---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Religion angle-right

Vishnu Ji Ki Aarti in Hindi: ‘рдУрдо рдЬрдп рдЬрдЧрджреАрд╢ рд╣рд░реЗ , рд╕реНрд╡рд╛рдореА рдЬрдп рдЬрдЧрджреАрд╢ рд╣рд░реЗ’ рд╢реНрд░реАрд╣рд░рд┐ рдХреА рдХреГрдкрд╛ рдХреЗ рд▓рд┐рдП рдХрд░реЗрдВ рд╡рд┐рд╖реНрдгреБ рдЬреА рдХреА рдЖрд░рддреА рдФрд░ рдЪрд╛рд▓реАрд╕рд╛ рдХрд╛ рдкрд╛рда

Lord Vishnu Chalisa And Aarti: рднрдЧрд╡рд╛рди рд╡рд┐рд╖реНрдгреБ рдЬреА рдХреЛ рдкреНрд░рд╕рдиреНрди рдХрд░рдиреЗ рдХреЗ рд▓рд┐рдП рдЖрдкрдХреЛ рдЖрд░рддреА рдФрд░ рдЪрд╛рд▓реАрд╕рд╛ рдХрд░рдирд╛ рдЪрд╛рд╣рд┐рдП. рдЖрдк рднрдЧрд╡рд╛рди рд╡рд┐рд╖реНрдгреБ рдХреЛ рдкреНрд░рд╕рдиреНрди рдХрд░ рд╕реБрдЦ-рд╕рдореГрджреНрдзрд┐ рдХреА рдкреНрд░рд╛рдкреНрддрд┐ рдХрд░ рд╕рдХрддреЗ рд╣реИрдВ.

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Vishnu Aarti And Chalisa Lyrics In Hindi: सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए विष्णु जी के चालीसा का पाठ करें और आरती करें. आप रोजाना भगवान विष्णु की चालीसा का पाठ करते हैं तो इससे सुख सौभाग्य में वृद्धि होती है. आपको भगवान विष्णु की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. आप चालीसा का पाठ करने के साथ ही भगवान विष्णु जी की आरती करें. आप यहां पर भगवान विष्णु जी की चालीसा और आरती पढ़ सकते हैं.

भगवान विष्णु जी चालीसा (Lord Vishnu Chalisa Lyrics in Hindi)

दोहा

---विज्ञापन---

विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय।
कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय।।

चौपाई

---विज्ञापन---

नमो विष्णु भगवान खरारी, कष्ट नशावन अखिल बिहारी ।
प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी, त्रिभुवन फैल रही उजियारी ।।

सुन्दर रूप मनोहर सूरत, सरल स्वभाव मोहनी मूरत ।
तन पर पीताम्बर अति सोहत, बैजन्ती माला मन मोहत ।।

---विज्ञापन---

शंख चक्र कर गदा विराजे, देखत दैत्य असुर दल भाजे ।
सत्य धर्म मद लोभ न गाजे, काम क्रोध मद लोभ न छाजे ।।

सन्तभक्त सज्जन मनरंजन, दनुज असुर दुष्टन दल गंजन ।
सुख उपजाय कष्ट सब भंजन, दोष मिटाय करत जन सज्जन ।।

---विज्ञापन---

पाप काट भव सिन्धु उतारण, कष्ट नाशकर भक्त उबारण ।
करत अनेक रूप प्रभु धारण, केवल आप भक्ति के कारण ।।

धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा, तब तुम रूप राम का धारा ।
भार उतार असुर दल मारा, रावण आदिक को संहारा ।।

---विज्ञापन---

आप वाराह रूप बनाया, हिरण्याक्ष को मार गिराया ।
धर मत्स्य तन सिन्धु बनाया, चौदह रतनन को निकलाया।।

अमिलख असुरन द्वन्द मचाया, रूप मोहनी आप दिखाया ।
देवन को अमृत पान कराया, असुरन को छवि से बहलाया।।

---विज्ञापन---

कूर्म रूप धर सिन्धु मझाया, मन्द्राचल गिरि तुरत उठाया ।
शंकर का तुम फन्द छुड़ाया, भस्मासुर को रूप दिखाया ।।

वेदन को जब असुर डुबाया, कर प्रबन्ध उन्हें ढुढवाया ।
मोहित बनकर खलहि नचाया, उसही कर से भस्म कराया ।।

---विज्ञापन---

असुर जलन्धर अति बलदाई, शंकर से उन कीन्ह लड़ाई ।
हार पार शिव सकल बनाई, कीन सती से छल खल जाई।।

सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी, बतलाई सब विपत कहानी ।
तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी, वृन्दा की सब सुरति भुलानी।।

---विज्ञापन---

देखत तीन दनुज शैतानी, वृन्दा आय तुम्हें लपटानी ।
हो स्पर्श धर्म क्षति मानी, हना असुर उर शिव शैतानी।।

तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे, हिरणाकुश आदिक खल मारे ।
गणिका और अजामिल तारे, बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे।।

---विज्ञापन---

हरहु सकल संताप हमारे, कृपा करहु हरि सिरजन हारे ।
देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे, दीन बन्धु भक्तन हितकारे।।

चाहता आपका सेवक दर्शन, करहु दया अपनी मधुसूदन ।
जानूं नहीं योग्य जब पूजन, होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन ।।

---विज्ञापन---

शीलदया सन्तोष सुलक्षण, विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण ।
करहुं आपका किस विधि पूजन, कुमति विलोक होत दुख भीषण ।।

करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण, कौन भांति मैं करहु समर्पण ।
सुर मुनि करत सदा सेवकाई, हर्षित रहत परम गति पाई ।।

---विज्ञापन---

दीन दुखिन पर सदा सहाई, निज जन जान लेव अपनाई ।
पाप दोष संताप नशाओ, भव बन्धन से मुक्त कराओ।।

सुत सम्पति दे सुख उपजाओ, निज चरनन का दास बनाओ ।
निगम सदा ये विनय सुनावै, पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै।।

---विज्ञापन---

भगवान विष्णु जी की आरती (Vishnu Ji Ki Aarti)

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
ॐ जय जगदीश हरे…

जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।
स्वामी दुःख विनसे मन का।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
ॐ जय जगदीश हरे…

---विज्ञापन---

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी।
स्वामी शरण गहूं मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी॥
ॐ जय जगदीश हरे…

तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
स्वामी तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ॐ जय जगदीश हरे…

---विज्ञापन---

तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।
स्वामी तुम पालन-कर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
ॐ जय जगदीश हरे…

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
स्वामी सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति॥
ॐ जय जगदीश हरे…

---विज्ञापन---

दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
स्वामी तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठा‌ओ, द्वार पड़ा तेरे॥
ॐ जय जगदीश हरे…

विषय-विकार मिटा‌ओ, पाप हरो देवा।
स्वामी पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ा‌ओ, संतन की सेवा॥
ॐ जय जगदीश हरे…

---विज्ञापन---

श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।
स्वामी जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
ॐ जय जगदीश हरे…

ये भी पढ़ें – Shiv Chalisa And Aarti Lyrics: देवों के देव महादेव को ऐसे करें प्रसन्न, भोलेनाथ की कृपा के लिए करें शिव चालीसा का पाठ

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Oct 07, 2025 07:56 PM

End of Article

About the Author

Aman Maheshwari

рдЕрдорди рдорд╛рд╣реЗрд╢реНрд╡рд░реА рдиреНрдпреВрдЬ 24 рдореЗрдВ рд╕реАрдирд┐рдпрд░ рд╕рдм рдПрдбрд┐рдЯрд░ рдХреЗ рдкрдж рдкрд░ рдХрд╛рд░реНрдпрд░рдд рд╣реИрдВ. рд╡рд░реНрддрдорд╛рди рдореЗрдВ рдзрд░реНрдо рдФрд░ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖ рд╕реЗрдХреНрд╢рди рдХреЗ рд▓рд┐рдП рдЕрдкрдиреА рд╕реЗрд╡рд╛рдПрдВ рджреЗ рд░рд╣реЗ рд╣реИрдВ. рдзрд░реНрдо-рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖ рдореЗрдВ рдЕрдорди рдЕрдВрдХ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖, рд╡рд╛рд╕реНрддреБ, рдЧреНрд░рд╣ рдЧреЛрдЪрд░, рд╡реНрд░рдд-рддреНрдпреЛрд╣рд╛рд░ рд╕реЗ рдЬреБрдбрд╝реЗ рд╡рд┐рд╖рдпреЛрдВ рдкрд░ рд▓рд┐рдЦрддреЗ рд╣реИрдВ. рдЕрдорди рдиреЗ рджрд┐рд▓реНрд▓реА рд╡рд┐рд╢реНрд╡рд╡рд┐рджреНрдпрд╛рд▓рдп рдХреЗ рдбреЙ рднреАрдо рд░рд╛рд╡ рдЕрдВрдмреЗрдбрдХрд░ рдХреЙрд▓реЗрдЬ рд╕реЗ рдкрддреНрд░рдХрд╛рд░рд┐рддрд╛ рдореЗрдВ рдЧреНрд░реЗрдЬреБрдПрд╢рди (BJMC) рдФрд░ рдЙрддреНрддрд░ рдкреНрд░рджреЗрд╢ рд░рд╛рдЬрд░реНрд╖рд┐ рдЯрдВрдбрди рдореБрдХреНрдд рд╡рд┐рд╢реНрд╡рд╡рд┐рджреНрдпрд╛рд▓рдп рд╕реЗ рдкреЛрд╕реНрдЯ рдЧреНрд░реЗрдЬреБрдПрд╢рди (MJMC) рдХрд┐рдпрд╛ рд╣реИ. рдЕрдорди рдкрд┐рдЫрд▓реЗ 5 рд╕рд╛рд▓реЛрдВ рд╕реЗ рдбрд┐рдЬрд┐рдЯрд▓ рдореАрдбрд┐рдпрд╛ рдореЗрдВ рдХрд╛рд░реНрдпрд░рдд рд╣реИрдВ. рдЕрдорди рдиреЗ рдкрд╣рд▓реЗ рднреА рдзрд░реНрдо рдФрд░ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖ рдХреА рдмреАрдЯ рдкрд░ рдХрд╛рдо рдХрд┐рдпрд╛ рд╣реИ. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501

Read More

Aman Maheshwari

рдЕрдорди рдорд╛рд╣реЗрд╢реНрд╡рд░реА рдиреНрдпреВрдЬ 24 рдореЗрдВ рд╕реАрдирд┐рдпрд░ рд╕рдм рдПрдбрд┐рдЯрд░ рдХреЗ рдкрдж рдкрд░ рдХрд╛рд░реНрдпрд░рдд рд╣реИрдВ. рд╡рд░реНрддрдорд╛рди рдореЗрдВ рдзрд░реНрдо рдФрд░ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖ рд╕реЗрдХреНрд╢рди рдХреЗ рд▓рд┐рдП рдЕрдкрдиреА рд╕реЗрд╡рд╛рдПрдВ рджреЗ рд░рд╣реЗ рд╣реИрдВ. рдзрд░реНрдо-рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖ рдореЗрдВ рдЕрдорди рдЕрдВрдХ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖, рд╡рд╛рд╕реНрддреБ, рдЧреНрд░рд╣ рдЧреЛрдЪрд░, рд╡реНрд░рдд-рддреНрдпреЛрд╣рд╛рд░ рд╕реЗ рдЬреБрдбрд╝реЗ рд╡рд┐рд╖рдпреЛрдВ рдкрд░ рд▓рд┐рдЦрддреЗ рд╣реИрдВ. рдЕрдорди рдиреЗ рджрд┐рд▓реНрд▓реА рд╡рд┐рд╢реНрд╡рд╡рд┐рджреНрдпрд╛рд▓рдп рдХреЗ рдбреЙ рднреАрдо рд░рд╛рд╡ рдЕрдВрдмреЗрдбрдХрд░ рдХреЙрд▓реЗрдЬ рд╕реЗ рдкрддреНрд░рдХрд╛рд░рд┐рддрд╛ рдореЗрдВ рдЧреНрд░реЗрдЬреБрдПрд╢рди (BJMC) рдФрд░ рдЙрддреНрддрд░ рдкреНрд░рджреЗрд╢ рд░рд╛рдЬрд░реНрд╖рд┐ рдЯрдВрдбрди рдореБрдХреНрдд рд╡рд┐рд╢реНрд╡рд╡рд┐рджреНрдпрд╛рд▓рдп рд╕реЗ рдкреЛрд╕реНрдЯ рдЧреНрд░реЗрдЬреБрдПрд╢рди (MJMC) рдХрд┐рдпрд╛ рд╣реИ. рдЕрдорди рдкрд┐рдЫрд▓реЗ 5 рд╕рд╛рд▓реЛрдВ рд╕реЗ рдбрд┐рдЬрд┐рдЯрд▓ рдореАрдбрд┐рдпрд╛ рдореЗрдВ рдХрд╛рд░реНрдпрд░рдд рд╣реИрдВ. рдЕрдорди рдиреЗ рдкрд╣рд▓реЗ рднреА рдзрд░реНрдо рдФрд░ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖ рдХреА рдмреАрдЯ рдкрд░ рдХрд╛рдо рдХрд┐рдпрд╛ рд╣реИ. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501

Read More
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola