Holika Dahan 2026 Date And Time: भारतीय संस्कृति में होलिका दहन के पर्व को आस्था, भक्ति, विश्वास, शुद्धिकरण और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है. ये पर्व भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा को याद दिलाता है. इस दिन होलिका दहन के माध्यम से नकारात्मकता और बुराइयों का दहन किया जाता है. हालांकि, पिछले वर्ष 2025 की तरह इस बार भी होलिका दहन की सही तिथि और समय को लेकर लोगों के बीच असमंजस बना हुआ है. काशी से प्रकाशित पंचांगों के अनुसार ज्योतिषाचार्य पं. सत्यम विष्णु अवस्थी ने ग्रह-नक्षत्र और भद्रा काल के आधार पर 2 मार्च 2026 को होलिका दहन करना शुभ बताया है.
चलिए जानते हैं उस कारण के बारे में, जिसकी वजह से 2 मार्च 2026 को होलिका दहन करना शुभ रहेगा. साथ ही आपको होलिका जलाने के शुभ मुहूर्त और अन्य मुख्य बातों के बारे में पता चलेगा.
2 मार्च 2026 को कब करें होलिका दहन? (2 march ko kab kare holika dahan)
ज्योतिषाचार्य पं. सत्यम विष्णु अवस्थी बताते हैं कि होलिका दहन (2026 mein holika dahan kab hai date and time) का पर्व फाल्गुन मास की भद्रा रहित पूर्णिमा तिथि को मनाना चाहिए. काशी से प्रकाशित पंचांगों के अनुसार, इस वर्ष पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026, दिन सोमवार को सायंकाल 05 बजकर 18 मिनट पर लग जाएगी, जो कि 3 मार्च 2026, मंगलवार को दोपहर 04 बजकर 33 मिनट तक रहेगी. वहीं, भद्रा 2 मार्च 2026, दिन सोमवार को शाम 05 बजकर 18 मिनट पर लग जाएगी, जो कि रात्रि में 04 बजकर 56 मिनट तक रहेगी.
शास्त्रों के अनुसार, भद्रा में होलिका दहन कदापि नहीं करना चाहिए. यदि भद्रा संपूर्ण रात्रि रहती है तो भद्रा का मुख परित्याग करके भद्रा पुच्छ में होलिका दहन करना चाहिए. इसके अनुसार होलिका दहन (holika dahan shubh muhurat 2026) का पर्व 2 मार्च 2026, दिन सोमवार को रात में 11 बजकर 53 मिनट से रात्रि 01 बजकर 26 मिनट तक करना शास्त्रोक्त रहेगा.
होलिका दहन में क्या डालना चाहिए? (holika dahan me kya dalna chahiye)
धार्मिक मान्यता के अनुसार, होलिका दहन में सूखा नारियल, घी, लौंग, फूल, गेहूं, गुलाल, गोबर के उपले, बताशे, नई फसल, काला तिल, कपूर, पीली सरसों, फल, रोली, हल्दी की गांठ, अक्षत और जौ आदि पूजा सामग्री अर्पित (holika dahan me kya dalte hain) करना शुभ माना गया है.
ये भी पढ़ें- Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के दिन कौन-सा ग्रह किस राशि में रहेगा? जानें सूतक काल और 12 राशियों का हाल
किन लोगों को नहीं देखनी चाहिए जलती हुई होलिका? (holika dahan kin logon ko nahin dekhna chahie)
- नवजात
- छोटे बच्चे
- गर्भवती महिलाएं
- नवविवाहित महिलाएं
- बीमार और बुजुर्ग लोग
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Holika Dahan 2026 Date And Time: भारतीय संस्कृति में होलिका दहन के पर्व को आस्था, भक्ति, विश्वास, शुद्धिकरण और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है. ये पर्व भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा को याद दिलाता है. इस दिन होलिका दहन के माध्यम से नकारात्मकता और बुराइयों का दहन किया जाता है. हालांकि, पिछले वर्ष 2025 की तरह इस बार भी होलिका दहन की सही तिथि और समय को लेकर लोगों के बीच असमंजस बना हुआ है. काशी से प्रकाशित पंचांगों के अनुसार ज्योतिषाचार्य पं. सत्यम विष्णु अवस्थी ने ग्रह-नक्षत्र और भद्रा काल के आधार पर 2 मार्च 2026 को होलिका दहन करना शुभ बताया है.
चलिए जानते हैं उस कारण के बारे में, जिसकी वजह से 2 मार्च 2026 को होलिका दहन करना शुभ रहेगा. साथ ही आपको होलिका जलाने के शुभ मुहूर्त और अन्य मुख्य बातों के बारे में पता चलेगा.
2 मार्च 2026 को कब करें होलिका दहन? (2 march ko kab kare holika dahan)
ज्योतिषाचार्य पं. सत्यम विष्णु अवस्थी बताते हैं कि होलिका दहन (2026 mein holika dahan kab hai date and time) का पर्व फाल्गुन मास की भद्रा रहित पूर्णिमा तिथि को मनाना चाहिए. काशी से प्रकाशित पंचांगों के अनुसार, इस वर्ष पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026, दिन सोमवार को सायंकाल 05 बजकर 18 मिनट पर लग जाएगी, जो कि 3 मार्च 2026, मंगलवार को दोपहर 04 बजकर 33 मिनट तक रहेगी. वहीं, भद्रा 2 मार्च 2026, दिन सोमवार को शाम 05 बजकर 18 मिनट पर लग जाएगी, जो कि रात्रि में 04 बजकर 56 मिनट तक रहेगी.
शास्त्रों के अनुसार, भद्रा में होलिका दहन कदापि नहीं करना चाहिए. यदि भद्रा संपूर्ण रात्रि रहती है तो भद्रा का मुख परित्याग करके भद्रा पुच्छ में होलिका दहन करना चाहिए. इसके अनुसार होलिका दहन (holika dahan shubh muhurat 2026) का पर्व 2 मार्च 2026, दिन सोमवार को रात में 11 बजकर 53 मिनट से रात्रि 01 बजकर 26 मिनट तक करना शास्त्रोक्त रहेगा.
होलिका दहन में क्या डालना चाहिए? (holika dahan me kya dalna chahiye)
धार्मिक मान्यता के अनुसार, होलिका दहन में सूखा नारियल, घी, लौंग, फूल, गेहूं, गुलाल, गोबर के उपले, बताशे, नई फसल, काला तिल, कपूर, पीली सरसों, फल, रोली, हल्दी की गांठ, अक्षत और जौ आदि पूजा सामग्री अर्पित (holika dahan me kya dalte hain) करना शुभ माना गया है.
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किन लोगों को नहीं देखनी चाहिए जलती हुई होलिका? (holika dahan kin logon ko nahin dekhna chahie)
- नवजात
- छोटे बच्चे
- गर्भवती महिलाएं
- नवविवाहित महिलाएं
- बीमार और बुजुर्ग लोग
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.