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Mahashivratri 2024 : महाशिवरात्रि पर करें इस समय शिवलिंग का जलाअभिषेक, मिलेगा मनचाहा वरदान

Mahashivratri 2024 : महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को अभिषेक करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि जो लोग इस दिन विधि-विधान से पूजा अर्चना करते हैं उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। लेकिन भगवान शिव को अभिषेक करने का कुछ नियम होते हैं, जिन्हें पालन करना बहुत ही जरूरी होता है। तो आइए उन नियमों के बारे में जानते हैं।

Edited By : Raghvendra Tiwari | Updated: Mar 5, 2024 17:54
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Mahashivratri 2024

Mahashivratri 2024 Jal Abhishek Time : देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बहुत ही खास माना गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव को मात्र जल से अभिषेक किया जाएं तो यह बेहद प्रसन्न हो जाते हैं। महाशिवरात्रि इस साल 8 मार्च दिन शुक्रवार को पड़ रही है। इस दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा विधि-विधान की जाती है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का मिलन हुआ था।

महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि जो लोग महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखकर शिवलिंग पर विधि-विधान से अभिषेक करते हैं तो उनसे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। साथ ही अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं। मान्यता है इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। तो आज इस खबर में जानेंगे कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव पर जलाभिषेक करने का शुभ मुहूर्त क्या है और जल अर्पित करने का विधि क्या है।

महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि इस साल 8 मार्च 2024 दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी और समाप्ति अगले दिन यानी 9 मार्च 2024 दिन शनिवार को शाम 6 बजकर 17 मिनट पर होगी। ऐसे में महाशिवरात्रि का पर्व 8 मार्च को ही रखा जाएगा।

पूजा का शुभ मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा चार प्रहर में का जाएगी। जो कुछ इस प्रकार है।

प्रथम प्रहर में पूजा करने का शुभ समय 8 मार्च दिन शुक्रवार को शाम 06 बजकर 25 मिनट से लेकर रात्रि के 09 बजकर 28 मिनट तक है। वहीं दूसरे प्रहर में पूजा का शुभ समय रात्रि के 9 बजकर 28 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 9 मार्च की मध्यरात्रि 12 बजकर 31 मिनट तक है। उसके बाद तीसरे प्रहर में पूजा करने का शुभ समय 9 मार्च की मध्यरात्रि 12 बजकर 31 मिनट से लेकर प्रातः 3 बजकर 34 मिनट तक है। उसके बाद चतुर्थ प्रहर में पूजा का शुभ समय 3 बजकर 34 मिनट से लेकर सुबह के 6 बजकर 37 मिनट तक है।

महाशिवरात्रि की पूजा सामग्री

ज्योतिषियों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन पूजा में दही, दूध, शहद, घी, अक्षत, मोली, सुपारी, चंदन, बेलपत्र, मिठाई, फूल, फल, धतूरा, शमी के पत्ते, पानी वाला नारियल, गन्ने का रस, तिल, इलायची, जौ, रुद्राक्ष, पान, सुपारी, जल और भांग आदि चीजें शामिल करें।

शिवलिंग पर ऐसे करें अभिषेक

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। उसके बाद दिन भगवान शिव का ध्यान करें। ध्यान करने के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें। बाद में शिवलिंग पर दूध, दही, शहद और गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करें। उसके बाद शिवलिंग पर चंदन, मौली, सुपारी, पान के पत्ते, फल, फूल और नारियल अर्पित करें। बाद में भगवान शिव को घी का दीपक जलाकर आरती करें और मंत्र का जाप करें। अंत में फल, मिठाई और अन्य विशेष प्रकार के फल से भोग लगाएं और लोगों में बांट दें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

First published on: Mar 05, 2024 05:54 PM

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