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हेरंब संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी भरेंगे धन-धान्य से 12 राशियों का घर! जानें तिथि और उपाय

Heramba Sankashti Chaturthi 2024: हर साल देशभर में हेरंब संकष्टी चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान गणेश के स्वरूप हेरंब देव की पूजा करता है, उसे अपनी सभी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। आइए जानते हैं इस बार हेरंब संकष्टी चतुर्थी का व्रत कब रखा जाएगा और इस दिन कौन-कौन से उपाय करने लाभदायक रहेंगे।

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Heramba Sankashti Chaturthi 2024: भगवान गणेश को विद्या-विवेक, धर्म-कर्म और विजय का देवता माना जाता है। पूजा-पाठ का आरंभ करने से भगवान गणेश की उपासना करना शुभ होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति सच्चे मन से गणपति बप्पा की आराधना करता है, उनके जीवन में सदा खुशहाली बनी रहती है। हर साल भाद्रपद के महीने में आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन हेरंब संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है, जो भगवान गणेश के 32 स्वरूपों में से एक हेरम्ब देवता को समर्पित है।

हेरम्ब जी को दुर्बलों का रक्षक भी माना जाता है, जिनके 10 हाथ और 5 मुख हैं। उनका एक हाथ वरदान की मुद्रा में है और अन्य 9 हाथों में मोदक, फंदा, माला, अंकुश, माला, दूर्वा, फल और कुल्हाड़ी है। चलिए जानते हैं इस बार हेरंब संकष्टी चतुर्थी का व्रत कब रखा जाएगा और इस दिन कौन-कौन से उपाय करने लाभदायक रहेंगे।

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हेरंब संकष्टी चतुर्थी कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद मास में आने वाली कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी तिथि के दिन हेरंब संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। इस बार संकष्टी चतुर्थी का आरंभ 22 अगस्त को दोपहर 01:46 मिनट से हो रहा है, जिसका समापन 23 अगस्त को सुबह 10:38 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर हेरंब संकष्टी चतुर्थी का व्रत 22 अगस्त 2024 को रखा जाएगा।

इस दिन पूजा का विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 37 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 29 मिनट तक है। वहीं चंद्र देव के दर्शन का शुभ मुहूर्त रात 08:51 मिनट है। इस दौरान चंद्र देव की पूजा करें और उन्हें जल से अर्घ्य भी दें।

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हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि

  • चतुर्थी तिथि के दिन सूर्योदय के समय उठकर स्नान आदि कार्य करने के बाद शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा करें और व्रत का संकल्प लें।
  • गणेश जी को फूल, फल, सिंदूर, अक्षत, माला और दूर्वा अर्पित करें।
  • इसी के साथ उन्हें मोदक का भोग लगाएं।
  • गणेश जी के सामने घी की दीपक जलाएं। इस दौरान गणेश मंत्र का उच्चारण करें।
  • अंत में देवता की आरती करें।
  • रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत को खोलें।

हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी के उपाय

  • हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को सिंदूर जरूर अर्पित करना चाहिए। इससे आपके जीवन में प्रेम बना रहेगा और दुश्मनों से लड़ने की शक्ति मिलेगी।
  • व्रत के दिन गणेश जी को 4 मोदक का भोग जरूर लगाएं। इस उपाय से आपके जीवन में मिठास बनी रहेगी। साथ ही आपकी हर मुराद जल्द पूरी हो सकती है।
  • हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को बूंदी के लड्डू का भोग लगाने से देवता का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा घर-परिवार में धन-धान्य और समृद्धि का वास होगा।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धर्मिक मान्यता पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Aug 13, 2024 12:27 PM

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