---विज्ञापन---

Religion

Makar Sankranti 2026: क्या 15 जनवरी को भी मान्य है मकर संक्रांति का स्नान-दान? जानें शास्त्रीय नियम

Makar Sankranti 2026: ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दोपहर के बाद होना और षटतिला एकादशी की तिथि से इस संयोग होने के कारण, इस बार मकर संक्रांति पर्व दो दिनों का होगा. लेकिन मकर संक्रांति का स्नान-दान 15 जनवरी को भी मान्य है या नहीं, आइए जानते हैं विस्तार से…

Author
Written By: Shyamnandan Updated: Jan 14, 2026 11:00
Makar-Sankranti

Makar Sankranti 2026: साल 2026 की मकर संक्रांति इस बार बेहद खास मानी जा रही है. इसका कारण है- सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दोपहर के बाद होना और षटतिला एकादशी की तिथि से संयोग. इसी वजह से मकर संक्रांति का स्नान और दान एक नहीं, बल्कि दो दिन तक किया जा सकेगा. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार, 14 और 15 जनवरी दोनों ही तिथियों का धार्मिक फल समान रहेगा. ऐसे में श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि स्नान-दान किस दिन अधिक श्रेष्ठ होगा? आइए इसे विस्तार से जानते हैं.

क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है, तब मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. इसी दिन से सूर्य उत्तरायण होता है, जिसे देवताओं का दिन कहा गया है. इस काल को शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है.

---विज्ञापन---

14 जनवरी को क्यों है मकर संक्रांति?

साल 2026 में सूर्य 14 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेगा. राशि परिवर्तन के कारण इसी दिन मकर संक्रांति मानी जाएगी. कई स्थानों पर इसी दिन पवित्र नदियों में स्नान, तिल और गुड का दान तथा सूर्य पूजा की जाएगी.

यह भी पढ़ें: Numerology Personality Traits: इस मूलांक के लोग धन जमा करने में होते हैं उस्ताद, जीते हैं बिंदास जिंदगी

---विज्ञापन---

15 जनवरी को स्नान-दान क्यों रहेगा मान्य?

धर्म ग्रंथों में स्नान और दान का महत्व मुख्य रूप से सूर्योदय काल में बताया गया है. चूंकि 14 जनवरी को सूर्य का प्रवेश दोपहर बाद हो रहा है, इसलिए उसका पूर्ण प्रभाव अगले दिन यानी 15 जनवरी की सुबह माना जाएगा. इसी कारण कई विद्वान उदयातिथि को अधिक महत्व देते हैं.

जानें उदयातिथि का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस तिथि का सूर्योदय होता है, वही तिथि कर्मकांड के लिए अधिक प्रभावी मानी जाती है. इस बार 15 जनवरी की सुबह सूर्य मकर राशि में स्थित रहेगा. इसलिए उस दिन स्नान और दान करने से भी वही पुण्य फल प्राप्त होगा.

---विज्ञापन---

द्वादशी तिथि का संयोग है शुभ

15 जनवरी को द्वादशी तिथि भी है. शास्त्रों में द्वादशी को अन्न दान के लिए शुभ बताया गया है. इसी कारण इस दिन खिचडी दान और सामूहिक भोजन का विशेष महत्व रहेगा. कई क्षेत्रों में सामाजिक और धार्मिक आयोजन इसी दिन किए जाएंगे.

दो दिन मिलेगा पुण्य लाभ

ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य बताते हैं कि 14 और 15 जनवरी दोनों ही दिन स्नान-दान करने से समान पुण्य फल प्राप्त होगा. इस तरह श्रद्धालु अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार दो दिनों में से किसी भी दिन या दोनों दिन मकर संक्रांति के पुण्य कार्य कर सकते हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: Makar Sankranti Vastu Tips: मकर संक्रांति पर घर लाएं ये 5 वस्तुएं, चमक उठेगी किस्मत

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

---विज्ञापन---
First published on: Jan 14, 2026 11:00 AM

End of Article
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.