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Tulsi ke Niyam: सावधान! क्या आपने भी तुलसी के पास तो नहीं लगा रखा ये पौधा? वरना घर से खत्म नहीं होगी बदहाली

क्या आप जानते है कि तुलसी के पास कौन-कौन से पौधे नहीं लगाने चाहिए। यहां एक खास पौधे की बात की गई है, जिसे भूल से भी तुलसी के साथ नहीं लगाना चाहिए। आइए जानते हैं, ये पौधा कौन-सा है और इसे तुलसी के पास लगाएं से जीवन पर क्या दुष्प्रभाव पड़ता है?

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भारतीय परंपरा में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। हिंदू धर्म में तुलसी न सिर्फ एक औषधीय पौधा है, बल्कि उसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। माना जाता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। सुबह-शाम तुलसी के आगे दीप जलाने से घर का वातावरण शुद्ध और शांतिपूर्ण बना रहता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि तुलसी का पौधा लगाने के भी कुछ खास नियम होते हैं? वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि अगर तुलसी के साथ कुछ गलतियां कर दी जाएं तो इसके लाभ मिलने की बजाय हानि भी हो सकती है। ऐसी ही एक बड़ी गलती है– तुलसी के पास शमी का पौधा लगाना।

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तुलसी और शमी एक साथ क्यों नहीं?

शमी का पौधा भी हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है। खासतौर पर शनि देव की पूजा में इसका महत्व है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और शनि दोष से राहत देता है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी और शमी दोनों की प्रकृति एक-दूसरे से विपरीत होती है। तुलसी जहां सौम्यता, शांति और लक्ष्मी का प्रतीक है, वहीं शमी गंभीरता, तप और शनि की शक्ति से जुड़ी हुई है। जब इन दोनों पौधों को एक साथ रखा जाता है, तो उनके एनर्जी फील्ड आपस में टकराते हैं, जिससे घर में असंतुलन और नकारात्मकता पैदा हो जाती है।

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होते हैं ये दुष्प्रभाव?

  • घर में शांति की बजाय अशांति बढ़ सकती है
  • आर्थिक परेशानियां शुरू हो सकती हैं
  • मां लक्ष्मी की कृपा कम होने लगती है
  • परिवार के सदस्यों के बीच तनाव या झगड़े बढ़ सकते हैं

क्या करें?

यदि आपने तुलसी के पास शमी का पौधा लगा रखा है, तो बिना देर किए शमी के पौधे को किसी और दिशा या कोने में शिफ्ट कर दें। शमी को घर के दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। इससे शमी का भी लाभ मिलेगा और तुलसी का पवित्र प्रभाव भी बना रहेगा। इसके अलावा, तुलसी जी के पास दूधवाले पौधे, जैसे आक, सदाबहार आदि और कांटेदार पौधे, जैसे कैक्टस बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए।

आपको बता दें कि तुलसी का पौधा जितना पवित्र है, उतना ही जरूरी है इसे सही ढंग से और सही स्थान पर लगाना। वास्तु नियमों का पालन करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। तो आज ही एक बार अपने तुलसी स्थान को जांचें कि कहीं आपने भी अनजाने में कोई वास्तु दोष तो नहीं कर दिया है?

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: May 08, 2025 04:30 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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