Masik Kalashtami 2026 Upay: भगवान शिव के भक्तों के लिए कालाष्टमी तिथि का खास महत्व है, जिसका व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार आज 9 फरवरी 2026 को फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का व्रत रखा जा रहा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो लोग सच्चे मन से कालाष्टमी का व्रत रखते हैं, उन्हें शिव जी के काल भैरव रूप की विशेष कृपा प्राप्त होती है. साथ ही शत्रुओं से रक्षा होती है और व्यक्ति भय, नकारात्मक ऊर्जा व बीमारियों से बचा रहता है.
पूजा-पाठ के अलावा कालाष्टमी पर कुछ उपायों को करके भी काल भैरव को खुश किया जा सकता है. चलिए अब जानते हैं आज 9 फरवरी 2026 को कालाष्टमी के दिन काल भैरव की विशेष कृपा पाने के अचूक उपायों के बारे में.
कालाष्टमी की पूजा का शुभ-अशुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12:13 से दोपहर 12:58
- विजय मुहूर्त- दोपहर 02:26 से दोपहर 03:10
- सायाह्न सन्ध्या- शाम 06:07 से शाम 07:24
- राहुकाल- सुबह 08:27 से सुबह 09:50
- दुर्मुहूर्त- दोपहर 12:58 से दोपहर 01:42 और दोपहर 03:10 से दोपहर 03:54
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कालाष्टमी के दिन करने वाले अचूक उपाय
- आज कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा करें. साथ ही उन्हें काले रंग का एक धागा अर्पित करें. कुछ देर बाद वो धागा उठाएं और अपने दाहिने पैर में बांध लें. ऐसा करने से न सिर्फ आप नकारात्मक ऊर्जा की चपेट में आने से बचे रहेंगे, बल्कि सेहत में भी सुधार होने लगेगा.
- कुत्ते को काल भैरव का वाहन माना जाता है, जिसे कालाष्टमी के दिन भोजन कराना शुभ होता है. खासकर, सरसों के तेल में बनी 3 रोटी सुबह और शाम काले कुत्ते को खिलाएं. इससे न सिर्फ आपको पुण्य मिलेगा, बल्कि मन शांत होगा और सेहत में सुधार होने लगेगा.
- जिन लोगों के घर में हर समय तनाव का माहौल रहता है या रिश्तों में बहुत ज्यादा दूरियां आ गई हैं, वो आज कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा करें. साथ ही शाम के समय अपने घर के मंदिर में सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं, लेकिन दीपक मिट्टी का होना चाहिए. दीपक जलाते समय 'ऊं ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊं' मंत्र का 5 बार जाप करें. मंत्र जाप के बाद शिव चालीसा का पाठ जरूर करें. इस उपाय से आपके घर-परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा. साथ ही आर्थिक स्थिति को बल मिलेगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Masik Kalashtami 2026 Upay: भगवान शिव के भक्तों के लिए कालाष्टमी तिथि का खास महत्व है, जिसका व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार आज 9 फरवरी 2026 को फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का व्रत रखा जा रहा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो लोग सच्चे मन से कालाष्टमी का व्रत रखते हैं, उन्हें शिव जी के काल भैरव रूप की विशेष कृपा प्राप्त होती है. साथ ही शत्रुओं से रक्षा होती है और व्यक्ति भय, नकारात्मक ऊर्जा व बीमारियों से बचा रहता है.
पूजा-पाठ के अलावा कालाष्टमी पर कुछ उपायों को करके भी काल भैरव को खुश किया जा सकता है. चलिए अब जानते हैं आज 9 फरवरी 2026 को कालाष्टमी के दिन काल भैरव की विशेष कृपा पाने के अचूक उपायों के बारे में.
कालाष्टमी की पूजा का शुभ-अशुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12:13 से दोपहर 12:58
- विजय मुहूर्त- दोपहर 02:26 से दोपहर 03:10
- सायाह्न सन्ध्या- शाम 06:07 से शाम 07:24
- राहुकाल- सुबह 08:27 से सुबह 09:50
- दुर्मुहूर्त- दोपहर 12:58 से दोपहर 01:42 और दोपहर 03:10 से दोपहर 03:54
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कालाष्टमी के दिन करने वाले अचूक उपाय
- आज कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा करें. साथ ही उन्हें काले रंग का एक धागा अर्पित करें. कुछ देर बाद वो धागा उठाएं और अपने दाहिने पैर में बांध लें. ऐसा करने से न सिर्फ आप नकारात्मक ऊर्जा की चपेट में आने से बचे रहेंगे, बल्कि सेहत में भी सुधार होने लगेगा.
- कुत्ते को काल भैरव का वाहन माना जाता है, जिसे कालाष्टमी के दिन भोजन कराना शुभ होता है. खासकर, सरसों के तेल में बनी 3 रोटी सुबह और शाम काले कुत्ते को खिलाएं. इससे न सिर्फ आपको पुण्य मिलेगा, बल्कि मन शांत होगा और सेहत में सुधार होने लगेगा.
- जिन लोगों के घर में हर समय तनाव का माहौल रहता है या रिश्तों में बहुत ज्यादा दूरियां आ गई हैं, वो आज कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा करें. साथ ही शाम के समय अपने घर के मंदिर में सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं, लेकिन दीपक मिट्टी का होना चाहिए. दीपक जलाते समय ‘ऊं ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊं’ मंत्र का 5 बार जाप करें. मंत्र जाप के बाद शिव चालीसा का पाठ जरूर करें. इस उपाय से आपके घर-परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा. साथ ही आर्थिक स्थिति को बल मिलेगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.