---विज्ञापन---

Religion angle-right

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज करेंगी 21 किलोमीटर लंबी गोवर्धन परिक्रमा, बेहद खास है इसका महत्व, जानिए

President Droupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 मार्च से वृंदावन के दौरे पर हैं. वह आज 21 मार्च को दानघाटी मंदिर में पूजा करने के बाद गोवर्धन की परिक्रमा करेंगी. आज द्रोपदी मुर्मू गोवर्धन गिरिराज महाराज की 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा करने जा रही हैं.

---विज्ञापन---

President Droupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समय वृंदावन के दौर पर हैं. वह तीन दिन के दौर पर उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी मथुरा-वृंदावन में पहुंची हैं. 19 मार्च से वह यहां पर दौरे पर हैं, अब तक राष्ट्रपति मुर्मू ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और कई अन्य कार्यक्रमों में भाग लिया. आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू श्री गिरिराज गोवर्धन की सप्तकोशीय परिक्रमा करने वाली हैं. वह आज 21 किलोमीटर लंबी गोवर्धन परिक्रमा करेंगी. इसको लेकर सुरक्षा इंतजाम कड़े किये गए हैं और पूरा प्रशासन और पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर है.

यात्रा सुगम और सुरक्षित बनाने के इंतजाम

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गोवर्धन परिक्रमा को गोल्फ कार के माध्यम से पूरा करेंगी. इससे महामहिम की गोवर्धन परिक्रमा को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सकेगा. अपने इस दौरे और परिक्रमा के दौरान वह श्रीनाथ जी मंदिर में दर्शन करेंगी. यह गोवर्धन परिक्रमा बेहद खास है. इसका संबंध भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा है. श्री गिरिराज गोवर्धन की सप्तकोशीय परिक्रमा का खास धार्मिक महत्व है. यह मथुरा-वृंदावन में मौजूद अन्य धार्मिक स्थलों की तरह की बेहद खास है.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें – Baby Girl Names: बेटी के लिए चुनें मां दुर्गा से जुड़े ये खास नाम, मिलेगा शक्ति और सौभाग्य के आशीर्वाद

श्री गिरिराज गोवर्धन परिक्रमा का महत्व

वृंदावन की श्री गिरिराज गोवर्धन परिक्रमा का सीधा संबंध भगवान श्रीकृष्ण से माना जाता है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि, भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र देव के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया था. इसके बाद से इस पर्वत को भगवान का स्वरूप माना जाने लगा और इसका पूजन किया जाने लगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भक्त सच्ची श्रद्धा और विश्वास से गोवर्धन की परिक्रमा करते है तो जीवन से दुख खत्म होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है.

---विज्ञापन---

गोवर्धन परिक्रमा से जुड़ी खास बातें

गोवर्धन पर्वत की इस सप्तकोशीय परिक्रमा यानी 21 किलोमीटर परिक्रमा की शुरुआत दानघाटी मंदिर से होती है. इस यात्रा के दौरान रास्ते में राधा कुंड, श्याम कुंड, मानसी गंगा और कुसुम सरोवर पवित्र मंदिर और स्थान पड़ते हैं. कई भक्त इस परिक्रमा को दंडवत पूरा करते हैं. गोवर्धन पर्वत की दंडवत परिक्रमा को अधिक कठिन माना जाता है. गोवर्धन महाराज के गीत गाते हुए और जयकारों के साथ परिक्रमा संपन्न करते हैं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

---विज्ञापन---
First published on: Mar 21, 2026 09:02 AM

End of Article

About the Author

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. धर्म-ज्योतिष में अमन अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लिखते हैं. अमन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ भीम राव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया है. अमन पिछले 5 सालों से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं. अमन ने अपने करियर की शुरुआत जी मीडिया डीएनए हिंदी से की थी. डीएनए हिंदी में ट्रेनी जर्नलिस्ट के तौर पर जुड़ें. इसके बाद डीएनए हिंदी में सब-एडिटर के पद पर काम किया. यहां धर्म और ज्योतिष की बीट पर काम किया. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola