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Vidur Niti: ये 3 चीजें बिना देर किए समाप्त कर देना है बेहतर, वरना खतरे में पड़ सकती है जान

Vidur Niti: विदुर नीति में 3 ऐसी भूलों के बारे में बताया गया हैं, जिन्हें समय रहते पहचानने और खत्म करने की जरूरत होती है. आइए जानते हैं क्या हैं ये चीजें, जो हमें सचेत करती है कि इन संकेतों को नजरअंदाज करना अपने हाथों अपनी मुसीबत बुलाना है.

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Vidur Niti: जीवन में कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. महाभारत काल में विदुर ने धृतराष्ट्र को ऐसी ही तीन बड़ी भूलों के बारे में बताया था, जिन्हें पनपने देना विनाश का कारण बनता है. ये सीख आज भी उतनी ही ताजा है. आधुनिक जीवन में भी अगर इन तीन चीजों को समय रहते खत्म न किया जाए, तो यह शारीरिक और मानसिक रूप से आपको बर्बाद कर सकती हैं. आइए जानते हैं, महाभारत का वह ज्ञान जो आज भी बचा सकता है आपकी जान!

बिगड़ती सेहत न करें इग्नोर

विदुर नीति कहती है कि जिस रोग के बढ़ने का इंतजार करना, वह प्राण ले सकता है. आज के समय में लोग छोटी-मोटी बीमारियों को टाल देते हैं. सिरदर्द, बदन दर्द या बुखार को हम साधारण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं.

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यह आदत जानलेवा साबित हो सकती है. छोटी सी समस्या कब गंभीर रूप ले ले, पता नहीं चलता. शरीर के किसी भी हिस्से में लगातार दर्द हो या कोई अजीब लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें. लापरवाही आपको अस्पताल तक पहुंचा सकती है. समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है.

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तुरंत खत्म करें बुरी संगत और जहरीले रिश्ते

विदुर जी ने कहा था कि दुष्ट व्यक्ति का साथ सर्प के समान होता है. अगर आपके आसपास कोई ऐसा है, जो हमेशा नकारात्मकता फैलाता है या आपको गलत रास्ते पर ले जाता है, तो उससे दूरी बना लेना ही समझदारी है.

ऐसे लोग आपकी मानसिक शांति छीन लेते हैं. वे आपको तनाव देते हैं, जो आगे चलकर हाई बीपी और हृदय रोग जैसी बीमारियों को न्योता देता है. बुरी संगत न सिर्फ आपकी सोच खराब करती है, बल्कि आपके जीवन को भी संकट में डाल सकती है. जहरीले लोगों को जीवन से निकालना ही बेहतर है.

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कर्ज और लालच: दो ऐसे दुश्मन, जो डुबो देंगे

विदुर नीति में कर्ज को सबसे बड़ा दोष माना गया है. आज के जमाने में क्रेडिट कार्ड और लोन ने जिंदगी आसान बना दी है, लेकिन अगर कर्ज का बोझ बढ़ता जाए, तो यह तनाव का सबसे बड़ा कारण बन जाता है.

आय से अधिक खर्च करना और उसके लिए उधार लेना, एक ऐसा जाल है, जिसमें फंसकर लोग अवसाद के शिकार हो जाते हैं. आजकल तो कई बार तो कर्ज के चक्कर में लोग अपनी जान तक दे बैठते हैं. ऐसी कई खबरें समाचार की सुर्खियों में रही हैं. लालच में आकर पैसा कमाने के चक्कर में जोखिम भरे निवेश से भी बचना चाहिए. कर्ज और लालच को अपने ऊपर हावी न होने दें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Mar 13, 2026 12:31 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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