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Kaalchakra: इन दिशाओं में भूलकर भी न बनाएं पूजा घर, पंडित सुरेश पांडेय से जानें मंदिर की शुभ-अशुभ दिशा

Kaalchakra Today: मंदिर को एक पवित्र स्थान माना जाता है, जिसका घर की सही दिशा में होना बेहद जरूरी है. चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं मंदिर की शुभ-अशुभ दिशा और पूजा घर से जुड़े अन्य वास्तु नियमों के बारे में.

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Kaalchakra Today 5 June 2026: अधिकतर लोगों के घर में मंदिर होता है. जहां कुछ लोग पूरा एक कमरा मंदिर को समर्पित कर देते हैं. वहीं, कई लोग किसी कोने में या दीवार पर मंदिर स्थापित करते हैं. हालांकि, ऐसे ही किसी भी जगह पर मंदिर बनाना शुभ नहीं होता है. वास्तु शास्त्र में मंदिर की शुभ-अशुभ दिशाओं का उल्लेख किया गया है. मान्यता है कि सही दिशा में मंदिर को स्थापित करने से उसकी ऊर्जा बढ़ जाती है और घर वालों को लाभ होता है. वहीं, अशुभ दिशा में मंदिर बनवाने व स्थापित करने से वास्तु दोष लगता है. साथ ही घर वाले किसी न किसी संकट में घिरे रहते हैं. इसलिए मंदिर की सही दिशा का चुनाव करना बेहद जरूरी है.

आज 5 जून 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको बताएंगे कि घर की किस दिशा में मंदिर होना चाहिए. साथ ही अशुभ दिशा और उसके कारण होने वाली परेशानियों के बारे में आप यहां पर जानेंगे.

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दक्षिण-पश्चिम दिशा

दक्षिण-पश्चिम दिशा में पूजा घर होना शुभ नहीं होता है. इस दिशा की ऊर्जा देवी-देवताओं की पूजा के लिए सकारात्मक नहीं होती है.

प्रभाव-

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  • व्यक्ति लोभी बनता है.
  • व्यक्ति पेट का रोगी बन सकता है.
  • ऐसे लोग किसी भी सफलता या सुख से संतुष्ट नहीं होते हैं.
  • आर्थिक संकट आने की संभावना ज्यादा रहती है.
  • कारोबार में घाटा होता है.
  • पैसा फंसने की संभावना प्रबल होती है.

पूजन-

इस दिशा में भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है. साथ ही पितृ पूजा करना शुभ रहता है.

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उत्तर-पूर्व

पूजा घर का उत्तर-पूर्व में होना शुभ होता है. प्रात: काल में उत्तर-पूर्व में पृथ्वी की चुंबकीय ऊर्जा, सूर्य ऊर्जा, वायुमंडल, ब्रह्मांड से मिलने वाली ऊर्जा और शक्तियों का शुभ प्रभाव पड़ता है. बता दें कि उत्तर-पूर्व दिशा इश्वर का कोना है, जहां देवी-देवता वास करते हैं. हालांकि, ईशान कोण देव गुरु बृहस्पति, ब्रह्मा जी और विष्णु जी का भी कोण है.

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प्रभाव-

  • परिवार के लोगों का मन सात्विक रहेगा.
  • सेहत अच्छी रहेगी.
  • आयु लंबी होती है.
  • परिवार के लोग समझदार होते हैं.

यदि आप जानना चाहते हैं कि और किस दिशा में मंदिर रखना शुभ व अशुभ होता है तो उसके लिए ये वीडियो जरूर देखें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Jun 05, 2026 11:21 AM

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