Nag Panchami 2026: सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है. इस बार नाग पंचमी 17 अगस्त को है. इसके साथ ही सावन के तीसरे सोमवार का संयोग बन रहा है. नाग पंचमी के दिन शिव जी और नाग देवता की पूजा की जाती है. आप नाग पंचमी पर शिवलिंग पर जलाभिषेक करें और इसके साथ ही नाग देवता की पूजा अर्चना करें. बता दें कि, नाग देवता का शिव से संबंध माना जाता है. भगवान शिव ने अपने गले में नागराज वासुकी को हार की तरह पहना हुआ है.
नाग पंचमी शुभ मुहूर्त (Nag Panchami Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त – 04:24 ए एम से 05:08 ए एम
प्रातः सन्ध्या – 04:46 ए एम से 05:51 ए एम
अभिजित मुहूर्त – 11:59 ए एम से 12:51 पी एम
गोधूलि मुहूर्त – 06:59 पी एम से 07:20 पी एम
सायाह्न सन्ध्या – 06:59 पी एम से 08:04 पी एम
निशिता मुहूर्त – 12:03 ए एम से 12:47 ए एम, 18 अगस्त
नाग पंचमी के दिन सभी शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहने वाले हैं. इसके साथ ही नाग पंचमी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 51 मिनट से लेकर 8 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. इस प्रकार 2 घंटे 37 मिनट के लिए पूजा का मुहूर्त प्राप्त हो रहा है.
ये भी पढ़ें – Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर करें कालसर्प दोष मुक्ति के उपाय, जीवन की मुश्किलों का होगा अंत, आएगी सुख-समृद्धि
नाग पंचमी पूजा विधि (Nag Panchami Puja Vidhi)
नाग पंचमी के दिन शिव भक्तों को नाग देवती की तस्वीर या चांदी के नाग की पूजा करनी चाहिए. आप नाग पंचमी के दिन सुबह उठकर स्नान आदि करें. इसके बाद साफ वस्त्र पहनें. पूजा स्थान की सफाई कर नाग देवता की तस्वीर या चांदी के नाग की स्थापना करें. नाग देवता को दूध और जल अर्पित करें. इसके बाद रोली, अक्षत, चंदन, फूल और दूर्वा अर्पित करें. नाग देवता के समक्ष धूप और दीप जलाएं. इसके बाद दूध का भोग लगाएं और आरती कर पूजा संपन्न करें. कालसर्प दोष से मुक्ति और महादेव के आशीर्वाद के लिए आपको नाग देवता की पूजा अवश्य करनी चाहिए.
नाग देवती की आरती (Nag Devta Ki Aarti)
श्रीनागदेव आरती पंचमीकी कीजै ।
तन मन धन सब अर्पण कीजै ।
नेत्र लाल भिरकुटी विशाला ।
चले बिन पैर सुने बिन काना ।
उनको अपना सर्वस्व दीजे।।
पाताल लोक में तेरा वासा ।
शंकर विघन विनायक नासा ।
भगतों का सर्व कष्ट हर लिजै।।
शीश मणि मुख विषम ज्वाला ।
दुष्ट जनों का करे निवाला ।
भगत तेरो अमृत रस पिजे।।
वेद पुराण सब महिमा गावें,
नारद शारद शीश नवावें॥
सावन मासे वर तुम दीजै,
आरती श्री नाग देव की कीजै॥
ये भी पढ़ें – Samudrik Shastra: शरीर के इन अंगों पर तिल होता है बेहद अशुभ, जानिए क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र?
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.