Raksha Bandhan Rahu Kaal: रक्षाबंधन का त्योहार इस बार 28 अगस्त को मनाया जा रहा है. हर बहन इस दिन का इंतजार करती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस साल इस पावन मौके पर एक ऐसा समय भी आएगा जब राखी बांधना अशुभ हो जाएगा है? और वह अशुभ समय है, राहुकाल. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार, राहुकाल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए. साथ ही, इस दिन साल का अंतिम चंद्र ग्रहण भी लग रहा है. हालांकि यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण है, लेकिन इससे लोग उलझन में हैं कि क्या इसका असर रक्षाबंधन पर भी पड़ेगा? आइए ज्योतिषाचार्य शांडिल्य से जानते हैं राहुकाल, चंद्र ग्रहण का राखी के शुभ मुहूर्त और पर्व क्या असर होगा?
राहुकाल का समय
ज्योतिषाचार्य शांडिल्य बताते है कि पंचांग के अनुसार 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन राहुकाल सुबह 10:31 AM बजे से दोपहर 12:07 PM बजे तक रहेगा. इस दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता है. इसलिए बहनों को सलाह दी जाती है कि वे सुबह 9:48 बजे से पहले ही राखी बांध लें, ताकि राहुकाल के दोष से बचा जा सके और राखी का पूरा फल मिल सके.
यह भी पढ़ें: Paan Supari Puja: भगवान की पूजा में सुपारी-पान क्यों है जरूरी? कैसे जुड़ा है इससे सुख-समृद्धि का संबंध; जानें
चंद्र ग्रहण 2026 का असर
इस साल रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, क्योंकि इस दिन पूर्णिमा है. ज्योतिष नियमों के अनुसार, चंद्र ग्रहण केवल पूर्णिमा तिथि को ही लगता है. लेकिन इस वर्ष राहत की बात यह है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो ग्रहण किसी स्थान पर दिखाई नहीं देता है, वहां सूतक काल और ग्रहण से जुड़े नियम मान्य या लागू नहीं होते हैं. इसलिए भारत में रक्षाबंधन पर इस ग्रहण का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा. बहनें बिना किसी डर या रुकावट के अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं.
यह भी पढ़ें: Photo Vastu Rules: वैवाहिक सुख के लिए बेडरूम में राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाना सही या गलत? जानें मूर्तियों का वास्तु नियम
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
इस साल राखी बांधने के लिए दो शुभ समय उपलब्ध हैं. पहला और सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक है. यह समय सबसे शुद्ध और फलदायी माना गया है. अगर कोई इस समय राखी नहीं बांध पाता, तो दूसरा विकल्प दोपहर 12:14 बजे से 1:05 बजे तक का अभिजीत मुहूर्त है. हालांकि, ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य की सलाह है कि सुबह के समय में ही राखी बांध लेनी चाहिए, क्योंकि दोपहर में राहुकाल भी सक्रिय है.
यह भी पढ़ें: Numerology Love Compatibility: ब्रेकअप के बाद क्या होगी आपके ‘Ex की वापसी’, पार्टनर के मूलांक से जानें पैच-अप के संकेत
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.