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Ravi Pradosh Vrat 2026: आज रवि प्रदोष व्रत पर शिव जी के साथ सूर्य देव की भी करें पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, विधि और पारण का समय

Ravi Pradosh Vrat 2026 Shubh Muhurat & Puja Vidhi: आज 1 मार्च 2026 को रवि प्रदोष व्रत रखा जा रहा है, जो भी भोलेबाबा और माता पार्वती को समर्पित है. हालांकि, आज रविवार का दिन भी है, जिस कारण सूर्य महाराज की पूजा करना भी शुभ रहेगा. चलिए अब जानते हैं रवि प्रदोष व्रत के पारण के समय से लेकर पूजा के शुभ मुहूर्त और विधि के बारे में.

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Written By: Nidhi Jain Updated: Mar 1, 2026 06:32
Ravi Pradosh Vrat 2026
Credit- AI Gemini

Ravi Pradosh Vrat 2026 Today Shubh Muhurat, Puja Vidhi & Paran Ka Samay: सनातन धर्म के लोगों के लिए प्रदोष व्रत का खास महत्व है, जो कि महीने में दो बार रखा जाता है. पहला व्रत शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि और दूसरा कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. पंचांग के अनुसार, आज 1 मार्च 2026 को फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जिस कारण प्रदोष व्रत रखा जा रहा है. वहीं, आज रविवार का दिन भी है, जिसकी वजह से इसे रवि प्रदोष व्रत कहना ज्यादा उचित होगा.

आज भगवान शिव, देवी पार्वती और सूर्य देव की पूजा करना शुभ रहेगा, जिनकी कृपा से आपको मनोवांछित फल मिल सकता है. यहां पर आप देवी-देवताओं की पूजा के शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और रवि प्रदोष व्रत के पारण के सही समय के बारे में जान सकते हैं.

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रवि प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त

  • सूर्योदय- सुबह 6:46
  • प्रदोष पूजा का मुहूर्त (सुबह)- सुबह 7:40 से दोपहर 12:02
  • अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:03 से सुबह 11:49
  • विजय मुहूर्त- दोपहर 01:22 से दोपहर 02:09
  • सायाह्न सन्ध्या- शाम 05:15 से शाम 06:29
  • प्रदोष पूजा का मुहूर्त (शाम)- शाम 06:21 से शाम 07:09
  • निशिता मुहूर्त- रात 11:01 से रात 11:50

रवि प्रदोष व्रत की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करके शुद्ध कपड़े पहनें.
  • सूर्य देव को नमस्कार करें और जल अर्पित करें.
  • घर के मंदिर में भगवान शिव की मूर्ति या तस्वीर की स्थापना करें.
  • घी का दीपक जलाने के बाद व्रत का संकल्प लें.
  • शिव जी को जल, फल, फूल, गन्ने का रस, दूध, केसर, वस्त्र और मिठाई अर्पित करें. इस दौरान ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते रहें.
  • आरती करके पूजा का समापन करें.
  • शाम/अगले दिन पूजा करने के बाद व्रत खोलें, लेकिन उससे पहले दान जरूर करें.

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रवि प्रदोष व्रत कब खोलें?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, रवि प्रदोष व्रत का पारण उपवास के अगले दिन सूर्योदय के पश्चात पूजा करने के बाद किया जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, कल 2 मार्च 2026 को सुबह 6 बजकर 51 मिनट के आसपास सूर्योदय होगा, जिसके बाद व्रत का पारण किया जा सकता है. हालांकि, कुछ लोग प्रदोष काल में भी व्रत खोलते हैं, जिसका शुभ मुहूर्त आज शाम 06:21 से लेकर रात 08:50 मिनट तक है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 01, 2026 06:32 AM

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