---विज्ञापन---

Religion angle-right

Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी पर क्यों करते हैं आंवले की पूजा, जानें महत्व और प्राप्त होने वाले लाभ

Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि को मनाते हैं और इस दिन भगवान विष्णु के साथ आंवले के वृक्ष और फल की पूजा करते हैं. आइए जानते हैं कि आमलकी एकादशी पर आंवले की पूजा क्यों की जाती है, इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व क्या है और इस व्रत से भक्तों को कौन से पुण्य फल प्राप्त होते हैं?

---विज्ञापन---

Amalaki Ekadashi 2026: फाल्गुन मास की शुक्ल एकादशी का दिन भक्तों के लिए खास महत्व रखता है. इस तिथि को आमलकी एकादशी के रूप में मनाया जाता है, जब भगवान विष्णु की उपासना के साथ आंवले के वृक्ष की भी विधि विधान से पूजा की जाती है. धार्मिक आस्था, पौराणिक मान्यताओं और आयुर्वेदिक गुणों का यह अनोखा संगम इस पर्व को और भी विशेष बना देता है. आइए जानते हैं, आंवले की पूजा क्यों की जाती है, इसका आध्यात्मिक महत्व क्या है और इस दिन व्रत रखने से कौन से पुण्य फल प्राप्त होते हैं?

आमलकी एकादशी 2026 कब है?

वर्ष 2026 में यह व्रत 27 फरवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 26 फरवरी 2026 को रात 12:33 बजे से शुरू होगी. तिथि का समापन 27 फरवरी 2026 को रात 10:32 बजे होगा. व्रत का पारण 28 फरवरी को सुबह 06:47 से 09:06 बजे के बीच किया जाएगा.

---विज्ञापन---

आंवला क्यों है खास

धार्मिक मान्यता है कि आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास होता है. Padma Purana में भी इसका उल्लेख मिलता है. मान्यता के अनुसार जड़ में विष्णु, तने में शिव और ऊपरी भाग में ब्रह्मा का निवास माना गया है. शास्त्रों में इसे आदि वृक्ष कहा गया है. कहा जाता है कि सृष्टि की रचना के समय इसकी उत्पत्ति हुई. इसी कारण यह वृक्ष सृजन और जीवन शक्ति का प्रतीक माना जाता है.

यह भी पढ़ें: Holika Dahan 2026: होलिका की अग्नि में गेहूं की हरी बालियां और चने की फलियां क्यों डालते हैं, जानें होली के रिवाज

---विज्ञापन---

व्रत और पूजा का महत्व

आमलकी एकादशी पर व्रत रखने से पापों का क्षय होता है. मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है. मान्यता है कि इस दिन का पुण्य हजार गौदान के बराबर माना गया है. आंवले के वृक्ष का दर्शन करने से एक गौदान का फल मिलता है. स्पर्श करने से दोगुना फल मिलता है. इसका फल खाने से तीन गुना पुण्य प्राप्त होता है. आंवले के जल से स्नान और दान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है.

सेहत और श्रद्धा का संगम

आंवला आयुर्वेद में अमृत समान माना गया है. यह विटामिन सी से भरपूर होता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. बदलते मौसम में इसका सेवन शरीर को मजबूती देता है. धार्मिक दृष्टि से यह पवित्रता का प्रतीक है. कई लोग इस दिन आंवले का वृक्ष लगाते भी हैं. इससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश मिलता है.

---विज्ञापन---

ऐसे करें सरल पूजा

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें. भगवान विष्णु की पूजा करें. आंवले के वृक्ष पर जल चढ़ाएं. दीपक जलाएं. परिक्रमा करें. फल और प्रसाद बांटें. यह पर्व भक्ति, प्रकृति और स्वास्थ्य का अनोखा मेल है. हर वर्ष श्रद्धालु इस दिन पूजा कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं.

यह भी पढ़ें: Shiani Rashi Parivartan: मीन से मेष में गोचर कर नीच के हो जाएंगे शनि, ढाई साल तक इन राशियों का हाल रहेगा बेहाल

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Feb 25, 2026 11:22 AM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 𝕀𝕟 ~ LinkedIn:
https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 𝕏 ~ Twitter/X: @Shyamnandan_K 𝔽 ~ facebook: https://www.facebook.com/shyamnandank73

Read More

Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 𝕀𝕟 ~ LinkedIn:
https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 𝕏 ~ Twitter/X: @Shyamnandan_K 𝔽 ~ facebook: https://www.facebook.com/shyamnandank73

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola