---विज्ञापन---

Religion angle-right

Men Ear Piercing Astrology: लड़कों का कान छिदवाना कब है अशुभ, जानें ज्योतिषीय महत्व, सही मुहूर्त और धातु

Men Ear Piercing Astrology: ज्योतिष शास्त्र में लड़कों का कान छिदवाना केवल फैशन नहीं, बल्कि एक पवित्र संस्कार है. लेकिन क्या आप जानते हैं यह कब शुभ होता है और कब अशुभ? जानें सही मुहूर्त, शुभ धातु और ज्योतिषीय महत्व, जो जीवन में मानसिक संतुलन, ऊर्जा और सौभाग्य बढ़ा सकता है.

---विज्ञापन---

Men Ear Piercing Astrology: आजकल लड़कों में कान छिदवाना एक स्टाइल स्टेटमेंट बन गया है. सोशल मीडिया और फिल्मों में यह ट्रेंड खूब देखा जा रहा है. लेकिन हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में इसे केवल फैशन नहीं माना जाता है. इसे कर्णवेध संस्कार कहा गया है, जो जीवन में कई सकारात्मक प्रभाव लाने वाला माना गया है. आइए जानते हैं, लड़कों का कान छिदवाना कब शुभ है और कब अशुभ, इसका ज्योतिषीय महत्व, सही मुहूर्त और शुभ धातु क्या है?

सनातन धर्म में कर्णवेध का महत्व

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, कान छिदवाने की सही उम्र, शुभ मुहूर्त और विधि बहुत जरूरी है. यह संस्कार न केवल शरीर में ऊर्जा का संतुलन बनाए रखता है, बल्कि बच्चे के मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास में भी सहायक होता है. प्राचीन काल में लड़कों का भी यह संस्कार निश्चित रूप से कराया जाता था.

---विज्ञापन---

ज्योतिषीय दृष्टिकोण

ज्योतिष के अनुसार, गलत नक्षत्र, अशुभ दिन या बिना शुद्धि-संस्कार के कान छिदवाना अशुभ प्रभाव ला सकता है. ऐसा करने से करियर में रुकावट, मानसिक तनाव, आत्मविश्वास में कमी और विवाह में देरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. इसलिए शास्त्र में कहा गया है कि सिर्फ फैशन के लिए कान छिदवाना सही नहीं.

यह भी पढ़ें: Neem Karoli Baba: जरूर जानें नीम करोली बाबा की ये अनमोल बातें, हनुमान जी करेंगे बेड़ा पार

---विज्ञापन---

आयुर्वेद और विज्ञान

आयुर्वेद में कान के निचले हिस्से में एक महत्वपूर्ण प्रेशर पॉइंट होता है. इस पर छेदन करने से दिमाग के दोनों हिस्से सक्रिय होते हैं. इससे याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक संतुलन बढ़ता है. कुछ शोधों के अनुसार, यह तनाव और अवसाद कम करने में भी मदद करता है.

धातु का चयन

शास्त्रों में सोना और चांदी सबसे शुभ मानी गई हैं. सोने की बाली पहनने से सूर्य और गुरु ग्रह मजबूत होते हैं, जिससे आत्मसम्मान, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. सस्ती या नकली धातु का प्रयोग अशुभ प्रभाव ला सकता है.

---विज्ञापन---

सही समय और विधि

शुभ मुहूर्त, सही विधि और शुद्ध धातु के साथ किया गया कर्णवेध संस्कार जीवन में सौभाग्य, मानसिक संतुलन और ऊर्जा बढ़ाने वाला माना गया है. यह केवल एक फैशन ट्रेंड नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला संस्कार है.

यह भी पढ़ें: Numerology Personality Traits: मेहनत बहुत, सफलता देर से, जानें क्यों देर से भरती है इस मूलांक के लोगों की तिजोरी

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jan 10, 2026 10:57 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola