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MS Dhoni Blamed: पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने एमएस धोनी पर एक और बार निशाना साधा है। उन्होंने धोनी पर नाइंसाफी करने का आरोप लगाया और कहा कि सहवाग ने उनके करियर में बड़ा किरदार निभाया। तिवारी का करियर उतार-चढ़ाव वाला रहा, जहां उन्हें वनडे में शतक लगाने के बाद टीम से बाहर कर दिया गया। सहवाग ने उन्हें टीम में जगह दी।
वेस्टइंडीज के खिलाफ 2011 में सहवाग ने दोहरा शतक लगाया था। इसके बावजूद उन्होंने टीम में अपना स्पॉट मनोज को दिया और उन्होंने इसका फायदा उठाकर शतक लगाया। इसके पहले तिवारी ने एमएस धोनी पर उन्हें टीम से बाहर किए जाने का इल्जाम लगाया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक उन्हें इग्नोर किया गया लेकिन सहवाग ने उन्हें मौका दिया। तिवारी ने कहा, ‘वीरेंद्र सहवाग ने मेरा साथ दिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ मेरा जो शतक आया था, उसमें उन्होंने अपनी जगह का बलिदान दिया था और मैच में आराम किया था। उस सीरीज में सहवाग ने दोहरा शतक लगाया था। वो और रन बनाना चाहते होंगे। हालांकि, उन्होंने भारतीय टीम में इतने साल का मेरा करियर देखा होगा। इसी वजह से उन्हें महसूस हुआ कि मेरे साथ नाइंसाफी हो रही थी।’
मनोज तिवारी ने वीरेंद्र सहवाग की खूब तारीफ की और कहा कि उन्हें अपने पसंदीदा नंबर पर बल्लेबाजी करने का मौका मिला। उन्होंने इसी कारण शतक जड़ा और वो हमेशा ही सहवाग के एहसानमंद रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘उन्हें खुद को आराम देने का मौका मिला और मेरे लिए उन्होंने प्लेइंग 11 में जगह बनाई। मैं खेल नहीं रहा था लेकिन उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं कितने नंबर पर बल्लेबाज करना चाहता हूं। उन्होंने गौतम गंभीर को मैसेज दिया, जो उस समय उनकी गैरमौजूदगी में कप्तानी कर रहे थे। यही कारण है कि आपने वो शतक देखा। उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया है। जब तक मैं जीवित हूं, हमेशा मेरे ऊपर उनका कर्ज रहेगा।’
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