---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Religion angle-right

2024 рдореЗрдВ рдЗрди рд░рд╛рд╢рд┐рдпреЛрдВ рдкрд░ рд▓рдЧреА рд╣реИ рд╢рдирд┐ рдХреА рд╕рд╛реЭреЗрд╕рд╛рддреА, рдЕрд╕рд░ рдХрдо рдХрд░рдиреЗ рдХреЗ рд▓рд┐рдП рдХрд░реЗрдВ рдпреЗ 7 рдЙрдкрд╛рдп

Shani Sade Sati 2024 Upay: рд╕рд╛рд▓ 2024 рдореЗрдВ рддреАрди рд░рд╛рд╢рд┐рдпреЛрдВ рдкрд░ рд╕рд╛реЭреЗрд╕рд╛рддреА рд▓рдЧреА рд╣реБрдИ рд╣реИред рд╕рд╛реЭреЗрд╕рд╛рддреА рдХреЗ рдкреНрд░рднрд╛рд╡ рдХреЛ рдХрдо рдХрд░рдиреЗ рдХреЗ рд▓рд┐рдП рдЗрди рд░рд╛рд╢рд┐рдпреЛрдВ рдХреЗ рдЬрд╛рддрдХреЛрдВ рдХреЛ рдкреВрдЬрд╛-рдкрд╛рда рдФрд░ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖ рдЙрдкрд╛рдпреЛрдВ рдХрд╛ рд╕рд╣рд╛рд░рд╛ рд▓реЗрдирд╛ рдЪрд╛рд╣рд┐рдПред рдпрд╣рд╛рдВ рдХреБрдЫ рдЙрдкрд╛рдп рдмрддрд╛рдП рдЧрдП рд╣реИрдВ, рдЬрд┐рдирд╕реЗ рд▓рд╛рдн рд╣реЛ рд╕рдХрддрд╛ рд╣реИред

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Shani Sade Sati 2024 Upay: साढ़ेसाती और ढैय्या के नाम से ही लोग डर जाते हैं। ये दोनों शनिदेव का विशेष गोचर समय है। इन्हें शनिदेव का न्यायचक्र माना जाता है। साढ़ेसाती की अवधि 7.5 और ढैय्या की अवधि 2.5 वर्ष की होती है। साल 2024 में तीन राशियों पर साढ़ेसाती और दो राशियों पर ढैय्या चल रही है। मान्यता है कि साढ़ेसाती और ढैय्या का समय मुश्किलों और कष्टों से भरा होता है, लेकिन यह पूरी तरह से सही नहीं है।

2024 में इन राशियों पर है शनि की साढ़ेसाती

साल 2024 में मीन, कुंभ और मकर राशि के जातकों पर साढ़ेसाती जारी है। मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण, कुंभ राशि के जातक पर साढे़साती का दूसरा चरण और मकर राशि वालों पर साढ़ेसाती का तीसरा (अंतिम) चल रहा है। साढ़ेसाती के 7.5 साल की अवधि को ढाई-ढाई (2.5) साल के तीन चरणों में बांटा गया है। मीन राशि वालों को 8 अगस्त, 2029 को इससे मुक्ति मिलेगी। वहीं कुंभ राशि के जातक इससे 3 जून, 2027 को मुक्त हो पाएंगे, जबकि मकर राशि वालों को 29 मार्च 2025 को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी। बता दें, 2024 में दो राशियों, कर्क और वृश्चिक राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: ‘दोषरहित पंचक’ 2 से 6 मई तक, भूल से भी न करें ये 5 काम, अनिष्ट को देंगे बुलावा

साढ़ेसाती का असर कम करने के उपाय

ज्योतिष सिद्धांतों और मान्यताओं के मुताबिक, साढ़ेसाती के असर को किसी भी सूरत में समाप्त नहीं किया जा सकता है। केवल अच्छे कर्मों और कुछ विशेष उपायों से इसके प्रभाव को एक हद तक कम किया जा सकता है:

---विज्ञापन---
  1. साढ़ेसाती से ग्रसित जातक को शनिवार के दिन पूर्ण निष्ठा और श्रद्धा भाव से पीपल और शमी वृक्ष की विधिवत पूजा करनी चाहिए।
  2. शनिवार को पीपल और शमी वृक्ष की जड़ों में शनि मंत्र का उच्चारण करते हुए जल का अर्घ्य देना चाहिए।
  3. शनिवार की शाम में सरसों के तेल में काला तिल डालकर पीपल और शमी वृक्ष के पास दीया जलाना चाहिए और शनि चालीसा का पाठ का करना चाहिए।
  4. मान्यता है कि शनिवार के दिन विशेष धातु से बने शनि-यंत्र (Shani Yantra) की विधि-विधान से पूजा करने से साढ़ेसाती का असर कम होता है।
  5. शनिदेव हनुमानजी की पूजा करने से प्रसन्न होते हैं। मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी का व्रत रखने और उनकी पूजा करने से साढ़ेसाती का प्रकोप कुछ शांत होता है।
  6. यह भी माना जाता है कि काली गाय और काले कुत्ते को रोटी खिलाने से साढ़ेसाती का असर कम होता है।
  7. सोमवार और शनिवार को भगवान शिव की पूजा करने से भी साढ़ेसाती के प्रभाव में कमी आती है। बता दें, शनिदेव, भगवान शंकर के परम भक्त हैं।

ये भी पढ़ें: Akshaya Tritiya 2024: अक्षय तृतीया पर नहीं खरीद सकते हैं ‘गोल्ड’, तो घर लाएं इन धातुओं की वस्तुएं

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

---विज्ञापन---

First published on: May 01, 2024 10:20 PM

End of Article
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola