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बिग बैश लीग को लेकर ड्रामा बरकरार, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की बढ़ी टेंशन! आखिर कहां फंस रहा है पेंच?

Big Bash League Privatisation: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की तरफ से बिग बैश लीग के प्राइवेटाइजेशन के मसले को हल करने की कोशिश जारी है, लेकिन अभी ऐसी कई मांगें हैं, जिन पर सहमति का इंतजार है. ऐसे में देखना होगा कि बोर्ड आगे क्या कदम उठाता है.

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BBL Privatisation: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और देश के 6 स्टेट एसोसिएशंस ने बिग बैश लीग में प्राइवेट इंवेस्टमेंट लाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है. मेलबर्न में सीए हेडक्वार्टर में हुई एक मीटिंग के दौरान, राज्य के प्रतिनिधियों ने एक ऐसे मॉडल का शुरुआती समर्थन किया, जिससे हर राज्य ये तय कर सके कि वो अपनी बीबीएल फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी कब और कैसे बेचेंगे.

मीटिंग का नतीजा क्या निकला?

ये समझौता महीनों की असहमति के बाद एक बड़ी कामयाबी है. न्यू साउथ वेल्स, क्वींसलैंड और साउथ ऑस्ट्रेलिया, जिन्होंने पहले इस प्रस्ताव पर चिंता जताई थी, अब बातचीत जारी रखने को तैयार हैं. क्रिकेट विक्टोरिया, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और तस्मानिया ने आम तौर पर प्राइवेट इंवेस्टमेंट के मौकों को तलाशने का समर्थन किया है.

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स्टेट एसोसिएशंस का कंट्रोल

प्रोपोज्ड फ्रेमवर्क के तहत, भविष्य में बिक्री की प्रक्रिया के समय पर अलग-अलग राज्यों का ज्यादा कंट्रोल होगा. क्रिकेट विक्टोरिया शायद पहला राज्य बन सकता है जो मार्केट को परखेगा, क्योंकि उसने हाल ही में मेलबर्न स्टार्स और मेलबर्न रेनेगेड्स के कामकाज को नए सिरे से ऑर्गेनाइज किया है. हालांकि, कोई भी औपचारिक कदम उठाने से पहले इस प्रस्ताव को राज्य बोर्डों से मंजूरी मिलनी जरूरी है.

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अनसुलझे मसले

कई बड़े मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं. स्टेकहोल्डर्स को अभी नए सिरे से तैयार लीग के लिए गवर्नेंस स्ट्रक्चर तय करना है, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अपने गवर्नेंस मॉडल में बदलाव करना है, राज्यों के साथ फंडिंग के इंतजाम पर बातचीत करनी है और सबसे जरूरी बात, ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन (ACA) से समर्थन हासिल करना है.

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फिक्र बरकरार

ACA पहले ही संकेत दे चुका है कि वो इस प्लान के मौजूदा वर्जन का समर्थन नहीं करता है. खिलाड़ियों के रिप्रेजेंटेटिव और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई है, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया है. विक्टोरिया के 2 बीबीएल क्लब से जुड़े हाल के प्रशासनिक बदलावों को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं.

बेहतर नतीजों का भरोसा

मुश्किलों के बावजूद, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन माइक बेयर्ड और साउथ ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन विल रेनर ने बातचीत को पॉजिटिव बताया. दोनों ने भरोसा जताया कि आगे की बातचीत से बीबीएल को मजबूत करने में मदद मिल सकती है और साथ ही ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट की लंबे समय की स्थिरता और आजादी भी सुनिश्चित हो सकती है.

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First published on: Jun 15, 2026 05:44 PM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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