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Masik Janmashtami 2026 Date: 9 या 10 जनवरी, कब है 2026 की पहली मासिक जन्माष्टमी? जानें सही डेट, महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

Masik Janmashtami 2026 Date: मासिक जन्माष्टमी के दिन विधि विधान से भगवान श्रीकृष्ण पूजा और व्रत करने से आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. साल 2026 की पहली मासिक जन्माष्टमी माघ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ रही है. आइए जानते हैं, इस साल यह कब मनाई जाएगी और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

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Masik Janmashtami 2026 Date: मासिक जन्माष्टमी हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. माघ मास की मासिक जन्माष्टमी 2026 को लेकर भक्तों के मन में असमंजस बना हुआ है. आइए जानते हैं कि साल 2026 की पहली मासिक जन्माष्टमी 9 जनवरी को मनाई जाएगी या 10 जनवरी को. यहां पंचांग के अनुसार इसका सही तारीख, महत्व और पूजा का शुभ समय बताया जा रहा है.

मासिक जन्माष्टमी क्या है?

मासिक जन्माष्टमी हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है, जो भगवान श्री कृष्ण के जन्म से जुड़ी तिथि है. सामान्य जन्माष्टमी भाद्रपद माह में साल में एक बार आती है, जबकि मासिक जन्माष्टमी हर महीने आती है और व्यक्तिगत साधना तथा व्रत के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.

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2026 की पहली मासिक जन्माष्टमी कब है?

द्रिक पंचांग के अनुसार माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 10 जनवरी 2026 को सुबह 08:23 बजे से शुरू होगी और 11 जनवरी 2026 को सुबह 10:20 बजे तक कायम रहेगी. चूंकि इसमें उदयातिथि का नियम मान्य नहीं होता है, इसलिए वर्ष 2026 की पहली मासिक जन्माष्टमी शनिवार, 10 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी. 9 जनवरी को अष्टमी तिथि न होने के कारण उस दिन मासिक जन्माष्टमी नहीं मानी जाएगी.

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पूजा का शुभ मुहूर्त

मासिक जन्माष्टमी पर रात्रि पूजा का विशेष महत्व होता है, क्योंकि भगवान श्री कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में माना जाता है. साल की पहली मासिक जन्माष्टमी की पूजा के लिए निशिता पूजा का समय इस प्रकार है:

निशिता पूजा काल: रात 12:02 बजे से 12:56 बजे तक (11 जनवरी, 2026) – मान्यताओं के अनुसार, इस समय पूजा करने से व्रत का पूर्ण फल मिलता है.

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मासिक जन्माष्टमी का धार्मिक महत्व

मासिक जन्माष्टमी मन को शुद्ध करने और भक्ति भाव को मजबूत करने का अवसर देती है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से बाल गोपाल की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं. नियमित रूप से यह व्रत करने से धन, यश और संतान सुख की प्राप्ति होती है.

जानें सरल पूजा-विधि

सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें.
घर के मंदिर को स्वच्छ करें.
पीले वस्त्र पर लड्डू गोपाल को स्थापित करें.
पंचामृत से अभिषेक कराएं और नए वस्त्र पहनाएं.
तुलसी, फूल, माखन और मिश्री अर्पित करें.
घी का दीपक जलाकर आरती करें.
‘हरे कृष्ण हरे कृष्ण’ और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें.
रात में चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jan 07, 2026 04:09 PM

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About the Author

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.

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