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Kaan pe Til: कान पर तिल होना धनवान बनाएगा या कंगाल? जानें कान पर तिल होने के शुभ-अशुभ मतलब

Kaan pe Til: शरीर पर तिल का होना एक प्राकृतिक लक्षण है। बहुत से लोग कान पर तिल होने को लेकर कई संदेह और भ्रांतियां पाल लेते हैं। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद उम्मीद है कि आपके बहुत सारे प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे और आपके अनेक संदेह भी समाप्त हो जाएंगे, तो आइए जानते हैं कि कान पर तिल होना क्या संकेत देता है और इसका जीवन पर क्या असर होता है?

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Kaan pe Til: शरीर तिल होना एक कुदरती और स्वाभाविक बात है, लेकिन इसे लेकर मन में ये उहापोह बना रहता है कि क्या यह शुभ है या अशुभ? सामुद्रिकी शास्त्र में शरीर के प्रत्येक अंगों पर तिल होने के मतलब को विस्तार बताया गया हैं। इसमें कान पर तिल होने के अर्थ और उसे परिणामों को भी समझाया गया है। आइए जानते हैं कि कान पर तिल होना शुभ है या अशुभ और जीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?

कान पर तिल शुभ या अशुभ?

सामुद्रिकी शास्त्र में पुरुष और स्त्री के लिए कान पर भी तिल होने को शुभ या अशुभ होना, उनके दाएं और बाएं भाग से निर्धारित किया जाता है। इस शास्त्र के अनुसार, पुरुषों के दाएं और स्त्रियों के बाएं कान पर तिल होना शुभ होता है। साथ ही, इस शास्त्र में पुरुषों के बाएं और स्त्रियों के दाएं कान पर तिल होने को न तो विशेष अशुभ बताया गया है और न ही इस पर खास चर्चा की गई है। इससे यह समझ आता है कि संभवतः इसका जीवन को कोई खास असर नहीं होता है। लेकिन कुछ सामुद्रिक शास्त्रियों का मत है कि यह स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है और स्वभाव में क्रोध या उग्रता ला सकता है।

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कान पर तिल का शुभ प्रभाव

  • सामुद्रिकी शास्त्र के मुताबिक, कान पर तिल वाले जातक बुद्धिमान होते हैं। वे बहुत जल्दी कुछ भी सीख सकते हैं, क्योंकि उनके पास सीखने और समझने की तेज क्षमता होती है।
  • मान्यता है कि कान पर तिल वाले लोग जीवन में आर्थिक सफलता हासिल कर धनवान बन सकते हैं। साथ ही, उन्हें जीवन में यह सफलता भी जल्दी प्राप्त हो जाती है।
  • जिनके कान पर तिल होता उनके बारे में देखा गया है के उनमें नेतृत्व करने की अच्छी क्षमता होती है। वे सेना और राजनीति में अच्छा योगदान कर सकते हैं।
  • यह भी देखा गया है कान पर तिल वाले लोग बहुत क्रिएटिव होते हैं और वे आत्मविश्वासी भी होते हैं।
  • कान पर तिल वाले जातक अच्छे कलाकार और वक्ता हो सकते हैं, क्योंकि उनमें अभिनय के साथ-साथ बातों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने की क्षमता होती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

First published on: May 21, 2024 08:30 AM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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