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Neem Karoli Baba: जीवन में बढ़ती रहेगी सुख-समृद्धि, दुख रहेगा हमेशा दूर, याद रखें नीम करौली बाबा की ये 5 बातें

Neem Karoli Baba: आधुनिक भारत के महान संत नीम करौली बाबा की शिक्षाएं आज भी लोगों को सादगी, सेवा, सही धन उपयोग और ईश्वर भरोसे का मार्ग दिखाती हैं. आइए जानते हैं, बाबा के उपदेश से 5 सीख, जिसे अपनाकर सच में सुख समृद्धि और मन की शांति पा सकते हैं.

Author Written By: Shyamnandan Updated: Feb 17, 2026 18:25
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Neem Karoli Baba: आधुनिक भारत के प्रसिद्ध संत नीम करौली बाबा आज भी आस्था और विश्वास का बड़ा नाम हैं. भले ही वे देह रूप में मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी शिक्षाएं लाखों लोगों के जीवन को दिशा दे रही हैं. उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित उनका आश्रम कैंची धाम देश और विदेश के भक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र है. यहां हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. भक्त उन्हें हनुमान जी का स्वरूप मानते हैं. आइए जानते हैं, नीम करौली बाबा के 5 प्रमुख संदेश आज भी जीवन को सरल और संतुलित बनाने का मार्ग बताते हैं.

धन का सही उपयोग

बाबा कहते थे, धन साधन है, साध्य नहीं. पैसा कमाना जरूरी है, लेकिन उससे अधिक जरूरी है उसका सही उपयोग. फिजूल खर्च करने वाला व्यक्ति कभी संतुष्ट नहीं रह पाता. बचत और संयम से खर्च करने वाला व्यक्ति कठिन समय में भी मजबूत रहता है.

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धर्म और सेवा में निवेश

उनका मानना था कि धन का एक हिस्सा सेवा और धार्मिक कार्यों में लगाना चाहिए. जरूरतमंद की मदद, भोजन दान, या किसी पुण्य कार्य में सहयोग, जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है. इससे घर का माहौल शांत और समृद्ध बनता है.

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अपनी कमजोरी और ताकत को गोपनीय रखें

बाबा व्यवहारिक जीवन की सीख भी देते थे. वे कहते थे कि अपनी कमजोरी हर किसी के सामने प्रकट न करें. दुनिया हर समय सहानुभूति नहीं देती. अपनी ताकत को निखारें और कमजोरियों पर स्वयं काम करें. यही समझदारी है.

ईश्वर पर अटूट विश्वास

उनकी सबसे बड़ी शिक्षा थी भरोसा. कठिन समय में घबराने के बजाय ईश्वर को याद करें. सच्चे मन से की गई प्रार्थना मन को स्थिर करती है. विश्वास से निर्णय मजबूत होते हैं और डर कम होता है.

सरल जीवन, ऊंचे विचार

बाबा स्वयं सादगी का उदाहरण थे. वे दिखावे से दूर रहते थे. उनका संदेश था कि जीवन को सरल रखें. कम इच्छाएं, कम तनाव. अधिक सेवा, अधिक शांति.

आज भी उत्तराखंड स्थित कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालु इन शिक्षाओं को जीवन में उतारने की बात करते हैं. बाबा के संदेश आध्यात्मिकता के साथ व्यावहारिक जीवन का संतुलन सिखाते हैं. यही कारण है कि दशकों बाद भी उनका प्रभाव कम नहीं हुआ है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Feb 17, 2026 06:25 PM

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