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Jaya Ekadashi 2026 Today: आज जया एकादशी पर जानें पूजा का मुहूर्त, विधि और सुख-समृद्धि के 3 खास उपाय

Jaya Ekadashi 2026 Today: आज भगवान विष्णु को समर्पित जया एकादशी का पावन व्रत रखा जा रहा है. मान्यता है कि यह व्रत श्रद्धा, संयम और विश्वास के साथ रखने पर इसका प्रभाव जीवन में लंबे समय तक महसूस किया जाता है. आइए जानते हैं, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि क्या हैं और सुख-समृद्धि कौन-से खास उपाय करने चाहिए?

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Jaya Ekadashi 2026 Today: आज गुरुवार 29 जनवरी 2026 को भगवान विष्णु को समर्पित जया एकादशी का पावन व्रत श्रद्धा और नियम के साथ किया जा रहा है. यह माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी है और वर्ष 2026 की दूसरी एकादशी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जया एकादशी का व्रत जीवन से नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है और भक्त को सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्रदान करता है. खास बात यह है कि इस दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से कठिन से कठिन बाधाओं से भी मुक्ति मिलती है. आइए जानते हैं, आज विष्णु पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि क्या हैं और सुख-समृद्धि कौन-से खास उपाय करने चाहिए?

जया एकादशी का धार्मिक महत्व

जया एकादशी का उल्लेख कई पुराणों में मिलता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति पिशाच योनि जैसी बाधाओं से मुक्त होता है. यह एकादशी आत्मशुद्धि और पुण्य वृद्धि का विशेष अवसर मानी जाती है. जो भक्त पूरे विधि विधान से व्रत रखते हैं, उनके जीवन में स्थिरता और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं.

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जया एकादशी व्रत का फल

जया एकादशी का व्रत रखने से पुराने पापों का क्षय होता है. मन शांत रहता है और सोच में स्पष्टता आती है. नौकरी, व्यापार और पारिवारिक जीवन में आ रही रुकावटें धीरे धीरे दूर होने लगती हैं. यह व्रत खास तौर पर उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है, जो लंबे समय से संघर्ष के दौर से गुजर रहे हैं.

जया एकादशी 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त

आज एकादशी तिथि का समापन दोपहर 01:55 PM पर होगा. रात 08:28 PM तक इंद्र योग रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना गया है. पूजा के लिए अभिजित मुहूर्त सबसे श्रेष्ठ है. यह दोपहर 12:29 PM से 01:14 PM तक रहेगा. इस समय में की गई पूजा विशेष फलदायी मानी गई है.

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जया एकादशी व्रत पारण का समय

एकादशी व्रत का पारण कल यानी 30 जनवरी 2026 को किया जाएगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, पारण का शुभ समय सुबह 07:10 AM से 09:20 AM के बीच रहेगा. इसी समय में व्रत खोलना उत्तम माना जाता है.

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जया एकादशी की सरल पूजा विधि

भोर में उठकर स्नान करें और मन में व्रत का संकल्प लें.
सही मुहूर्त में स्वच्छ वस्त्र पहनें, पूजा स्थल को साफ करें और चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं.
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें.
गंगाजल या पंचामृत से भगवान का अभिषेक करें.
पीला चंदन, पीले फूल और वस्त्र अर्पित करें.
फल और मिष्ठान का भोग लगाएं, जिसमें तुलसी दल अवश्य रखें.
गाय के घी का दीपक जलाएं.
सत्यनारायण भगवान की कथा पढ़ें या सुनें.
इसके साथ ही ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें.
अंत में भगवान विष्णु की आरती करें.

जया एकादशी पर करें ये उपाय

केसर और पीले पुष्प का अर्पण

आज के दिन भगवान विष्णु को केसर मिले दूध से अभिषेक करें. पीले फूल और पीले फल अर्पित करें. इससे ग्रह दोष शांत होते हैं और धन संबंधी अड़चनें कम होती हैं.

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तुलसी की जड़ में दीपदान

शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं. तीन या सात बार परिक्रमा करें. इससे घर का वातावरण सकारात्मक होता है और मानसिक तनाव कम होता है.

जरूरतमंदों को अन्न दान

इस दिन अन्न और वस्त्र का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है. इससे पुण्य की वृद्धि होती है और जीवन में आने वाली अदृश्य बाधाएं दूर होती हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Jan 29, 2026 03:24 AM

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Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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