Sofa Direction Vastu: कई बार हम घर की कुछ प्रॉब्लम, आपसी मतभेद, मनमुटाव, झगड़े-क्लेश के लिए बाहरी परिस्थितियों को जिम्मेदार मान लेते हैं. लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसका कारण घर का सोफा भी हो सकता है, जहां हम रोजाना चैन और सुकून से उठते-बैठते हैं. इस शास्त्र में घर के फर्नीचर और सोफा को केवल सजावट या जरूरत का सामान नहीं माना गया है, बल्कि यह ऊर्जा का एक बहुत बड़ा केंद्र भी होता है. वास्तु नियमों के मुताबिक, घर की गलत दिशा में रखा सोफा रिश्तों में कड़वाहट ला सकता है, जबकि सही दिशा मिठास और प्यार बढ़ा सकती है. आइए जानते हैं, किस दिशा में सोफा रखने से तरक्की होती है और रिश्ते भी मधुर बने रहते हैं?
दक्षिण-पश्चिम दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में किसी भी भारी फर्नीचर को रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण सबसे बढ़िया दिशा मानी गई है. कहते हैं, इस दिशा में सोफा रखने से घर, परिवार और जीवन में स्थिरता और सुरक्षा बढ़ती है. वास्तु अनुसार, सोफे को हमेशा दक्षिण या पश्चिम दीवार से सटाकर या उसके पास रखना चाहिए
उत्तर या पूर्व दिशा
उत्तर और पूर्व दिशा में वास्तु शास्त्र में सोफा रखने की वैकल्पिक दिशा माना गया है. जिन घरों में दक्षिण-पश्चिम में जगह न हो, तो इस दिशा में दीवार के पास भी सोफा रख सकते हैं. लेकिन इसमें एक नियम यह भी है सोफे को दीवार से कम से कम 6 से 8 इंच दूर रखना चाहिए. इससे रिश्ते सहज रहते हैं.
बैठते समय मुंह की दिशा
वास्तु नियमों के मुताबिक, सही दिशा में सोफा लगा होने से, जो कि प्राय L-शेप में होता है, तो बैठने वाले का मुख स्वभाविक रूप से उत्तर या पूर्व दिशा में होगा. मान्यता मुख का इस दिशा में होने से बातचीत की ऊर्जा बेहद सकारात्मक और लाभकारी रहती है. यह मानसिक शांति बढ़ाता है और वार्तालाप को मधुर बनाता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.