Kaalchakra: किस उंगली से कब और कैसे लगाना चाहिए तिलक? पंडित सुरेश पांडेय से जानें नियम-लाभ

Kaalchakra Today: क्या आप भी ऐसे ही किसी भी दिन अपने माथे पर तिलक लगा लेते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए. दरअसल, गलत तरीके व समय पर तिलक लगाने से हानि भी हो सकती है. चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानें तिलक लगाने से जुड़ी अहम बातों के बारे में.

Kaalchakra Today 24 June 2026

Credit- News24 Graphics

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Kaalchakra Today 24 June 2026: सनातन धर्म में तिलक लगाने का खास महत्व है. तिलक लगाने से न सिर्फ व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा का अहसास होता है, बल्कि कई धार्मिक लाभ भी होते हैं. हालांकि, गलत तरीके और समय पर तिलक लगाने से हानि भी हो सकती है. आज 24 जून 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको तिलक लगाने के महत्व, लाभ और नियम आदि के बारे में बताने जा रहे हैं.

तिलक के स्थान का महत्व

माथे पर तिलक के स्थान पर आज्ञाचक्र होता है, जो हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है. यहीं शरीर की प्रमुख तीन नाड़ियां इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना आकर मिलती हैं. इस स्थान को त्रिवेणी, संगम और मन का घर भी कहा जाता है. इस स्थान पर तिलक धारण करने से बीटाएंडोरफिन सेरोटोनिन नामक रसायनों का स्राव संतुलित मात्रा में होने लगता है, जिससे डिप्रेशन का नाश होकर मस्तिष्क को शांति मिलती है. साथ ही ये स्थान शरीर में सबसे ज्यादा पूजनीय होता है. बता दें कि स्नान, दान, तप, देव और पितृ कर्म करते समय अगर तिलक न लगा हो तो ये सभी कार्य निष्फल हो जाते हैं.

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तिलक लगाने के लाभ

  • तिलक लगाने से शरीर और मन में सात्विकता बढ़ती है.
  • माथे पर तिलक लगाने से शांति और ऊर्जा की प्राप्ति होती है.
  • एकाग्रता बढ़ती है.
  • सौभाग्य में वृद्धि होती है.
  • आत्मविश्वास और आत्मबल बढ़ता है.
  • दिमाग शांत रहता है.
  • कई तरह की मानसिक बीमारियों से व्यक्ति का बचाव होता है.

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तिलक लगाने से जुड़े जरूरी नियम

  • शिव पूजन में भस्म या सफेद चंदन का ही तिलक लगाना चाहिए.
  • शुभ कार्यों में रोली और अक्षत का तिलक लगाएं.
  • त्योहारों में कुमकुम और हल्दी का तिलक लगाएं.
  • सबसे पहले तिलक अपने ईष्टदेव, गुरु और फिर पिता को लगाएं. इसके बाद आप अपने माथे पर तिलक लगा सकते हैं.
  • बिना स्नान किए तिलक नहीं लगाना चाहिए.
  • देवी-देवताओं का अनामिका उंगली से ही तिलक करें, बाकि लोगों को अंगूठा और अनामिका उंगली मिलाकर तिलक करें.

किस उंगली से तिलक करने से क्या लाभ होता है?

  • अनामिका उंगली के मूल में सूर्य का स्थान होता है. इस उंगली से तिलक लगाने से आज्ञा चक्र सक्रिय होता है, जिससे बुद्धि, विवेक और एकाग्रता बढ़ती है. इस उंगली से भगवान, गुरु या किसी अन्य व्यक्ति की मंगल कामना के लिए तिलक करना चाहिए.
  • मध्यमा उंगली से खुद को तिलक लगाने से आयु में वृद्धि होती है.

यदि आप जानना चाहते हैं कि अन्य उंगलियों से तिलक लगाने से क्या लाभ होता है तो उसके लिए ये वीडियो जरूर देखें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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