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Kaalchakra: अश्विन माह में इन चीजों के दान से चमक जाएगी किस्मत, पंडित सुरेश पांडेय से जानें महत्व और नियम

Kaalchakra Today: पूजा-पाठ के लिए हिंदू धर्म के सातवें महीने आश्विन को बेहद खास माना जाता है। साथ ही इस दौरान दान करने से साधक को मनचाही इच्छा की प्राप्ति होती है। चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं आश्विन माह के महत्व, नियम और दान करने के लाभ आदि के बारे में।

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Kaalchakra Today 9 September 2025: हिंदू धर्म के सातवें महीने आश्विन का आरंभ हो गया है। द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2025 में 8 सितंबर से लेकर 7 अक्टूबर तक आश्विन माह चलेगा। आश्विन मास का संबंध अश्विनौ से है, जो सूर्य के दो पुत्र और देवताओं के चिकित्सक हैं। देव और पितरों दोनों के लिए ये महीना महत्वपूर्ण है, जिस दौरान सूर्य ग्रह कमजोर होने लगता है। आश्विन नक्षत्र युक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम आश्विन पड़ा है। इसके अलावा इस महीने को पितृपक्ष महालय के नाम से भी जाना जाता है। इसमें 15 दिनों तक पितरों की शांति के लिए पूजा, दान औप तर्पण किया जाता है, जबकि शुक्ल पक्ष में नवरात्रि का त्योहार आता है। शुक्ल पक्ष के 9 दिन शक्ति प्रदान करने वाले होते हैं। इसलिए इस महीने में पितरों का आशीर्वाद और मां दुर्गा दोनों की कृपा मिलती है।

आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको अश्विन माह में दान करने के महत्व और नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं।

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आश्विन अमावस्या और पूर्णिमा का महत्व

आश्विन माह की अमावस्या और पूर्णिमा तिथि का भी खास महत्व होता है, जिस दौरान व्रत रखने और पूजा-पाठ करने से साधक को विशेष लाभ होता है। लेकिन जब आश्विन महीने में अमावस्या मंगलवार के दिन पड़ती है, तो उसे शुभ नहीं माना जाता है। इससे रोग बढ़ते हैं, धन का नाश होता है और पापों में वृद्धि होती है। हालांकि, इस बार 21 सितंबर, वार रविवार को आश्विन अमावस्या है।

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आश्विन माह में दान करने का महत्व

  • आश्विन माह में ब्राह्मणों को घी का दान करना चाहिए।
  • शिव पुराण के अनुसार, आश्विन माह में धान्य यानी धान का दान करने से अन्न और धन में वृद्धि होती है।
  • अग्नि पुराण के अनुसार, आश्विन महीने में गाय का घी, दूध, दही और अन्न का दान करने से रोग से मुक्ति मिलती है।

आश्विन माह के नियम

  • मूली, बैंगन, मसूर की दाल और केरला न खाएं।
  • नियमित रूप से दूध का सेवन करें।
  • हल्के गुनगुने पानी से स्नान करें।
  • रोज सूर्य देव की पूजा करें।
  • कोई भी शुभ कार्य न करें।
  • ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करें।
  • अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • किसी से झगड़ा न करें और नकारात्मक चीजों से दूर रहें।
  • मां दुर्गा के सप्तशती का पाठ करें।
  • पितरों के उद्धार के लिए विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • तामसिक भोजन का परहेज करें।

यदि आप आश्विन माह में करने वाले अन्य नियमों के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Sep 09, 2025 10:43 AM

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