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Mahabharat Facts: श्रीकृष्ण के चक्रव्यूह में फंसकर हारे थे महाभारत के ये 3 योद्धा, जानें कौन कैसे फंसे?

Mahabharat Facts: कभी न कभी आपने ये तो जरूर सुना होगा कि महाभारत का युद्ध केवल बल और शौर्य ही नहीं, बल्कि बुद्धि, रणनीति और छल से भी लड़ा गया था. आज यहां पर आप उन्हीं 3 योद्धाओं के बारे में जानेंगे, जो श्रीकृष्ण के चक्रव्यूह में फंसकर हारे थे.

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Mahabharat Facts: महाभारत काल में कई शक्तिशाली योद्धा थे, जिन्हें अजेय का वरदान प्राप्त था. साथ ही उनकी शक्ति कई देवताओं के समान थी. हालांकि, अधिकतर अजेय योद्धा पांडवों के साथ थे, लेकिन फिर भी उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा, क्यों? क्या कभी आपने इसके बारे में सोचा है? यदि नहीं, तो चलिए महाभारत के उन 3 योद्धाओं के बारे में जानें, जो कृष्ण जी के चक्रव्यूह में फंसकर हार गए थे.

भीष्म पितामह

भीष्म पितामह महाभारत के युद्ध में पांडवों के साथ थे, जिन्हें इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था. युद्ध के दौरान एक पल ऐसा आया था कि कृष्ण जी और भीष्म पितामह आमने-सामने आ गए थे. ऐसे में अर्जुन ने शिखंडी को अपने रथ के सामने खड़ा कर दिया. भीष्म पितामह ने शिखंडी पर हथियार चलाने से मना कर दिया था क्योंकि वो स्त्री थीं. इसी मौके का फायदा उठाकर अर्जुन ने भीष्म पितामह पर तीरों की वर्षा कर दी और शरशैया पर लिटा दिया.

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द्रोणाचार्य

द्रोणाचार्य भी महाभारत युद्ध में कौरवों के साथ थे, जिन्हें मारना पांडवों के लिए बहुत मुश्किल था. हालांकि, द्रोणाचार्य का एक पुत्र था अश्वत्थामा, जिससे वो बहुत प्यार करते थे. युद्ध के दौरान अर्जुन ने अश्वत्थामा नामक हाथी को मार दिया था और सभी जगह खबर फैला दी कि अश्वत्थामा मर गया है. ये बात जब द्रोणाचार्य को पता चली तो उन्हें लगा कि सही में उनका बेटा मर गया है. अपने बेटे के दुख में उन्होंने हथियार छोड़ दिए. इसी समय धृष्टद्युम्न ने उनका वध कर दिया.

कर्ण

कर्ण को दानवीर माना जाता था, जो कभी भी किसी व्यक्ति को कुछ देने से मना नहीं करते थे. महाभारत के युद्ध में कर्ण कौरवों की तरफ से लड़ रहे थे, ऐसे में उन्हें हराना बहुत जरूरी था. हालांकि, श्रीकृष्ण ने योजना बनाई और इंद्र देव को ब्राह्मण का रूप लेकर कर्ण से उनके कवच-कुंडल दान में मांगने को कहा. दानवीर कर्ण ने एक पल में ही उन्हें अपने कवच-कुंडल दे दिए, जिनके होने पर ही उन्हें कोई मार नहीं सकता था. युद्ध के दौरान जब कर्ण का रथ कीचड़ में फंस गया था तो उसे निकालने के लिए जब वो रथ से उतरें, तभी अर्जुन ने निहत्थे कर्ण पर वार कर उनका वध कर दिया.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jun 09, 2026 12:50 PM

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