Ganesh Chaturthi 2026 Katha: गणेश चतुर्थी का पर्व भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा. इस दिन भक्त घरों में गणपति जी की स्थापना करते हैं. इसके बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार, 2 दिनों, 5 दिनों या 7 दिनों में विसर्जन करते हैं. कई भक्त अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन करते हैं. बता दें कि, गणेश चतुर्थी का पर्व गणेश जी के जन्म से जुड़ा है.
गणेश जी के जन्म की कथा
गणेश जी के जन्म से जुड़ी पौराणिक कथा के अनुसार, उनका जन्म हल्दी के उबटन से हुआ था. दरअसल, माता पार्वती ने स्नान से पूर्व शरीर पर हल्दी का उबटन लगाया था. इसे हटाने के बाद उन्होंने इस उबटन से एक पुतला बनाया और इसमें प्राण डाल दिए. इस प्रकार गणेश जी की उत्पत्ति हुई थी. इसके बाद माता पार्वती ने गणेश जी को द्वार पर पहरा देने के लिए कहा. वह खुद नहाने के लिए चली गई.
ये भी पढ़ें – Ganesh Chaturthi 2026 Horoscope: गणेश चतुर्थी पर इन 5 राशियों को मिलेगा बप्पा का विशेष आशीर्वाद, पं. सत्यम विष्णु अवस्थी से जानें
गणेश जी द्वार पर खड़े होकर पहरा दे रहे थे. उसी समय भगवान शिव माता पार्वती से मिलने के लिए वहां पहुंचे. गणेश जी ने शिव जी को अंदर जाने से रोक दिया. इसके बाद शिव जी ने क्रोधित होकर त्रिशूल से गणेश जी का सिर काट दिया. इस घटना के बाद माता पार्वती बाहर आई, उन्होंने विलाप किया और शिव जी से गणेश जी को जिंदा करने के लिए कहा.
गणेश जी को लगाया गया हाथी का सिर
माता पार्वती के कहने पर महादेव ने गणों के जंगल जाने और ऐसे जीव का सिर लाने के लिए कहा, जो माता-पिता की ओर पीठ करके उत्तर दिशा में मुख करके सोया हो. गणों को सबसे पहले एक हाथी का बच्चा ऐसे सोते हुए दिखा. महादेव के गण हाथी के बच्चे का सिर काटकर ले गए. इसके बाद भगवान शिव ने उस हाथी के बच्चे के सिर को बालक के धड़ से जोड़कर उसे फिर से जीवित किया. इस प्रकार से शिव जी ने गणेश जी को पुनर्जीवित किया था.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.