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Kaalchakra: शुक्र-शनि की युति कब होती है फलदायी और हानिकारक? जानें पंडित सुरेश पांडेय से

Kaalchakra News24 Today: ज्योतिष में शुक्र और शनि की युति का खास महत्व है, जिसका अशुभ और शुभ प्रभाव 12 राशियों के ऊपर समय-समय पर पड़ता है। आइए पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं शुक्र और शनि की युति कब लाभदायी और कब हानिकारक रहती है।

Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: शुक्र और शनि दोनों ग्रहों का ज्योतिष में खास महत्व है। शुक्र जहां 25 से 26 दिन में राशि परिवर्तन करते हैं। वहीं शनि सबसे धीमी गति से चाल चलते हैं। शुक्र को प्रेम, धन, वैभव और सुख-समृद्धि आदि का प्रतीक माना जाता है, जिसका सीधा संबंध सिनेमा, टीवी और मनोरंजन जैसे क्रिएटिव चीजों से है। वहीं शनि को कर्मफल और न्याय का देवता माना गया है, जो संघर्ष, विपत्ति, चोर, पुलिस, जेल, दुर्घटना और दुख से जुड़े हैं।

जब-जब इन दोनों ग्रहों का गोचर होता है, तो उसका मिलाजुला प्रभाव 12 राशियों के ऊपर पड़ता है। ग्रह गोचर के अलावा शुक्र और शनि की युति का भी गहरा प्रभाव सभी राशियों की जिंदगी पर पड़ता है। आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको बताने जा रहे हैं कि शुक्र और शनि की युति कब-कब किस-किस राशियों के लोगों के लिए शुभ और अशुभ रहती है।

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कब शुभ फल देती है शुक्र-शनि की युति?

  • जिन लोगों की कुंडली के दूसरे भाव में शुक्र और शनि की युति शुभ होती है, उनका समाज में नाम होता है। कारोबार व करियर में सफलता मिलती है। साथ ही व्यक्ति को घर, गाड़ी और पैतृक संपत्ति आदि का सुख मिलता है।
  • कुंडली के तीसरे भाव में शुक्र और शनि की युति का बनना भी शुभ माना जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को पिता से धन लाभ होता है। रिश्तेदारों और ससुराल वालों से संबंध मजबूत होते हैं और मेहनत का पूर्ण फल मिलता है।

कब अशुभ रहती है शुक्र-शनि की युति?

  • मेष, सिंह, वृश्चिक, कर्क, मीन और धनु लग्न वाले जातकों के लिए शुक्र और शनि की युति शुभ नहीं रहती है। युति के प्रभाव से रिश्तों में परेशानियां उत्पन्न होती हैं।
  • जिन लोगों की कुंडली में शुक्र और शनि शुभ स्थिति में विराजमान नहीं होते हैं, उनके दांपत्य जीवन में हमेशा क्लेश रहता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति कई बार खुद को अकेला महसूस करता है।
  • जिन लोगों के ऊपर शुक्र या शनि की परस्पर दशा चल रही होती है, उन्हें कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा व्यक्ति का लिवर या पेंक्रियाज भी प्रभावित होता है।
  • वहीं जिन लोगों के ऊपर शुक्र या शनि की अंतर्दशा चल रही होती है, उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
  • जिन लोगों की कुंडली में शुक्र, कर्मफल दाता शनि से ज्यादा अच्छी स्थिति में विराजमान होते हैं, वो अपने से कम उम्र की महिला या पुरुष की ओर जल्दी आकर्षित होते हैं।
  • जिन लोगों की कुंडली के पहले भाव में शुक्र और शनि की युति बनती है, उन्हें सेहत संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पारिवारिक जीवन में सदा क्लेश रहता है। इसके अलावा व्यक्ति हमेशा परेशान रहता है।

शुक्र और शनि की युति के बारे में यदि आप विस्तार से जानना चाहते हैं, तो इसके लिए ये वीडियो जरूर देखें। 

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ये भी पढ़ें- Chandra Gochar 2024: चंद्र ने किया गोचर; 3 राशियों की बढ़ेगी टेंशन, सेहत होगी खराब!

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Dec 29, 2024 11:17 AM

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Nidhi Jain

निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. पिछले 3 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रही हैं. न्यूज 24 से जुड़ने से पहले निधि जैन दिल्ली प्रेस संस्थान में कार्यरत थीं. निधि ने Guru Jambheshwar University, Hisar Haryana से BJMC (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई की है.

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