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Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा ने बताया धन बढ़ाने का रहस्य, इन 5 जगहों पर खर्च करें पैसा, नहीं रहेगी किसी चीज की कमी

Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा कहते हैं, धन केवल जमा करने से स्थिर हो जाता है, पर सही दिशा में किया गया खर्च उसे बढ़ाता भी है और मन को शांति देता है। सेवा भावना से दिया गया धन कभी व्यर्थ नहीं जाता है। आइए जानते हैं, वे 5 जगहें कौन-सी हैं, जहां खर्च करना निवेश बन जाता है?

Author Written By: Shyamnandan Updated: Dec 23, 2025 20:16
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Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा की शिक्षाएं जीवन को सरल और सार्थक बनाती है। बाबा का मानना था कि धन केवल जमा करने से स्थिर हो जाता है, पर सही दिशा में लगाया जाए तो वही धन बढ़ता भी है और मन को शांति भी देता है। उन्होंने कुछ ऐसे क्षेत्र बताए, जहां खर्च करना वास्तव में निवेश बन जाता है। बाबा कहते थे कि सेवा भावना से किया गया खर्च कभी व्यर्थ न जाता। जब मन साफ हो और उद्देश्य भला हो, तब दिया गया धन कई गुना होकर जीवन में लौटता है। इसलिए इन जगहों पर खर्च करने से हिचकना नहीं चाहिए। आइए जानते हैं कि ये जगह कौन-कौन से हैं?

बीमारी में सहायता

बीमारी इंसान को कमजोर बना देती है। ऐसे समय में मदद मिलना बड़ा सहारा बनता है। बाबा ने कहा है कि अपनी क्षमता के अनुसार किसी रोगी के इलाज, दवा या भोजन में सहयोग करना बहुत बड़ा पुण्य है। इससे दान देने वाले को आत्मिक संतोष मिलता है और जीवन में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक ऊर्जा आती है। कई बार छोटी मदद भी किसी के लिए जीवनदायिनी बन जाती है।

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गरीब और जरूरतमंद

गरीबी केवल धन की कमी तक सीमित विषय न होकर अवसर की कमी भी है। जरूरतमंद परिवार के भोजन, कपड़े या बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करना समाज को मजबूत बनाता है। बाबा का संदेश था कि जब किसी कमजोर का हाथ थामा जाता है, तब ईश्वर की कृपा स्वतः मिलती है। ऐसे कार्य से जीवन में स्थिरता आती है।

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समाज के लिए योगदान

समाज वही मजबूत होता है जहां लोग मिलकर जिम्मेदारी निभाते है। बाबा ने कहा है कि अपनी आय का छोटा हिस्सा स्कूल, पुस्तकालय, अस्पताल या स्वच्छता जैसे कार्यों में देना दूरगामी लाभ देता है। इससे केवल समाज ही नही, बल्कि दान देने वाले का आत्मविश्वास और सम्मान भी बढ़ता है। यह खर्च भविष्य की नींव बनता है।

धार्मिक दान का महत्व

धार्मिक स्थलों पर दिया गया दान आस्था और अनुशासन सिखाता है। मंदिर या पवित्र स्थान पर सहयोग करने से वहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधा मिलती है। साथ ही कई जरूरतमंद लोगों तक भोजन और सहायता पहुंचती है। यह दान मन को संयम और श्रद्धा से जोड़ता है।

शिक्षा और कौशल

आज के समय में शिक्षा और कौशल पर खर्च भी सबसे श्रेष्ठ निवेश है। किसी बच्चे की पढ़ाई, किसी युवा के प्रशिक्षण या किसी महिला के स्वावलंबन में सहयोग करने से समाज आगे बढ़ता है। बाबा की भावना यही थी कि आत्मनिर्भर इंसान सशक्त समाज बनाता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Dec 23, 2025 08:16 PM

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