Kaalchakra Today 18 June 2026: आज 18 जून 2026, दिन गुरुवार को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है. चतुर्थी तिथि शाम को 6 बजकर 58 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. इसके बाद पंचमी तिथि का आरंभ होगा. आज के दिन पुष्य नक्षत्र सुबह 11 बजकर 32 मिनट तक रहने वाला है. इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र शुरू होगा. व्याघात योग शाम को 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. इसके बाद हर्षण योग लगेगा. आज गुरु पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बना हुआ है. आज राहुकाल दोपहर को 1 बजकर 30 मिनट से लेकर दोपहर को 3 बजे तक रहेगा. गुलिक काल सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक रहेगा. भद्रा काल शाम को 6 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. आज के कालचक्र शरीर के चक्र के बारे में जानते हैं.
मानव शरीर में मौजूद 7 चक्र का महत्व
व्यक्ति के शरीर में कुल 7 चक्र होते हैं. यह सभी चक्र मानव शरीर के मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को नियंत्रित करते हैं. मानव शरीर में मौजूद सात चक्र ऊर्जा को संतुलित करते हैं. यह शारीरिक ऊर्जा और भावनात्मक स्थिरता लाते हैं. यह सभी सातों चक्र मूलाधार चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र, मणिपुर चक्र, अनाहत चक्र, विशुद्ध चक्र, आज्ञा चक्र और सहस्त्रार चक्र इस प्रकार हैं. आइये इनके बारे में विस्तार से प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं.
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मूलाधार चक्र
शरीर में सबसे पहला चक्र मूलाधार चक्र को माना जाता है. यह रीढ़ की हड्डी के सबसे निचले हिस्से में यानी टेलबोन के नीचे होता है. मूलाधार चक्र पृथ्वी तत्व का चक्र है. मूलाधार चक्र से व्यक्ति की पर्सनैलिटी में निखार आता है. इस चक्र से व्यक्ति में वीरता, निर्भीकता और आनंद भाव का जागृत होता है. मूलाधार चक्र के अधिक सक्रिय होने पर व्यक्ति अक्रामक स्वभाव का हो जाता है. यह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करता है.
स्वाधिष्ठान चक्र
स्वाधिष्ठान चक्र शरीर में मूलाधार चक्र से करीब 3 सेंटीमीटर ऊपर होता है. यह शरीर का दूसरा प्रमुख चक्र माना जाता है. स्वाधिष्ठान चक्र जल तत्व का होता है. यह चक्र व्यक्ति को नकारात्मक चीजों से दूर रखता है. इस चक्र के संतुलित होने पर व्यक्ति ईमानदार और क्रिएटिव होता है. इसके अधिक सक्रिय होने पर व्यक्ति भावुक हो जाता है.
अन्य सभी सात चक्रों के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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मानव शरीर में मौजूद 7 चक्र का महत्व
व्यक्ति के शरीर में कुल 7 चक्र होते हैं. यह सभी चक्र मानव शरीर के मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को नियंत्रित करते हैं. मानव शरीर में मौजूद सात चक्र ऊर्जा को संतुलित करते हैं. यह शारीरिक ऊर्जा और भावनात्मक स्थिरता लाते हैं. यह सभी सातों चक्र मूलाधार चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र, मणिपुर चक्र, अनाहत चक्र, विशुद्ध चक्र, आज्ञा चक्र और सहस्त्रार चक्र इस प्रकार हैं. आइये इनके बारे में विस्तार से प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं.
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मूलाधार चक्र
शरीर में सबसे पहला चक्र मूलाधार चक्र को माना जाता है. यह रीढ़ की हड्डी के सबसे निचले हिस्से में यानी टेलबोन के नीचे होता है. मूलाधार चक्र पृथ्वी तत्व का चक्र है. मूलाधार चक्र से व्यक्ति की पर्सनैलिटी में निखार आता है. इस चक्र से व्यक्ति में वीरता, निर्भीकता और आनंद भाव का जागृत होता है. मूलाधार चक्र के अधिक सक्रिय होने पर व्यक्ति अक्रामक स्वभाव का हो जाता है. यह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करता है.
स्वाधिष्ठान चक्र
स्वाधिष्ठान चक्र शरीर में मूलाधार चक्र से करीब 3 सेंटीमीटर ऊपर होता है. यह शरीर का दूसरा प्रमुख चक्र माना जाता है. स्वाधिष्ठान चक्र जल तत्व का होता है. यह चक्र व्यक्ति को नकारात्मक चीजों से दूर रखता है. इस चक्र के संतुलित होने पर व्यक्ति ईमानदार और क्रिएटिव होता है. इसके अधिक सक्रिय होने पर व्यक्ति भावुक हो जाता है.
अन्य सभी सात चक्रों के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.