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Religion

Papmochani Ekadashi 2026: 14 या 15 मार्च, कब है पापमोचनी एकादशी? जानिए सटीक तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Papmochani Ekadashi 2026: भगवान विष्णु की पूजा के लिए एकादशी तिथि बेहद खास होती है. मार्च में पापमोचनी एकादशी है. पापमोचनी एकादशी कब है चलिए इसकी सटीक तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में जानते हैं.

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Edited By : Aman Maheshwari Updated: Mar 8, 2026 17:39
Papmochani Ekadashi 2026
Photo Credit- News24GFX

Papmochani Ekadashi 2026: चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पापमोचनी एकादशी के नाम से जानते हैं. इस व्रत को पापों से मुक्ति दिलाने वाली एकादशी मानते हैं. पापमोचनी एकादशी के व्रत को करने से अनजाने में किये गए पापों से मुक्ति मिलती है. मार्च महीने में पापमोचनी एकादशी का व्रत किस दिन पड़ रहा है चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

कब है पापमोचनी एकादशी?

चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च 2026, दिन शनिवार को सुबह 8 बजकर 10 मिनट से लेकर 15 मार्च 2026, दिन रविवार को सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगी. ऐसे में उदयातिथि को महत्व देते हुए एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026, दिन रविवार को होगा. इस दिन व्रत रखा जाएगा. पापमोचनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने का विधान है. आप व्रत और पूजन कर जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं.

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ये भी पढ़ें – Baisakhi 2026 Date: 13 या 14 अप्रैल, कब है बैसाखी? जानिए सटीक तारीख और इस दिन का महत्व

पापमोचनी एकादशी शुभ मुहूर्त

15 मार्च को पापमोचनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह में रहेगा. पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 8 बजकर 1 मिनट से लेकर दोपहर को 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. आप इस मुहूर्त में पूजा-अर्चना कर सकते हैं. इस व्रत का पारण अगले दिन अगले दिन 16 मार्च को द्वादशी तिथि पर सुबह 6 बजकर 30 मिनट से लेकर 8 बजकर 54 मिनट के बीच किया जा सकेगा.

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पापमोचनी एकादशी पूजा विधि

आप पापमोचनी एकादशी का व्रत कर रहे हैं तो सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें. पूजा स्थल की सफाई करें और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें. कलश में जल भरकर इसमें तुलसी दल, सुपारी और अक्षत डालें. भगवान के समक्ष घी का दीपक जलाएं. “ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम:” और “ओम विष्णवे नम:” मंत्र का जाप करें. विष्णु चालीसा का पाठ करें और आरती कर भोग लगाएं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 08, 2026 05:39 PM

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