Sawan Somwar Vrat Niyam 2025: सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस महीने भोले बाबा की पूजा करना बेहद ही फलदायी होता है। सनातन धर्म के लोगों के लिए सावन सोमवार का भी विशेष महत्व है, जिस दिन विवाहित और अविवाहित दोनों लोग व्रत रखते हैं। अविवाहित लोग योग्य जीवनसाथी पाने के लिए ये व्रत रखते हैं। जबकि विवाहित जातक सुख, समृद्धि, शांति, वैभव और धन की प्राप्ति के लिए यह उपवास रखते हैं।
द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2025 में 11 जुलाई से सावन का आरंभ हो गया है, जिसका समापन 09 अगस्त को होगा। इस दौरान 14 जुलाई, 21 जुलाई, 28 जुलाई और 04 जुलाई को सावन सोमवार का व्रत रखा जाएगा। हालांकि सावन में निर्जला, फलाहारी और एक समय भोजन यानी तीन तरह से उपवास रखा जा सकता है। चलिए जानते हैं सावन सोमवार व्रत के जरूरी 10 नियमों के बारे में।
सावन सोमवार व्रत के नियम
- स्नान आदि कार्य करने के बाद शुद्ध कपड़े धारण करके हाथ में जल, फूल या अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें।
- जिन लोगों ने सावन का व्रत रखा है, उन्हें सुबह और शाम दोनों समय शिव जी की पूजा करनी चाहिए।
- जब तक व्रत का पारण न हो जाए, तब तक ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- पूजा के दौरान सावन सोमवार व्रत की कथा पढ़ें या सुनें।
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- सावन के व्रत में एक समय सात्विक भोजन कर सकते हैं, जिस दौरान फल, दूध, मेवे, शकरकंद, आलू, लौकी, राजगिरा, कद्दू, साबूदाना और सिंघाडे़ के आटे से बनी चीजें खा सकते हैं। इसके अलावा किसी भी चीज का सेवन करना वर्जित होता है।
- सावन सोमवार व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद भगवान शिव की पूजा के पश्चात करना चाहिए। भगवान शिव को चढ़ाए प्रसाद का सेवन करके व्रत का पारण किया जा सकता है।
- व्रत के दौरान शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए। शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के साथ-साथ मन से शुद्ध होना भी जरूरी है। इसलिए व्रत के दौरान मन में गलत विचारों को न आने दें और न ही गलत शब्दों का इस्तेमाल करें। इसके अलावा किसी से झूठ न बोलें और न ही किसी का अपमान करें।
- व्रत के दौरान इलेक्ट्रॉनिक आइटम का इस्तेमाल करने से बचें।
- व्रत वाले दिन नाखून, बाल और दाढ़ी नहीं काटने चाहिए।
- विवाहित और अविवाहित महिलाओं को खुले बालों में शिव जी की पूजा नहीं करनी चाहिए। महिलाओं को बाल बांधकर और सिर ढककर पूजा करनी चाहिए। जबकि पुरुषों को रुमाल या किसी शुद्ध कपड़े से सिर ढककर पूजा करनी चाहिए।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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