---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Religion angle-right

Jitiya Vrat 2025: рдЗрди 10 рдирд┐рдпрдореЛрдВ рдХреЗ рдкрд╛рд▓рди рдмрд┐рдирд╛ рдЕрдзреВрд░рд╛ рд╣реИ рдЬрд┐рддрд┐рдпрд╛ рд╡реНрд░рдд, рдЬрд╛рдиреЗрдВ рдХреНрдпрд╛ рдХрд░реЗрдВ рдФрд░ рдХреНрдпрд╛ рдирд╣реАрдВ?

Jitiya Vrat Niyam: 13 рд╕рд┐рддрдВрдмрд░ 2025 рдХреЛ рдирд╣рд╛рдп-рдЦрд╛рдп рдХреЗ рд╕рд╛рде рдЬрд┐рддрд┐рдпрд╛ рд╡реНрд░рдд рдХрд╛ рдЖрд░рдВрдн рд╣реЛ рдЧрдпрд╛ рд╣реИ, рдЬреЛ рдЕрдЧрд▓реЗ рджреЛ рджрд┐рди рддрдХ рдЪрд▓реЗрдЧрд╛. 14 рд╕рд┐рддрдВрдмрд░ рдХреЛ рдирд┐рд░реНрдЬрд▓рд╛ рд╡реНрд░рдд рд░рдЦрд╛ рдЬрд╛рдПрдЧрд╛, рдЬрд┐рд╕рдХрд╛ рдкрд╛рд░рдг рдЕрдЧрд▓реЗ рджрд┐рди рд╕реВрд░реНрдп рджреЗрд╡ рдХреЛ рдЕрд░реНрдШреНрдп рджреЗрдХрд░ рд╣реЛрдЧрд╛. рд╣рд╛рд▓рд╛рдВрдХрд┐, рдЗрди рддреАрдиреЛрдВ рджрд┐рди рдХреБрдЫ рд╡рд┐рд╢реЗрд╖ рдирд┐рдпрдореЛрдВ рдХрд╛ рдкрд╛рд▓рди рдХрд░рдирд╛ рдЬрд░реВрд░реА рд╣реЛрддрд╛ рд╣реИ. рдЪрд▓рд┐рдП рдЬрд╛рдирддреЗ рд╣реИрдВ рдЬрд┐рддрд┐рдпрд╛ рд╡реНрд░рдд рдХреЗ рджреМрд░рд╛рди рдХреНрдпрд╛ рдХрд░рдирд╛ рдЪрд╛рд╣рд┐рдП рдФрд░ рдХреНрдпрд╛ рдирд╣реАрдВ?

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Jitiya Vrat 2025 Niyam: जितिया व्रत, जिसे जीवित्पुत्रिका और जिउतिया व्रत भी कहा जाता है, उससे संतानवती महिलाओं की खास आस्था जुड़ी है. ये व्रत माताएं अपने बच्चे की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और तरक्की के लिए रखती हैं. मुख्यतौर पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के कई शहरों में इस व्रत को रखने की परंपरा है. द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर जितिया व्रत रखा जाता है, लेकिन व्रत का आरंभ एक दिन पहले सप्तमी तिथि और पारण अगले दिन नवमी तिथि पर होता है.

इस बार 14 सितंबर 2025 को जितिया का मुख्य निर्जला व्रत रखा जाएगा, जिससे एक दिन पहले नहाय-खाय होगा. तीन दिनों तक चलने वाला ये व्रत काफी कठिन होता है, जिस दौरान कई नियमों का पालन करना होता है. चलिए जानते हैं जितिया व्रत के 10 जरूरी नियमों के बारे में.

---विज्ञापन---

जितिया व्रत में क्या करें और क्या नहीं?

  • जितिया व्रत का पहला दिन ‘नहाय-खाय’ के रूप में मनाया जाता है, जिस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले स्नान करके भोजन करती हैं.
  • नहाय-खाय के अगले दिन निर्जला व्रत रखा जाता है, जिसका आरंभ सूर्योदय से पहले और समापन अगले दिन सूर्योदय के बाद होता है. इस दिन महिलाएं ब्रह्म मुहूर्त में स्नान आदि कार्य करने के बाद ओठगन की रस्म करती हैं और व्रत का संकल्प लेती हैं. फिर शाम में कुश के बने भगवान जीमूतवाहन की पूजा की जाती है. चील और सियार की गाय के गोबर से मूर्ति बनाई जाती है और उनकी पूजा होती है, जिसके बाद कथा सुनी व पढ़ी जाती है और तर्पण किया जाता है.
  • अगले दिन सूर्य देव को अर्घ्य देकर और सात्विक भोजन करके व्रत का पारण किया जाता है. व्रत पूर्ण होने के बाद जरूरतमंदों को दान जरूर देना चाहिए.

ये भी पढ़ें- Video: जितिया व्रत में सुनें ये पौराणिक कथा, बच्चों की आयु और खुशियों में होगी वृद्धि

जितिया व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त

Jitiya Vrat

जितिया व्रत के नियम

  1. स्नान आदि कार्य और सूर्य देव को अर्घ्य देने के पश्चात ही जितिया व्रत का आरंभ करना चाहिए.
  2. पहले दिन केवल एक बार ही सूर्योदय से पहले सात्विक भोजन करना चाहिए, जिसमें मरुवा की रोटी और नोनी का साग जरूर होना चाहिए.
  3. यदि आपने व्रत का संकल्प ले लिया है तो उसे बीच में न तोड़ें.
  4. यदि एक बार आपने व्रत रखना शुरू कर दिया है, तो उसके बाद हर साल व्रत रखना जरूरी होता है.
  5. तीसरे दिन व्रत का पारण रागी की रोटी, चावल, नोनी का साग और तोरई की सब्जी खाकर करना चाहिए और भूलकर भी इस दिन तामसिक चीजें न खाएं.
  6. तीन दिन तक ब्रह्मचर्य का पालन करें.
  7. व्रत के दौरान मन में गलत विचार न आने दें और नकारात्मक चीजों से दूर रहें.
  8. व्रत के दौरान ज्यादा बातचीत न करें और ध्यान लगाएं.
  9. इन तीनों दिन दोपहर के समय सोने से बचें.
  10. व्रती को इन तीनों दिन बिस्तर पर न तो बैठना चाहिए और न ही सोना चाहिए. भूमि पर दरी डालकर उस पर आप विश्राम कर सकती हैं.

ये भी पढ़ें- Jitiya Vrat पर राशि अनुसार करें दान, बच्चों के उज्जवल भविष्य और अच्छी सेहत का मिलेगा आशीर्वाद

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Sep 13, 2025 09:15 AM

End of Article

About the Author

Nidhi Jain

рдирд┐рдзрд┐ рдХреА рдкрдврд╝рдиреЗ рдФрд░ рд▓рд┐рдЦрдиреЗ рдореЗрдВ рд╣рдореЗрд╢рд╛ рд╕реЗ рд░реБрдЪрд┐ рд░рд╣реА рд╣реИ. рдЗрдиреНрд╣реЛрдВрдиреЗ рдЕрдкрдиреЗ рдХрд░рд┐рдпрд░ рдХреА рд╢реБрд░реБрдЖрдд рдкреНрд░рддрд┐рд╖реНрдард┐рдд рдиреНрдпреВрдЬрдкреЗрдкрд░ рдореЗрдВ рдиреНрдпреВрдЬ рд░рд╛рдЗрдЯрд┐рдВрдЧ рд╕реЗ рдХреА рдереА, рдЬрд┐рд╕рдХреЗ рдмрд╛рдж рджреЗрд╢-рд╡рд┐рджреЗрд╢, рд▓рд╛рдЗрдлрд╕реНрдЯрд╛рдЗрд▓, рдзрд░реНрдо рдФрд░ рдЖрдзреНрдпрд╛рддреНрдорд┐рдХ рд╡рд┐рд╖рдпреЛрдВ рдкрд░ рд╡реНрдпрд╛рдкрдХ рдЕрдзреНрдпрдпрди рдХрд┐рдпрд╛. рдЕрдм рдкрд┐рдЫрд▓реЗ 4 рд╕рд╛рд▓ рд╕реЗ рд╡рд╣ рдбрд┐рдЬрд┐рдЯрд▓ рдореАрдбрд┐рдпрд╛ рд╕реЗ рдЬреБрдбрд╝реА рд╣реБрдИ рд╣реИрдВ. рд╡рд░реНрддрдорд╛рди рдореЗрдВ News24┬ардореЗрдВ┬ардзрд░реНрдо┬ардФрд░┬ардЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖┬ард╕реЗрдХреНрд╢рди рдореЗрдВ рдХрд╛рдо рдХрд░ рд░рд╣реА рд╣реИрдВ.

ЁЯУз Email: nidhi.jain@bagconvergence.in

ЁЯРж Twitter/X: https://x.com/jainidhi125?

Read More

Nidhi Jain

рдирд┐рдзрд┐ рдХреА рдкрдврд╝рдиреЗ рдФрд░ рд▓рд┐рдЦрдиреЗ рдореЗрдВ рд╣рдореЗрд╢рд╛ рд╕реЗ рд░реБрдЪрд┐ рд░рд╣реА рд╣реИ. рдЗрдиреНрд╣реЛрдВрдиреЗ рдЕрдкрдиреЗ рдХрд░рд┐рдпрд░ рдХреА рд╢реБрд░реБрдЖрдд рдкреНрд░рддрд┐рд╖реНрдард┐рдд рдиреНрдпреВрдЬрдкреЗрдкрд░ рдореЗрдВ рдиреНрдпреВрдЬ рд░рд╛рдЗрдЯрд┐рдВрдЧ рд╕реЗ рдХреА рдереА, рдЬрд┐рд╕рдХреЗ рдмрд╛рдж рджреЗрд╢-рд╡рд┐рджреЗрд╢, рд▓рд╛рдЗрдлрд╕реНрдЯрд╛рдЗрд▓, рдзрд░реНрдо рдФрд░ рдЖрдзреНрдпрд╛рддреНрдорд┐рдХ рд╡рд┐рд╖рдпреЛрдВ рдкрд░ рд╡реНрдпрд╛рдкрдХ рдЕрдзреНрдпрдпрди рдХрд┐рдпрд╛. рдЕрдм рдкрд┐рдЫрд▓реЗ 4 рд╕рд╛рд▓ рд╕реЗ рд╡рд╣ рдбрд┐рдЬрд┐рдЯрд▓ рдореАрдбрд┐рдпрд╛ рд╕реЗ рдЬреБрдбрд╝реА рд╣реБрдИ рд╣реИрдВ. рд╡рд░реНрддрдорд╛рди рдореЗрдВ News24┬ардореЗрдВ┬ардзрд░реНрдо┬ардФрд░┬ардЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖┬ард╕реЗрдХреНрд╢рди рдореЗрдВ рдХрд╛рдо рдХрд░ рд░рд╣реА рд╣реИрдВ.

ЁЯУз Email: nidhi.jain@bagconvergence.in

ЁЯРж Twitter/X: https://x.com/jainidhi125?

Read More
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola