Asha Bhosle Sing A Song With Brett Lee: लेजेंडरी इंडियन प्लेबैक सिंगर आशा भोसले का रविवार 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्हें शनिवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका एक इंफेक्शन का इलाज चल रहा था. हालांकि कहा जा रहा था कि वो तेजी से ठीक हो रही हैं, लेकिन मल्टिपल ऑर्गन फेलियर के कारण उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली.
ब्रेट ली की साथ आशा जी की जुगलबंदी
जहां उनका निधन देश के लिए एक बड़ा नुकसान है, वहीं ये भारतीय क्रिकेट जगत के लिए भी एक क्षति है. वो इंडियन क्रिकेट से काफी करीब से जुड़ी हुई थीं और उन्होंने पूर्व ऑस्ट्रेलियन प्लेयर और दिग्गज गेंदबाज ब्रेट ली के साथ मिलकर एक गाना भी गाया था, जो अब इंटरनेट पर काफी ज्यादा वायरल हो रहा है.
सॉन्ग क्यों है इतना खास?
इस गाने को 2 अलग-अलग पीढ़ियों का मिलन कहा गया था; ली, जो 'सिक्स एंड आउट' नाम के एक रॉक बैंड का हिस्सा हैं, ने इस दिवंगत प्लेबैक सिंगर के साथ मिलकर 'यू आर द वन फॉर मी' नाम का एक गाना रिकॉर्ड किया था. ये सॉन्ग कुछ हद तक अंग्रेजी में और ज्यादातर हिंदी में गाया गया था; इस ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने अपने गिटार की धुन पर हिंदी की कुछ लाइं, भी गाई थीं, जैसे: 'हां, मैं तुम्हारा हूं, तुम्हारा ही रहूंगा.' ये गाना साल 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान रिकॉर्ड किया गया था, जब ली 29 साल के थे, जबकि आशा भोसले 70 की उम्र में थीं.
लेकिन कई साल बाद, 2011 में ब्रेट ली ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में इस तजुर्बे को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्हें इस भारतीय दिग्गज गायिका के साथ काम करने का मौका मिला और उन्होंने आशा भोसले को 'भारतीय संगीत की अरेथा फ्रैंकलिन' कहकर सम्मानित किया. उन्होंने लिखा: 'वो एक बहुत ही प्यारी और जेंटलवीमेन थीं, जिनका सेंस ऑफ ह्यूमर भी कमाल का था. एक ऐसी महान हस्ती के साथ काम करने का मौका मिलना अपने आप में एक बहुत बड़ी बात थी. उस समय वो अपनी 70s की उम्र में थीं, लेकिन उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों के लिए हजारों गाने गाए थे और उनके अनगिनत एल्बम रिलीज हो चुके थे. वो भारतीय संगीत की अरेथा फ्रैंकलिन थीं.'
कौन हैं अरेथा फ्रैंकलिन?
अरेथा फ्रैंकलिन अमेरिका के टेनेसी की रहने वाली एक मशहूर सिंगर, सॉन्गराइटर, पियानोवादक और सोशल एक्टिविस्ट थीं. आशा भोसले की ही तरह, अरेथा फ्रैंकलिन भी अपनी दिल को छू लेने वाली आवाज के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती थीं.
ब्रेट ली ने शेयर किया था एक्सपीरिएंस
रिलीज होते ही यह गाना काफी हिट हो गया था. ब्रेट ली ने भी भारतीय संगीत की इस महान हस्ती के साथ काम करने के अपने तजुर्बे को सभी के साथ शेयर किया था. उन्होंने कहा, 'मुझे बहुत मजा आया. मैंने अपने किसी भी टीममेट को नहीं बताया कि मैं क्या करने वाला हूं; जब मैं शूट करने गया, तो मैंने उनसे कहा कि मैं बस सड़कों पर घूमने जा रहा हूं. उस जोरदार रिकॉर्डिंग एक्सपीरिएंस के चार महीने बाद, जब आशा सिडनी में ओपेरा हाउस में परफॉर्म करने आईं, तो मेरी उनसे मुलाकात हुई. उन्होंने मुझे अपना एक कम्पाइलेशन एल्बम दिया, जिस पर उन्होंने अपने हाथों से एक मैसेज भी लिखा था. ये हमेशा मेरे सबसे कीमती खजानों में से एक रहेगा.'
When Asha Bhosle Sing A Song With Brett Lee: लेजेंडरी इंडियन प्लेबैक सिंगर आशा भोसले का रविवार 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्हें शनिवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका एक इंफेक्शन का इलाज चल रहा था. हालांकि कहा जा रहा था कि वो तेजी से ठीक हो रही हैं, लेकिन मल्टिपल ऑर्गन फेलियर के कारण उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली.
ब्रेट ली की साथ आशा जी की जुगलबंदी
जहां उनका निधन देश के लिए एक बड़ा नुकसान है, वहीं ये भारतीय क्रिकेट जगत के लिए भी एक क्षति है. वो इंडियन क्रिकेट से काफी करीब से जुड़ी हुई थीं और उन्होंने पूर्व ऑस्ट्रेलियन प्लेयर और दिग्गज गेंदबाज ब्रेट ली के साथ मिलकर एक गाना भी गाया था, जो अब इंटरनेट पर काफी ज्यादा वायरल हो रहा है.
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सॉन्ग क्यों है इतना खास?
इस गाने को 2 अलग-अलग पीढ़ियों का मिलन कहा गया था; ली, जो ‘सिक्स एंड आउट’ नाम के एक रॉक बैंड का हिस्सा हैं, ने इस दिवंगत प्लेबैक सिंगर के साथ मिलकर ‘यू आर द वन फॉर मी’ नाम का एक गाना रिकॉर्ड किया था. ये सॉन्ग कुछ हद तक अंग्रेजी में और ज्यादातर हिंदी में गाया गया था; इस ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने अपने गिटार की धुन पर हिंदी की कुछ लाइं, भी गाई थीं, जैसे: ‘हां, मैं तुम्हारा हूं, तुम्हारा ही रहूंगा.’ ये गाना साल 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान रिकॉर्ड किया गया था, जब ली 29 साल के थे, जबकि आशा भोसले 70 की उम्र में थीं.
Back in 2006, an album dropped where Asha Bhosle teamed up with Aussie speedster Brett Lee. I’m not sure how many of you still remember this one!#AshaBhosle. pic.twitter.com/3VLBTEkf2l
लेकिन कई साल बाद, 2011 में ब्रेट ली ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में इस तजुर्बे को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्हें इस भारतीय दिग्गज गायिका के साथ काम करने का मौका मिला और उन्होंने आशा भोसले को ‘भारतीय संगीत की अरेथा फ्रैंकलिन’ कहकर सम्मानित किया. उन्होंने लिखा: ‘वो एक बहुत ही प्यारी और जेंटलवीमेन थीं, जिनका सेंस ऑफ ह्यूमर भी कमाल का था. एक ऐसी महान हस्ती के साथ काम करने का मौका मिलना अपने आप में एक बहुत बड़ी बात थी. उस समय वो अपनी 70s की उम्र में थीं, लेकिन उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों के लिए हजारों गाने गाए थे और उनके अनगिनत एल्बम रिलीज हो चुके थे. वो भारतीय संगीत की अरेथा फ्रैंकलिन थीं.’
कौन हैं अरेथा फ्रैंकलिन?
अरेथा फ्रैंकलिन अमेरिका के टेनेसी की रहने वाली एक मशहूर सिंगर, सॉन्गराइटर, पियानोवादक और सोशल एक्टिविस्ट थीं. आशा भोसले की ही तरह, अरेथा फ्रैंकलिन भी अपनी दिल को छू लेने वाली आवाज के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती थीं.
ब्रेट ली ने शेयर किया था एक्सपीरिएंस
रिलीज होते ही यह गाना काफी हिट हो गया था. ब्रेट ली ने भी भारतीय संगीत की इस महान हस्ती के साथ काम करने के अपने तजुर्बे को सभी के साथ शेयर किया था. उन्होंने कहा, ‘मुझे बहुत मजा आया. मैंने अपने किसी भी टीममेट को नहीं बताया कि मैं क्या करने वाला हूं; जब मैं शूट करने गया, तो मैंने उनसे कहा कि मैं बस सड़कों पर घूमने जा रहा हूं. उस जोरदार रिकॉर्डिंग एक्सपीरिएंस के चार महीने बाद, जब आशा सिडनी में ओपेरा हाउस में परफॉर्म करने आईं, तो मेरी उनसे मुलाकात हुई. उन्होंने मुझे अपना एक कम्पाइलेशन एल्बम दिया, जिस पर उन्होंने अपने हाथों से एक मैसेज भी लिखा था. ये हमेशा मेरे सबसे कीमती खजानों में से एक रहेगा.’