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Shivling Puja Rules: सनातन धर्म में सोमवार को भगवान शिव की पूजा का विधान है। शिवजी के भक्त और साधक इस दिन को मंदिर और देवालयों में शिवलिंग का अभिषेक शीतल जल, दूध, शहद या गंगाजल से करते हैं। साथ ही, पूरी भक्ति और श्रद्धा से उनकी आराधना ताजे बेलपत्र, फूल, फल, मिष्टान्न और भांति-भांति के चढ़ावा और भोग से करते हैं। शिवजी को कुछ चीजें चढ़ाना वर्जित माना जाता है। वस्तुओं को भूल से इन्हें अर्पित नहीं करना चाहिए, अन्यथा वे नाराज हो जाते हैं। शिवजी के रुष्ट होने का असर इंसान के भाग्योदय पर जबरदस्त रूप से पड़ता है। आइए जानते हैं, क्या है वे चीजें…
शिव पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित है। तुलसी को भगवान विष्णु की पत्नी माना जाता है।
शिवजी एक सात्विक देवता हैं, इसलिए उन्हें मांस और मदिरा का भोग लगाना वर्जित है। यह अवश्य है उनके कुछ ऐसे रूप और अवतार हैं, जिन्हें ये चीजें भोग में लगाई जाती है, लेकिन शिवजी को ये भूल से भी चढ़ाना चाहिए।
भारतीय परंपरा में हल्दी शुभ और मांगलिक होता है, लेकिन शिवजी को नहीं चढ़ाई जाती है, क्योंकि शिवजी एक वैरागी देवता हैं। उन्हें हल्दी पसंद नहीं है।
सिंदूर सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक है, जो कारण हल्दी से जुड़ा है, वही सिंदूर पर भी लागू होता। शिवजी योगी हैं, वैरागी हैं, अवधूत हैं, इसलिए उन्हें सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता है।
केतकी को भगवान शिव का श्राप है, क्योंकि उसने ब्रह्माजी के कहने पर शिवजी से झूठ बोला, जिससे वे बहुत क्रोधित हुए थे। इसलिए शिव पूजा में केतकी फूल का उपयोग नहीं होता है। इसको चढाने से भाग्योदय रुक जाता है।
शिवलिंग पर नारियल का दूध चढ़ाया जा सकता है, लेकिन उनको नारियल का पानी नहीं चढ़ाया जाता है।
शिवजी को बेलपत्र बहुत प्रिय है, लेकिन पत्ते के साथ। उन्हें केवल बेल पत्र के डंठल चढाने से दोष होता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, काला तिल भगवान विष्णु के मेल से उत्पन्न हुआ है। इसलिए शिवजी का जलाभिषेक करते हुए या दूध का अभिषेक करते हुए उसमें कभी भी तिल का प्रयोग न करें। मान्यता है कि इसलिए इसे शिवलिंग पर भूल से भी अर्पित नहीं करना चाहिए।
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शंख शंखचूड़ नामक राक्षस से उत्पन्न हुआ माना जाता है, जिसका भगवान शिव ने वध किया था। इस कारण से शंख शिवलिंग पर नहीं चढ़ाया जाता है। भूल से भी शंख से शिवलिंग अभिषेक नहीं करना चाहिए।
भगवान शिव को चावल बहुत पसंद है, लेकिन सीधे और साबुत। टूटे हुए चावल चढ़ाने वे रुष्ट हो जाते हैं। इसलिए शिवपूजा में साबुत चावल ही चढ़ाने चाहिए।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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