Kaalchakra: आज शरद पूर्णिमा की रात से जागेगा 12 राशियों का भाग्य, पंडित सुरेश पांडेय से जानें उपाय
Kaalchakra Today: आज 6 अक्टूबर 2025 को देशभर में शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है. आज के दिन माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा विशेषतौर पर की जाती है. आइए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं शरद पूर्णिमा की पूजा के शुभ मुहूर्त और चांद की रोशनी में खीर रखने के समय के बारे में.
Kaalchakra Today 6 October 2025: आज 6 अक्टूबर 2025, वार सोमवार को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है. शरद पूर्णिमा पर धन की देवी मां लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा का विधान है. साथ ही इस दिन खीर बनाई जाती है और उसे पूरी रात चांद की रोशनी में रखा जाता है. मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा यानी चंद्र देव अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होते हैं और आसमान से अमृत की वर्षा करते हैं, जबकि माता लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं. इसलिए इस दिन की गई पूजा सीधे देवी-देवताओं तक पहुंचती है. हालांकि, शरद पूर्णिमा पर कुछ विशेष उपाय करने भी शुभ रहते हैं.
आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको शरद पूर्णिमा पर राशि अनुसार करने वाले प्रभावशाली उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं. साथ ही आपको चंद्रोदय का सही समय पता चलेगा.
शरद पूर्णिमा की पूजा का शुभ मुहूर्त
चंद्रोदय- शाम 5 बजकर 27 मिनट पर
चर चौघड़िया- शाम 6:01 से शाम 7:33 मिनट तक
भद्रा काल- दोपहर 12:23 मिनट से लेकर रात 10:53 मिनट तक
चांद की रोशनी में खीर रखने का समय- रात 10:46 से सुबह 4:30 मिनट
शरद पूर्णिमा के उपाय
आज शाम को चंद्रोदय होते ही मां लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा करें. साथ ही श्री सूक्त, लक्ष्मी सूत्त के साथ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. लक्ष्मी पूजन में पुराने चांदी के सिक्के और रुपयों के साथ 7 कौड़ियां रखें. सभी पर केसर और हल्दी लगाएं, फिर उनकी पूजा करें. पूजा पूरी होने पर इनको अपनी तिजोरी में रख दें. इस उपाय से आपके घर में सुख और शांति का वास होगा. साथ ही धन की कमी दूर होने लगेगी.
दूध से चावल को धोकर उन्हें नदी में प्रवाहित कर दें.
वृषभ राशि
मंदिर में दही और गाय का घी दान करें.
चावल का दान करें.
विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें.
मिथुन राशि
दूध और चावल का दान करें.
यदि आप अन्य राशियों के उपाय के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Kaalchakra Today 6 October 2025: आज 6 अक्टूबर 2025, वार सोमवार को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है. शरद पूर्णिमा पर धन की देवी मां लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा का विधान है. साथ ही इस दिन खीर बनाई जाती है और उसे पूरी रात चांद की रोशनी में रखा जाता है. मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा यानी चंद्र देव अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होते हैं और आसमान से अमृत की वर्षा करते हैं, जबकि माता लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं. इसलिए इस दिन की गई पूजा सीधे देवी-देवताओं तक पहुंचती है. हालांकि, शरद पूर्णिमा पर कुछ विशेष उपाय करने भी शुभ रहते हैं.
आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको शरद पूर्णिमा पर राशि अनुसार करने वाले प्रभावशाली उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं. साथ ही आपको चंद्रोदय का सही समय पता चलेगा.
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शरद पूर्णिमा की पूजा का शुभ मुहूर्त
चंद्रोदय- शाम 5 बजकर 27 मिनट पर
चर चौघड़िया- शाम 6:01 से शाम 7:33 मिनट तक
भद्रा काल- दोपहर 12:23 मिनट से लेकर रात 10:53 मिनट तक
चांद की रोशनी में खीर रखने का समय- रात 10:46 से सुबह 4:30 मिनट
शरद पूर्णिमा के उपाय
आज शाम को चंद्रोदय होते ही मां लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा करें. साथ ही श्री सूक्त, लक्ष्मी सूत्त के साथ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. लक्ष्मी पूजन में पुराने चांदी के सिक्के और रुपयों के साथ 7 कौड़ियां रखें. सभी पर केसर और हल्दी लगाएं, फिर उनकी पूजा करें. पूजा पूरी होने पर इनको अपनी तिजोरी में रख दें. इस उपाय से आपके घर में सुख और शांति का वास होगा. साथ ही धन की कमी दूर होने लगेगी.