Raksha Bandhan 2026: सावन पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है. इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त को है. रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई को राखी बांधती है और भाई बहन को उपहार देता है. इसके साथ ही भाई बहन की लंबी उम्र की कामना करती है और भाई रक्षा का वचन देता है. भारतीय समाज में सदियों से रक्षाबंधन की यह परंपरा चली आ रही है. अब बदलते समाज में कुछ ऐसा देखने को मिलता है. जिसको लेकर मन में कई सवाल खड़े होते हैं.
पालतू जानवरों को राखी बांधना
आज कल बदलते दौर में लोगों ने अपने घर में मौजूद पालतू जानवरों के राखी बांधना शुरू कर दिया है. सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो-फोटो मिल जाते हैं, जिसमें लोग जानवरों के राखी बांधते नजर आते हैं. अब कृति सेनन के एक राखी एड को लेकर यह मुद्दा और अधिक चर्चा में है. वह एक एड में कुत्ते के राखी बांधती दिख रही हैं. ऐसे में सवाल यह है कि, क्या पालतू कुत्ते या पालतू जानवरों का राखी बांधना क्या सही है?
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रक्षाबंधन की परंपरा
हिंदू धर्म में रक्षाबंधन की परंपरा काफी पुरानी है. यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते और प्यार का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, रक्षाबंधन पर बहन अपने भाई को तिलक करती है और कलाई पर राखी बांधती है. हालांकि, जानवरों को राखी बांधने की बात करें, तो भारतीय समाज में ऐसी कोई परंपरा नहीं है. आज के समय में लोग पालतू जानवर के प्रति प्रेम और नैतिक विचारों को देखते हुए ऐसा करते हैं. लेकिन यह रक्षाबंधन की पारंपरिक धार्मिक मान्यता नहीं है.
क्या शास्त्रसम्मत है जानवरों को राखी बांधना?
शास्त्रों की बात करें, तो जानवरों को राखी बांधना सही नहीं है. भारतीय समाज में रक्षाबंधन को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं. इंद्र को इंद्राणी की कहानी और इसके साथ ही भाई-बहन यमराज और यमुना की कथा कापी प्रसिद्ध है. इनके साथ ही कृष्ण-द्रौपदी और माता लक्ष्मी और राजा बलि की कथा बहुत से लोग जानते हैं. शास्त्रों में इन सभी कथाओं में कहीं भी जानवरों को राखी बांधने का जिक्र नहीं मिलता है. इतिहास और सनातन धर्म की परंपरा के अनुसार, कुत्ते या पालतू जानवरों को राखी बांधना धर्म सम्मत नहीं है. हालांकि, वर्तमान में इसे परंपरा के बदलाव के रूप में देखा जा सकता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.